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सौरभ द्विवेदी ऐसे पत्रकार हैं जिन्हें पक्ष और विपक्ष दोनों साइड के चेले कोसते हैं!

सिद्धार्थ अरोड़ा सहर-

एक पत्रकार जिसे पक्ष और विपक्ष दोनों ही पसंद करें, वो कितना बड़ा खाऊ और डरपोक होगा, इसका अंदाज़ा कोई भी लगा सकता है। लेकिन सौरभ द्विवेदी ऐसे पत्रकार हैं जिसे पक्ष और विपक्ष; दोनों साइड के चेले कोसते और विरोधी दल का बिकाऊ आदमी कहते आए हैं।

पर मेरे लिए सौरभ द्विवेदी और लल्लनटॉप दो अलग-अलग एन्टिटी नहीं बल्कि एक ही पार्टी थे। अभी ख़बर पढ़ी कि सौरभ ने लल्लनटॉप छोड़ दिया, तो भरोसा ही नहीं हुआ। फिर सौरभ की पोस्ट देखी तो वहाँ कमेन्ट में भी लोग ऐसे सवाल करते मिले कि मानों सौरभ ने लल्लनटॉप नहीं बल्कि आत्मा ने शरीर त्याग दिया हो।

सहमति-असहमति अपनी जगह है, पर मुझे गेस्ट इन द न्यूज़ रूम के कुछ इंटरव्यूज़ हमेशा-हमेशा याद रहेंगे और इनके लिए मैं सौरभ को कोटि-कोटि धन्यवाद दूँगा।

तीसरा वो इंटरव्यू जिसमें दलेर मेहंदी अपनी बात कहते-कहते रोने लगे और सौरभ पूरे सब्र के साथ, उनके चुप होने का इंतेज़ार करते रहे, उन्हें दिलासा देते रहे। एक ब्रेक भी दिया उन्होंने, लेकिन जब बात वापस शुरु हुई तो सौरभ ने वही सवाल किया जिसपर बात अटकी थी… ये मुझे बहुत अच्छा लगा।

दूसरा इंटरव्यू आमिर खान वाला कमाल था। 5 घंटे तक पूरे सब्र के साथ हर वो सवाल किया जो हम पूछना चाहते थे। भले ही आमिर अपनी पहली शादी के टूटने का सही कारण आँसुओं में घोंट गए, पर सौरभ ने सवाल करने में कोई कमी छोड़ी।

अब पहला इंटरव्यू – इरफ़ान खान का सौरभ के छोटे से दफ़्तर में आना और खड़े-खड़े ही बात करना क्योंकि बैठने की भी जगह नहीं थी; आज तक का मेरा फेवरेट इंटरव्यू है। सौरभ ने उस इंटरव्यू के लिए सुतपा जी से गुज़ारिश की थी कि एक मौका दे दो। इरफ़ान तब इंडिया टुडे के इंटरव्यू के लिए आए थे, पर उन्होंने भी सौरभ को निराश नहीं होने दिया था।

बाक़ी पीयूष मिश्रा, अनुराग कश्यप और इम्तियाज़ अली समेत बहुत से इंटरव्यू हैं, जिन्हें मैं दोबारा-तिबारा देख सकता हूँ।

3 घंटे का इंटरव्यू देख सकूँ, ये आदत भी सौरभ द्विवेदी ने ही डाली थी। बिना हल्ला मचाए, तसल्ली से, अच्छी हिन्दी और खड़ी बोली के साथ, बेखौफ़ अपना सवाल रखने की कला सौरभ को बाक़ी पत्रकारों से अलग बनाती है।

दलेर मेहंदी ने इंटरव्यू खत्म होने के बाद बड़ी मासूमियत से पूछा था कि यहाँ लल्लन कौन है? आप हो क्या? लल्लनटॉप है तो कोई लल्लन भी होगा?

तब सौरभ के साथ-साथ हम दर्शक भी बहुत हँसे थे। पर अब लग रहा है कि वाकई लल्लनटॉप का लल्लन चला गया, सिर्फ टॉप टॉप रह गया है। गेस्ट इन द न्यूज़ रूम में सौरभ के सिवा कोई दूसरा न झेला जायेगा।

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