बंगाल के विपक्ष के नेता के नाम के मामले में हिंदी मीडिया वही ग़लती कर रहा है जो सौरभ गाँगुली के मामले में करता आया है। सौरभ गाँगुली के पहले नाम की अंग्रेज़ी स्पेलिंग SAURAV है जिसको देखकर हिंदी की कई वेबसाइटें उनका नाम सौरव लिख रही हैं। इसी तरह बंगाल में विपक्ष के नेता के नाम की अंग्रेज़ी स्पेलिंग SUVENDU को देखकर सुवेंदु लिखा जा रहा है। उनका सही नाम है शुभेंदु (शुभ+इंदु) अधिकारी। आजतक, इंडिया टीवी आदि में यही नाम लिखा जा रहा है जबकि नवभारत टाइम्स, जागरण आदि में सुवेंदु जा रहा है।
जैसा कि सौरभ गांगुली वाली चर्चा में बताया था (पढ़ें शब्दचर्चा 5), बंगाली ‘भ’ की ध्वनि के लिए BH के साथ-साथ अंग्रेज़ी के लेटर V का ‘भी’ इस्तेमाल करते हैं। दरअसल वे अंग्रेज़ी वर्णमाला के लेटर V को ‘भी’ बोलते हैं, ‘वी’ नहीं। इसी कारण vote को भोट कहते हैं और virus को भाइरास।
यही वजह है कि उनको जब सौरभ नाम को रोमन में लिखना होता है तो SAURAV कर देते हैं और शुभेंदु लिखना होता है तो SUVENDU कर देते हैं क्योंकि उनके अनुसार V का उच्चारण ‘व’ नहीं, ‘भ’ है। बांग्ला में वे इन नामों में ‘भ’ ही लिखते हैं – সৌরভ और শুভেন্দু।
सौरभ और शुभेंदु का नाम बांग्ला में सौरव और सुवेंदु/शुवेंदु हो भी नहीं सकता। कारण यह कि बांग्ला में ‘व’ की ध्वनि है ही नहीं। वर्णमाला में ‘व’ (ব) है मगर उसकी आकृति और ध्वनि वही है जो ‘ब’ (ব) की है। इसी कारण रवींद्रनाथ (রবীন্দ্রনাথ) टैगोर की रोमन स्पेलिंग Rabindranath है, Ravindranath नहीं है।
निष्कर्ष यह कि जब भी आप किसी बांग्ला नाम की अंग्रेज़ी स्पेलिंग में V देखें तो समझ जाएँ कि उसका उच्चारण ‘व’ नहीं, ‘भ’ होगा।
अब आप कह सकते हैं कि Suvendu में V का उच्चारण ‘भ’ है, यह तो मालूम हो गया लेकिन शुभेंदु की अंग्रेज़ी स्पेलिंग में S क्यों है, Sh क्यों नहीं है। शुभेंदु को तो Shuvendu लिखा जाना चाहिए था, Suvendu क्यों लिखा जा रहा है।
इसके पीछे वही वजह है जो ‘व’ के ‘ब’ उच्चारण के पीछे है। बांग्ला वर्णमाला में ‘স’ (स) है लेकिन उसका उच्चारण ‘स’ नहीं, ‘श’ जैसा है। यानी ‘स’ और ‘श’ का एक ही उच्चारण है। सो ‘स’ लिखना हो या ‘श’, वे अंग्रेज़ी लिप्यंतर करते समय S ही लिखते हैं।
आपको शायद मालूम न हो, सुभाष चंद्र बोस की अंग्रेज़ी स्पेलिंग में पहला नाम Subhas है, Subhash नहीं। यानी ‘श’ के साथ-साथ ‘ष’ के उच्चारण के लिए भी S का ही प्रयोग होता है।
इसकी सबसे ताज़ा राजनीतिक मिसाल बंगाल बीजेपी के नए अध्यक्ष SAMIK Bhattacharya का नाम है। उनका नाम भी S से शुरू होता है लेकिन Suvendu की ही तरह उसमें भी S का उच्चारण ‘श’ है। उन्हें समीक भट्टाचार्य नहीं कहेंगे, शमीक भट्टाचार्य कहेंगे। बांग्ला के अख़बारों में यही लिखा जाता है – শমীক ভট্টাচার্য।
पिछली शब्द चर्चा यहां पढ़ें…
शब्दचर्चा (14) : NBT और हिंदुस्तान, दोनों ने तोड़ी ‘गुरु’ की टाँग



