आईबीसी24 में नौकरी के लिए आवेदन करने वाले मेरी ये पोस्ट जरूर पढ़ें : अश्विनी शर्मा

अगर आप खुद को ईमानदार समझते हैं.. आपकी नीयत भी साफ है लेकिन फिर भी आप पर कोई सवाल खड़ा कर रहा है तो मुंहतोड़ जवाब देना ही चाहिए.. आज मैं भी एमपी-छत्तीसगढ़़ के स्वघोषित नंबर वन न्यूज़ चैनल आईबीसी24 के प्रबंधन के रवैये पर निराशा वक्त करता हूं.. आईबीसी24 ने बड़े ही शातिराना तरीके …

ब्रेकिंग न्यूज़ लिखते-लिखते जब हम खुद ही ब्रेक हो गए…

Ashwini Sharma :  ”ब्रेकिंग न्यूज़ लिखते लिखते जब हम खुद ही ब्रेक हो गए…, अपनों ने झाड़ा पल्ला जो बनते थे ख़ुदा वो भी किनारे हो गए..” साल 2005 में मुंबई इन टाइम न्यूज़ चैनल के बंद होने के बाद मैंने ये पंक्तियां लिखी थीं..तब मेरे साथ इन टाइम के बहुत से पत्रकार बेरोज़गार हुए थे..कुछ को तो नौकरी मिल गई लेकिन कुछ बदहाली के दौर में पहुंच गए..वैसे ये कोई नई बात नहीं है कई चैनल अखबार बड़े बड़े दावों के साथ बाज़ार में उतरते हैं..बातें बड़ी बड़ी होती हैं लेकिन अचानक गाड़ी पटरी से उतर जाती है..जो लोग साथ चल रहे होते हैं वो अचानक मुंह मोड़ लेते हैं..जो नेता अफसर कैमरा और माइक देखकर आपकी तरफ लपकते थे वो भी दूरी बना लेते हैं..

पढ़ाकू अमर भइया जब लड़कियों को देखते तो बिना कमेंट कसे रह नहीं पाते थे!

Ashwini Sharma : बीएचयू में पढ़ाई के दौरान मेरी अमर भइया से पहचान हुई ..अकसर वो बीएचयू की लाइब्रेरी में पढ़ाई करते मुझे मिल जाते थे..आमतौर पर वो बेहद शांत दिखते थे लेकिन जब वो महिला हॉस्टल के पास से निकलते थे या फिर किसी छात्रा को आते जाते देखते थे तो उनका असली चेहरा सामने आ जाता था..वो लड़कियों पर बिना कमेंट कसे नहीं रह पाते थे..

शानदार वायस ओवर के लिए ब्रजेश मिश्र ने की अश्विनी शर्मा की तारीफ

“भाई मैं तो आपकी आवाज का फैन हो गया”..अगर ये सब कुछ आपके चैनल के मालिक और एडिटर इन चीफ की मुख से वो भी न्यूज रुम में सुनने को मिले तो वाकई किसी का भी हौसला बढ़ता है..कल आजादी की वर्षगांठ के दिन लखनऊ में भारत समाचार के दफ्तर में शाम को चैनल के मुखिया और यूपी में पत्रकारिता का दूसरा नाम कहे जाने वाले ब्रजेश मिश्रा सर ने न केवल मेरी वॉयस ओवर के लिए सबसे ताली बजवाई बल्की खुद भी मेरा हाथ मिलाकर मेरे हौसले को सातवें आसमान पर पहुंचा दिया..

जी न्यूज के वरिष्ठ संवाददाता राहुल शुक्ला ने आत्महत्या के पहले फेसबुक पर लिखी थे ये कविता

Ashwini Sharma : बावरा मन देखने चला एक सपना… आखिर ऐसा कौन सा सपना था जिसे देखने की ख्वाहिश लिए जी न्यूज के वरिष्ठ संवाददाता राहुल शुक्ला ने इस दुनिया को अलविदा कह दिया..उसने मुंबई के चांदिवली में फांसी लगाकर जान दे दी..राहुल की खुदकुशी की जानकारी मेरी पूर्व सहयोगी हर्षा ने मुझे कल रात को दी और तब से ही मेरा मन बेचैन हो उठा..साल 2009 में पहली बार राहुल मुझसे टीवी9 महाराष्ट्र में काम करने के दौरान मिला था..

