रूबी प्रकरण : आईएएस एकेडमी के डिप्टी डाइरेक्टर का अखबारों को नोटिस, एक करोड़ हर्जाना मांगा

देहरादून : रूबी चौधरी प्रकरण में अपनी छीछालेदर से बौखलाए आईएएस एकेडमी के डिप्टी डाइरेक्टर सौरभ जैन ने देहरादून के अखबारों को मानहानि का नोटिस देकर एक करोड़ रुपए हर्जाना मांगा है। उधर, मसूरी की लालबहादुर शास्त्री एकेडमी में फर्जी ट्रेनी आईएएस बनकर रही रूबी चौधरी को लेकर देहरादून पुलिस मंगलवार को मेरठ पहुंची और गंगानगर में उसके रिश्तेदारों से पांच घंटे पूछताछ की। यह भी पता चला है कि एकेडमी प्रशासन ने फ़ोन टेप होने की आशंका में सभी कर्मचारियों के फ़ोन नंबर तलब कर लिए हैं। बाहर के लोगों से कर्मचारियों संपर्क नहीं होने दिए जा रहे हैं।

गौरतलब है कि मसूरी स्थित आईएएस ट्रेनिंग एकेडमी में रूबी चौधरी ट्रेनी आईएएस ऑफिसर बनकर करीब छह महीने से अकादमी में रह रही थी। इस मामले के खुलासे के बाद रूबी ने अकादमी के अधिकारी सौरभ जैन पर कई गंभीर आरोप लगाए थे। बाद में उसे एक होटल से गिरफ्तार कर लिया गया था।

पुलिस की नजर अब रूबी चौधरी के लैपटाप पर है। गढ़वाल रेंज के डीआईजी गुंज्याल ने बताया कि चार दिन की रिमांड पर ली गई रूबी चौधरी की निशानदेही पर उसका लैपटॉप और दूसरे कागजात बरामद करना पुलिस कार्यवाही की प्राथमिकता में है। लैपटॉप से महत्वपूर्ण जानकारियां हासिल होने की उम्मीद है। एसआईटी रूबी चौधरी से नए सिरे से पूछताछ कर पूरे मामले की तह तक जाएगी।

इस बीच पता चला है कि एकेडमी के डिप्टी डायरेक्टर सौरव जैन अबतक मीडिया से दूरी बनाए हुए हैं। उन्होंने देहरादून के अखबारों को मानहानि का नोटिस देकर एक करोड़ रुपए हर्जाना मांगा है। हैप्पी वैली स्थित उनके सरकारी आवास पर मीडिया वालों की इंट्री इन दिनो खासतौर से प्रतिबंधित बताई जाती है। बंदूकधारी सुरक्षा गार्ड मीडिया को उनके आवासीय परिसर में प्रवेश नहीं करने दे रहे हैं। डिप्टी डायरेक्टर सौरव जैन के साथ ही डाइरेक्टर राजीव कपूर आदि अन्य कोई अधिकारी भी रूबी चौधरी प्रकरण पर कुछ बोलने को तैयार नहीं है।

मसूरी की लालबहादुर शास्त्री एकेडमी में फर्जी ट्रेनी आईएएस बनकर रही रूबी चौधरी को लेकर देहरादून पुलिस मंगलवार को मेरठ पहुंची। यहां गंगानगर स्थित गंगासागर कालोनी में रूबी के रिश्तेदारों से पांच घंटे तके पूछताछ की। फरवरी में रूबी गंगासागर में ही रही थी। मंगलवार को मामले की जांच करने के लिए देहरादून पुलिस रूबी के वकील अरुण खन्ना के साथ गंगासागर कालोनी के एफ-83 मकान में पहुंची। 

मसूरी थाने के एसएचओ चंदन सिंह बिष्ट और पुलिसकर्मियों के साथ रूबी के मामा अजय पंवार भी थे। गंगासागर में रूबी के रिश्तेदार किरनपाल का है। किरनपाल रूबी के पति वीरेन्द्र मलिक के जीजा हैं। पुलिसकर्मियों ने बंद मकान में रूबी से पूछताछ कर लगभग पांच घंटे तक उसकी पढ़ाई और ट्रेनिंग से संबधित कागजात की जांच की। शाम सवा आठ बजे करीब पुलिस रूबी के साथ बच्चपार्क स्थित आईएएस कोचिंग सेंटर पर पहुंच गई। इस कोचिंग सेंटर से रूबी ने आईएएस के लिए तैयारी की थी। रूबी के एडवोकेट अरुण खन्ना ने दावा किया कि एकेडेमी के डायरेक्टर सौरभ जैन ने रूबी को लाइब्रेयिन की पोस्ट का लालच देकर बुलाया था। जॉब का सौदा बीस लाख रुपये में हुआ था, जिसमें से पांच लाख रुपये सौरभ जैन को दिए भी जा चुके हैं। इस मामले में सौरभ जैन के खिलाफ भी मुकदमा दायर कराने की तैयारी की जा रही है। 

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