अभिजीत कुमार-
एक हफ्ते से लालू यादव के घर में कलह की खबर चल रही है… मुझे आशंका है कि लालू यादव, मुलायम सिंह की तरह अपना परिवार बचाने में लगे हैं… तेज प्रताप को घर से निकालना उन्हें सेफ करने की ओर इशारा सा लग रहा है..
ऐसा मैं इसलिए कह रहा हूं क्योंकि मुलायम सिंह यादव ने अपने आखिरी समय से पहले, जीवित रहते ही अपर्णा को बीजेपी में शामिल करा दिया.. जिससे प्रतीक का परिवार सेफ रहे.. और अगर कभी अखिलेश पर कोई दिक्कत आए तो प्रतीक पार्टी को टेकओवर कर लें.. हालांकि प्रतीक यादव राजनीति में नहीं हैं…
लालू परिवार के लिए ऐसा क्यों कह रहा हूं, इसके 2 बड़े कारण हैं।
पहला कारण– लैंड फॉर जॉब मामले में रोहिणी आचार्य आरोपी नहीं हैं.. शायद इसलिए ये सब हो रहा है… संभवत: लालू जानते हैं कि सजा के बाद परिवार अलग-थलग हो जाएगा… पार्टी भी टूट जाएगी.. इसलिए परिवार के लोगों को ऐसा करके सेफ करते जा रहे हैं… तेज प्रताप यादव आरोपी हैं लेकिन उनके खिलाफ कोई खास सबूत नहीं है.. तेज प्रताप और उनकी बहन हेमा यादव को कोर्ट ने मार्च 2025 में 50-50 हजार के मुचलके पर जमानत दे दी थी.. लेकिन मामले में लालू, राबड़ी और तेजस्वी से नियमित पूछताछ होती रहती है।
लालू परिवार से कौन-कौन है आरोपी?
लालू प्रसाद यादव, राबड़ी देवी, तेज प्रताप यादव, तेजस्वी यादव, मीसा भारती, हेमा यादव…
दूसरा कारण– संभवत: लालू यादव को एक डर ये भी रहा होगा कि बिहार चुनाव के दौरान या नतीजों के तुरंत बाद लैंड फॉर जॉब मामले में कोर्ट का फैसला आ जाए… और लालू परिवार को जेल हो जाए.. ऐसे में तेज प्रताप यादव की पार्टी को RJD के विधायक समर्थन देकर सीएम बना दें… इससे पार्टी के नेता भी तितर-बितर नहीं होंगे और उनका ही दूसरा बेटा प्रदेश का सीएम बन जाएगा..
एक आशंका ये भी लोगों को परिवार की कलह दिखाकर लालू यादव कुछ बड़ा प्लान कर रहे हों! खैर, समय के साथ सभी बातों का पता चल ही जाएगा।
ये भी पढ़ें…
बिहार में ‘कैश-फॉर-वोट’ की गूंज : ट्रक, अंधेरा और कूड़े में वीवीपैट; आयोग पर ‘धृतराष्ट्र’ होने का ठप्पा!