महानदी, पैरी एवं सोढूर नदियों के संगम स्थल पर राजिम कुंभ में आस्थावानों का मेला

रायपुर से करीब चालीस किमी दूर गरियाबंद जिले के राजिम कुंभ मेले में पहुंचकर जैसे आत्मा तृप्त हो गई.. छत्तीसगढ़ सरकार में मंत्री बृजमोहन अग्रवाल के निजी सचिव मनोज शुक्ला जी ने मेरे लिए कुंभ स्थल तक जाने का प्रबंध किया.. कुंभ मेले में पहुंच कर मैंने बेहद विहंगम दृश्य देखा..जिधर भी मेरी नजर गई साधू संत भक्ति में लीन मिले.. यही नहीं दूर दराज से आए आम जन भी धुनी रमाए हुए आस्था के सागर में गोते लगाते मिले..

यह संत तो दरिद्रों की पूजा करता है (देखें वीडियो)

स्वामी बाल नाथ के साथ पत्रकार अश्विनी शर्मा. दूसरी एक पुरानी तस्वीर में एक अनाथ बच्चे के साथ दिख रहे हैं स्वामी बाल नाथ.

Ashwini Sharma : ”अपने लिए जिए तो क्या जिए… ऐ दिल तू जी ज़माने के लिए…” नववर्ष के पहले दिन स्वामी बालनाथ जी से मिलकर वाकई लगा कि हमारे आस पास ऐसे लोगों की कमी नहीं है जिनके लिए इंसानियत की सेवा ही सब कुछ है..स्वामी बालनाथ के बारे मैं मैंने जितना कुछ सुन रखा था उससे कहीं ज्यादा मुझे आज देखने को मिला..स्वामी बालनाथ के गाजियाबाद स्थित सेवानगर आश्रम में जब मैं पहुंचा तो उन्हें कुछ लोगों की पूजा कर उनके पैरों को पानी से धोकर पीते हुए पाया..वाकई आजतक मैंने ऐसा पहले नहीं देखा था..

पत्रकार अश्विनी शर्मा और लक्ष्मीकांत दुबे सड़क दुर्घटना में घायल, रजत अमरनाथ को हार्ट अटैक

तीन पत्रकारों के संबंध में दुखद खबरें हैं. दिल्ली में एपीएन न्यूज चैनल में कार्यरत बनारस निवासी पत्रकार अश्विनी शर्मा और कई अखबारों में काम कर चुके गोरखपुर निवासी पत्रकार लक्ष्मीकांत दुबे अलग-अलग सड़क हादसों में गंभीर रूप से घायल हो गए हैं. इनका इलाज चल रहा है. अश्विनी और लक्ष्मीकांत दोनों को हाथ, माथे और पैर में चोट लगी है. दोनों का ही इलाज नोएडा के अलग-अलग अस्पतालों में चल रहा है.

भाजपा में मोदी के बाद सर्वाधिक भीड़ बटोरू और डिमांडिंग नेता बने सांसद व गायक मनोज तिवारी!

उत्तर पूर्वी दिल्ली के सांसद और भोजपुरी फिल्म, गीत-संगीत के सुपर स्टार मनोज तिवारी के बारे में एक नई जानकारी अपडेट कर लें. हरियाणा और महाराष्ट्र चुनावों में जिस कदर इनकी सभाओं में भीड़ उमड़ी है, उसका जब एनालिसिस किया गया तो पता चला कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बाद भाजपा में सबसे बड़े भीड़ बटोरू नेता बन गए हैं मनोज तिवारी. जी हां, यह सच है. इसी आधार पर भाजपा के अंदरखाने मनोज तिवारी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बाद भाजपा का सबसे बड़ा स्टार प्रचारक कहा-माने जाने लगा है. चुनावों के दौरान मनोज तिवारी की भाजपा के अंदर बढ़ती डिमांड से भी पता चलता है कि उनकी राजनीतिक हैसियत बीजेपी में काफी बड़ी हो गई है.