Connect with us

Hi, what are you looking for?

Local News Community

सुख-दुख

सहारा ग्रुप में नंबर दो के अधिकारी ओपी श्रीवास्तव को नहीं मिली जमानत!

कोलकाता। सहारा ग्रुप में नंबर दो के अधिकारी एवं कंपनी के उप प्रबंध कार्यकर्ता ओपी श्रीवास्तव को फिलहाल जमानत नहीं मिली है। कोलकाता के पीएमएलए कोर्ट में 17 दिसंबर को ओपी श्रीवास्तव और अनिल अब्राहम की तरफ से जमानत की याचिका लगायी थी जिसे पीएमएलए कोर्ट ने खारिज करके अगली सुनवाई की तिथि 22 दिसंबर निर्धारित कर दी।

सहारा ग्रुप के इन दो वरिष्ठ अधिकारियों के लिए दिल्ली से वकीलों की पूरी फौज आई थी। कोर्ट वकीलों से खचाखच भरा था। ईडी की तरफ से पेश वकील ने तथ्यों के साथ कोर्ट में इन दोनों अधिकारियों की जमानत का भरपूर विरोध किया। इसके अलावा एक एनजीओ की तरफ की तरफ से पेश अधिवक्ता ने भी इन दोनों अधिकारियों की जमानत का विरोध किया। जिस पर सहारा की तरफ से पेश अधिवक्ताओं ने आपत्ति दाखिल की और जमानत देने के पक्ष में अपने तर्क रखे।

सहारा की तरफ पेश वकीलो ने हर हाल में जज से जमानत स्वीकार करने का अनुरोध किया। कोर्ट में बहस के दौरान एक समय ऐसा भी आया, जब सहारा के वकीलों की फौज ने ईडी की तरफ से पेश वकील का बहस के दौरान टीका टिप्पणी करते हुए विरोध किया तो जज को हस्तक्षेप करना पड़ा और तब जाकर मामला शांत हुआ। जज ने सहारा के अधिवक्ताओं को नसीहत देते हुए कहा जब आधा घंटा कोर्ट ने आपको सुना तो 15 मिनट यदि ईडी के वकील को सुन रह हूं तो इसमें आप लोगों को दिक्कत क्यों हो रही है।

दोनों पक्षों की सुनने के बाद वह पीएमएलए कोर्ट के जज ने जमानत के लिए अगली सुनवाई की थी 22 दिसंबर निर्धारित कर दी।

संबंधित खबर…

ओपी श्रीवास्तव पर जमानत पाने के लिए फर्जी कैंसर का ग्राउंड बनाने का आरोप!

Pahad Ki Dada: Hill Mail Uttarakhand
CosmoQuick: AI Recruitment For Media Jobs
1 Comment

1 Comment

  1. Anil Varshney

    December 20, 2025 at 9:01 pm

    My daughter Priyanka was a regular investor in Sahara because once she invested and he group didn’t allowed exit but everytime she was forced to shift in different schemes on maturity she requested maturity withdrawal but denied by shara. Last year in Sahara refund portal she submitted for Rs 7 Lakhs but portal paid only Rs 10000/Ten Thousand only. Seems Amit SHAH made her fool by getting in portal. Case of Giridih Town under Bokaro region. What she should do. Maturity was in 2018.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

भड़ास लीगल टीम : Bhadas Legal Team

भड़ास मेल: [email protected]

Latest 100 भड़ास

विज्ञापन