कोवीशील्ड वाले वैज्ञानिक ने कहा- दूसरी खुराक लेने में 28 दिन का नहीं, तीन महीने का गैप करें!

Satyendra PS-

टीके में घोटाला को लेकर आखिर आदमी संदेह क्यों और कैसे न करे?

कोवीशील्ड बनाने वाली कम्पनी ने पहले कहा कि टीके के बीच 28 दिन का अंतर होना चाहिए। लोगों ने खूब लंबी लाइन लगाकर टीका कोंचवाया।

आज कोवीशील्ड के सूत्रधार वैज्ञानिक एंड्रयू पोलार्ड कह रहे हैं कि अगर पहली और दूसरी खुराक में 3 महीने का अंतर हो तो बेहतर सुरक्षा मिलती है!

मतलब डॉ केके अग्रवाल और डॉक्टर भंडारी जैसे भले लोग दोनों टीका ठोंकवाकर मर गए, तब इनको ज्ञान हुआ कि 28 दिन के बजाय 90 दिन का गैप होने पर कोवीशील्ड बेहतर रिस्पॉन्स देता है!

या पर्याप्त टीका न होने के चलते इनसे सरकार ने जबरी बयान दिलवाया है कि टीका 90 दिन पर बेहतर काम करता है, जिससे एक टीका ठोंकवाकर दूसरे का इंतजार कर रहे भारत में टीके को लेकर नाराजगी न बढ़े?

संदेह तब और गहरा हो जाता है जब अदार पूनावाला से ही इसी दिन यह भी बयान दिलवाया गया हो कि भारत के लोगों की जान की कीमत पर कम्पनी ने कभी टीके का निर्यात नहीं किया!

जो भी हो, भारत की भेंड़ बकरी जनता मरने के बाद कुत्ते से लाश नोचवाने और बच गई तो टिक्के का इंतजार करने के अलावा कर भी क्या सकती है?

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