श्री न्यूज के सीओओ बोले- आफिस आओ या मत आओ, हमारे पास सैलरी देने को पैसे नहीं हैं

श्री न्यूज़ के हालात बेहद खराब हैं… पिछले 8 महीनों में हिचकोले भर रहा श्री न्यूज़ का जहाज अब डूबने की तैयारी कर रहा है. तैयारी कहना इसलिए ठीक है क्यूंकि उसके तेवर उसके ऐसे हालातों को पूरी तरह ज़ाहिर करता है. श्री न्यूज़ में अक्टूबर से सैलरी कुछ इस कदर से लेट हुई की सिलसिला अब तक जारी है. धन्य है भड़ास4मीडिया जिसने हम मीडिया के सताए लोगों की आवाज को ताकतवर मंच प्रदान किया. दिसंबर 2013 में भड़ास पर श्री न्यूज़ के चर्चों के बाद  सैलरी कुछ हद तक ठीक हुई लेकिन फिर से डूबता जहाज डगमगाया और मार्च के बाद सैलरी देना बंद कर दी और शुरू किया तारीखों का सिलसिला. फिर भड़ास पर श्री न्यूज़ के चर्चे हुए तो भड़ास की खबर का असर हुआ और 20 मई को सैलरी मिली लेकिन फिर से हालात ख़राब हुए और  जारी रहा तारीखों का सिलसिला …

 

श्री न्यूज़ में पिछले मार्च से माली हालत कुछ इस तरह की चल रही है कि उसके पास अपने कर्मचारियों और मशीनों का किराया देने तक के पैसे नहीं है. जहाँ एक ओर डिजिटल स्पार्क नाम की कंपनी का कई महीनो  का लाखो का किराया देना बाकी है वहीँ चैनल ने पिछले 4 महीनो में मार्च की सैलरी  काफी विरोध के बाद अभी 20 मई को दी जिसमे उन तमाम कर्मचारियों की सैलरी रोक दी गई जिन्होंने नोटिस दिया था या जो चैनल से इस्तीफ़ा दे चुके थे साथ ही कुछ कर्मचारियों को सैलरी रोककर 1 महीने का नोटिस पकड़ा दिया गया. पूछने पर कहा गया कि कम्पनी की हालत बहुत खराब है आप लोगो की भी आ जाएगी लेकिन क्यूँ और कब इसका जवाब लिए बिना ही वो श्री न्यूज़ पीड़ित कर्मचारी जा रहे है और सैलरी के नाम पर ले जा रहे है एक तारीख सिर्फ एक तारीख.

कंपनी में 20 मई को ये कहा गया कि अप्रैल की सैलरी 5 दिनों में आ जाएगी जिसका 30 मई तक कोई जवाबदेही नहीं थी जिसके बाद कंपनी की CEO Alvina Qasim ने बड़े ही शातिर तरीके से भोले भाले श्री न्यूज़ पीड़ित कर्मचारियों को 6 जून की तारिख दी. सब खुश थे कि पहली बार सीईओ ने खुद कहा है तो सैलरी आएगी लेकिन असल सच्चाई तब सामने आई जब 6 जून को सीईओ अल्विना कासिम ने कहा कि चैनल की हालत ख़राब है, पैसा नहीं है इसलिए आज सैलरी नहीं आई, अगली तारीख कल 7 जून को मिलेगी. आखिरकार 12 जून को सीओओ प्रशांत द्विवेदी द्वारा कह दिया गया कि “जिसे आना है आओ, जिसे नहीं आना छुट्टी ले के चले जाओ, जब सैलरी आये तब आना, अभी पैसे नहीं है देने को”

चैनल अब खाली नज़र आता है… ना कर्मचारियों में काम का जज्बा बचा है ना आने के लिए पैसे जिसके चलते हर डिपार्टमेंट खाली होता जा रहा है. कंपनी में 17 जून को न्यूज़रूम ने जब विरोध जताया तब सीनियर प्रोड्यूसर और एंकर मनीष वाजपेई को साफ़ तौर पर प्रशांत द्विवेदी (COO)ने बाहर जाने को कह दिया… मनीष बाजपेई की मांग थी कि कम सैलरी वालो को कम से कम 2 महीने की सैलरी दी जाये भले ही मुझ जैसे ज्यादा सैलरी वालो को एक महीने की सैलरी दें… जिसके बाद अब सैलरी का नाम लेना मतलब हाईकमान के तल्ख़ तेवरों का शिकार होना एक बार फिर साबित हो गया… अब ये चैनल बंद होगा या चलेगा ये तो भविष्य बताएगा लेकिन इस वक़्त चैनल के ऐसे तेवरों ने ‘रस्सी जल गई अकड़ नहीं गई’ इस कहावत को एक बार फिर यथार्थ किया है…

श्री न्यूज में कार्यरत एक पत्रकार द्वारा भेजे गए पत्र पर आधारति.

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Comments on “श्री न्यूज के सीओओ बोले- आफिस आओ या मत आओ, हमारे पास सैलरी देने को पैसे नहीं हैं

  • yeh prashant diwedi aur alvina qasim (jahil) jisko kuch nahi aata woh media ke kabil patrkaaro ko aise tevar dikhata haijaise pta nahi kitna bada naam ho media ka….dalalo se bhari company media ka ster gira di hai…shame on …

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  • ye dono bade jaahil log hai… kahte hai na source aur ….. ke bal jab kisi ko kursi mil jaye to insaan apni aukat bhool jata hai…

    NEWS UPDATE- AAJ KUCH SHRI NEWS EMPLOYEES LABOUR COURT JANE KI TAIYARI KAR RAHE HAI….

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  • रवि says:

    ये सभी स्ट्रिंगर का ही खून चुसना जानते है इनको बस हराम की खबर चाहिए पैसे देने के नाम पर इन सबो की हालत ख़राब हो जाती है जब चैनल चलाने और पैसे देने की औकात नहीं है तो पता नहीं क्यों चैनल खोल कर बैठ जाते है ..

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  • prashant mudde ki baat kerta tha,jaise koi bagula sir hilata hai naa,lipstick lagata hai sunder dikna chahta hai,bander ke haath me nariyal wala haal hai

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  • prashant ka bhai AVP 😆 Bana baitha hai Alvina Ko dono didi didi ker ker kaam chalate hai, jabki kaam tino ko nahee aata hai

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  • कभी लखनऊ में केबल बेचने वाले प्रशांत अपने पुराने दिन भूल चुके हैं..वो भूल चुके हैं कि अगर चैनल बंद हो गया तो उन्हें फिर से वही करना होगा जो वो पहले करते थे।

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  • Tever kya dikhata hai ye prashant…. apane cabin se bahar kuchh bhi nahin hai ye…. company ke driver tak to isako maarane doudte hain…. jitani bhi gaali do kam hai…. waise Shri News ke liye to ye sher sateek hai …… “Har Shaakh pe Ullu baithe hain, Anzaam-e-Gulistan kya hoga, barbaad gulistan karane ko bas ek hi Ullu Kaafi hai……” ye Wahi Ullu hai….

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  • Mitro ye to hona hi tha .kyon ki channel balo ko koe add nahi chiye. saf mana kar dete hai.Maine weekaly 25 minute ke paid program ki bat karani chahi jisme saf mana kar diya tha .wo mahodya the jo channel par scrol chalati hai . marketing ki .Channel ko dubane main aise hi log bharati kar rakhe hai.

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  • सालो के पास पैसे नहीं हो तो हराम का चैनल खोल के बैठ जाते है।। सालो के पास चैनल चलाने की कूबत नहीं है तो बंद कर दे चैनल।।

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