जी न्यूज के वरिष्ठ संवाददाता राहुल शुक्ला ने आत्महत्या के पहले फेसबुक पर लिखी थे ये कविता

Ashwini Sharma : बावरा मन देखने चला एक सपना… आखिर ऐसा कौन सा सपना था जिसे देखने की ख्वाहिश लिए जी न्यूज के वरिष्ठ संवाददाता राहुल शुक्ला ने इस दुनिया को अलविदा कह दिया..उसने मुंबई के चांदिवली में फांसी लगाकर जान दे दी..राहुल की खुदकुशी की जानकारी मेरी पूर्व सहयोगी हर्षा ने मुझे कल रात को दी और तब से ही मेरा मन बेचैन हो उठा..साल 2009 में पहली बार राहुल मुझसे टीवी9 महाराष्ट्र में काम करने के दौरान मिला था..

राहुल की पहली नौकरी थी..कभी भी मैंने राहुल के मुरझाए चेहरे को नहीं देखा था..हमेशा मुस्कराता हुआ किसी भी टास्क को करने के लिए तैयार रहता..यही वजह है कि वो अपने सहकर्मियों का चहेता था..और बड़ी लगन से काम करते हुए वो जी न्यूज में वरिष्ठ संवाददाता के पद पर पहुंचा था..लेकिन आज राहुल नहीं है और मैं ही नहीं उसके वो तमाम साथी सदमे में हैं जो कभी ना कभी राहुल के साथ काम कर चुके हैं..

सब यही कह रहे हैं कि आखिर सबके दुखों का साथी राहुल इतना अकेला क्यों था..उसने खुदकुशी से पहले फेसबुक पर कई ऐसी कविताएं पोस्ट की जो उसके गहरे विशाद में होने का भाव पेश करती हैं..राहुल ने चंद दिन पहले एक कविता लिखी जिसमे किसी परछाई का जिक्र है..वो परछाई आखिर क्या थी..आखिर वो क्यों राहुल का पीछा कर रही थी..राहुल ने लिखा था..

एक परछाई पीछे भागती है..
ना जाने कहां से आती है..
मैं रूकता हूं वो छिप जाती है..
मैं दौड़ता हूं वो दबे पांव फिर आती है..
हर दिन छलती है, हर दिन हंसती है..
शाम होते ही छिप जाती है..

पूरी कविता का स्क्रीनशाट ये है…

मलाल इस बात का भी है कि आभासी दुनिया और रीयल दुनिया में अनगिनत दोस्त होने के बाद भी किसी को राहुल का दर्द क्यों नहीं दिखा…राहुल ने किसी से अपना दर्द खुलकर क्यों नहीं शेयर किया और अगर ऐसा हो जाता तो आज राहुल हमारे बीच होता…ईश्वर से यही प्रार्थना है राहुल की आत्मा को शांति दें…

मुंबई समेत कई शहरों में कई न्यूज चैनलों के लिए काम कर चुके और इन दिनों लखनऊ में पदस्थ टीवी पत्रकार अश्विनी शर्मा की एफबी वॉल से.

इसे भी पढ़ें…

कृपया हमें अनुसरण करें और हमें पसंद करें:

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *