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टीवी विज्ञापन ‘समय सीमा’ पर हाईकोर्ट में मामला टला

नई दिल्ली : दिल्ली हाईकोर्ट ने एक बार फिर से विज्ञापन समय सीमा मामले में सुनवाई 23 जुलाई तक स्थगित कर दी है। हाई कोर्ट ने याचिकाकर्ताओं के खिलाफ कार्रवाई करने से ट्राई को रोककर अंतरिम राहत तो दी है पर तेलुगू प्रसारक मा टीवी को राहत प्रदान करते हुए विज्ञापन समय सीमा को ‘उचित कदम’ बताया है। स्टार इंडिया, ज़ी एंटरटेनमेंट एंटरप्राइजेज लिमिटेड, मल्टी स्क्रीन मीडिया, और टीवी18 ग्रुप ये चार प्रमुख प्रसारण नेटवर्क विनियमन का पालन कर रहे हैं।

<p>नई दिल्ली : दिल्ली हाईकोर्ट ने एक बार फिर से विज्ञापन समय सीमा मामले में सुनवाई 23 जुलाई तक स्थगित कर दी है। हाई कोर्ट ने याचिकाकर्ताओं के खिलाफ कार्रवाई करने से ट्राई को रोककर अंतरिम राहत तो दी है पर तेलुगू प्रसारक मा टीवी को राहत प्रदान करते हुए विज्ञापन समय सीमा को ‘उचित कदम’ बताया है। स्टार इंडिया, ज़ी एंटरटेनमेंट एंटरप्राइजेज लिमिटेड, मल्टी स्क्रीन मीडिया, और टीवी18 ग्रुप ये चार प्रमुख प्रसारण नेटवर्क विनियमन का पालन कर रहे हैं।</p>

नई दिल्ली : दिल्ली हाईकोर्ट ने एक बार फिर से विज्ञापन समय सीमा मामले में सुनवाई 23 जुलाई तक स्थगित कर दी है। हाई कोर्ट ने याचिकाकर्ताओं के खिलाफ कार्रवाई करने से ट्राई को रोककर अंतरिम राहत तो दी है पर तेलुगू प्रसारक मा टीवी को राहत प्रदान करते हुए विज्ञापन समय सीमा को ‘उचित कदम’ बताया है। स्टार इंडिया, ज़ी एंटरटेनमेंट एंटरप्राइजेज लिमिटेड, मल्टी स्क्रीन मीडिया, और टीवी18 ग्रुप ये चार प्रमुख प्रसारण नेटवर्क विनियमन का पालन कर रहे हैं।

याचिकाकर्ताओं न्यूज ब्रॉडकास्टर्स एसोसिएशन (एनबीए) और म्यूज़िक व क्षेत्रीय चैनलों ने विज्ञापन समय सीमा नियम में संशोधन करने के लिए सूचना व प्रसारण मंत्रालय को उनके द्वारा दिए गए अभ्यावेदन के बारे में मंगलवार को अदालत को सूचित किया।

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उन्होंने अदालत को यह भी बताया कि प्रसारण मंत्रालय विनियमन में बदलाव करने पर विचार कर रहा है। सूचना व प्रसारण मंत्री अरुण जेटली ने संकेत दिया था कि वह 12 मिनट के विज्ञापन समय सीमा विनियमन के पक्ष में नहीं हैं। उनके पूर्ववर्ती प्रकाश जावड़ेकर ने घोषणा भी की थी सरकार विज्ञापन समय सीमा से फ्री टू एयर (एफटीए) चैनलों को छूट देने पर विचार कर रही है। इस बीच, याचिकाकर्ताओं के खिलाफ आक्रामक कार्रवाई करने से भारतीय दूरसंचार विनियामक प्राधिकरण (ट्राई) को दिया गया निरोधक अंतरिम आदेश जारी रहेगा ।

इससे पहले, 22 जनवरी को अदालत ने लंबित मामलों के कारण इस मामले में सुनवाई की अगली तारीख 24 मार्च दी थी। एनबीए के अलावा अन्य क्षेत्रीय प्रसारकों ने ट्राई के विज्ञापन समय सीमा विनियमन को चुनौती दी है। उनमें 9एक्स मीडिया, बी4यू, टीवी विज़न, सन टीवी नेटवर्क, ई24, पायनियर चैनल, सार्थक एंटरटैनमेंट, कलैगनर टीवी, इनाडू टेलिविजन और राज टीवी शामिल हैं।

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0 Comments

  1. धरतीवासी

    March 25, 2015 at 5:25 pm

    10-20 करोड़ साल में फैसला आ ही जाएगा ऐसी भी क्या जल्दी है. 😀 😀 😀

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