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मार्केट में फर्जी लीगल नोटिस का धंधा जोरों पर!

सत्येंद्र कुमार-

मार्केट में आजकल लीगल नोटिस के नाम पर फर्जीवाड़े का धंधा बड़े जोर शोर से चल रहा है । लीगल नोटिस एक ऐसी प्रक्रिया है जिसे एक अधिवक्ता अपने क्लाइंट के माध्यम से उस व्यक्ति को भेजता है जिसके विरुद्ध न्यायिक प्रक्रिया शुरू की जानी है।

सबसे बड़ी व्यवस्था यह दी गयी है कि लीगल नोटिस रक अधिवक्ता अपने उस पैड पर भेजता है जिसपर उसका नाम पता रजिस्ट्रेशन नंबर सीओपी नंबर इत्यादि विवरण अंकित होता है साथ ही नोटिस को अधिवक्ता द्वारा हस्ताक्षरित भी किया जाता है।

लीगल नोटिस में अधिवक्ता द्वारा कभी धमकी भरे शब्दों का उल्लेख नही किया जाता और प्रकरण में अपना पक्ष रखने के लिए एक उचित समय नोटिस प्राप्त करने वाले को दिया जाता है । लेकिन आजकल लीगल नोटिस के नाम पर डराने धमकाने का नया खेल शुरू कर दिया गया है । ऐसे लीगल नोटिस का कोई माई बाप नही होता।

मतलब लीगल नोटिस भेजने वाला उपरोक्त तथ्यों तथा औपचारिकताओं का ध्यान बिल्कुल भी नही रखता और फर्जी नोटिस की आड़ में अपने मंतव्यों को पूरा करने में लगा रहता है । देखा गया है कि ऐसे फर्जी लीगल नोटिस ज्यादातर ईमेल आई डी पर इसलिए भेजे जाते हैं ताकि भेजने वाले कि पहचान सुनिश्चित न होने पाए।

इसलिए फर्जी ऐसे लीगल नोटिस पर माथा पच्ची करने की बजाय इन्हें इग्नोर कर देना चाहिए या फिर ईमेल पर सेन्डर को उपरोक्त तथ्यों के साथ नियमानुसार नोटिस भेजे जाने का रिप्लाई करना चाहिए।


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भड़ास लीगल टीम : Bhadas Legal Team

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