लखनऊ/देवरिया। उत्तर प्रदेश के देवरिया जिला कारागार में कथित भ्रष्टाचार और अनियमितताओं के मामले में बंद पूर्व आईपीएस अधिकारी अमिताभ ठाकुर ने अपना आमरण अनशन समाप्त कर दिया है। शनिवार को उन्हें जमानत याचिका पर सुनवाई के लिए देवरिया की सीजेएम मंजू कुमारी की अदालत में पेश किया गया, जहां बचाव पक्ष की दलीलों के बाद अदालत ने अगली सुनवाई की तारीख 6 जनवरी तय की है।
जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष के अधिवक्ताओं ने विवेचक की ओर से साक्ष्य संकलन को लेकर कई सवाल उठाए। इस पर अदालत ने मामले को अगली तारीख के लिए स्थगित कर दिया। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने विवेचक को फटकार भी लगाई। कहा- “गिरफ्तारी की कोई ठोस वजह नहीं है।”
‘असली दोषियों को बचाया जा रहा है’
अदालत से लौटते समय पूर्व आईपीएस अमिताभ ठाकुर ने आरोप लगाया कि कफ सिरप मामले में असली अपराधियों को बचाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि इस पूरे प्रकरण में शुभम जायसवाल सिर्फ एक मोहरा है, जबकि इसकी जड़ें कहीं ज्यादा गहरी हैं। ठाकुर के मुताबिक, इस मामले में कई बड़े नाम शामिल हैं, लेकिन अब तक किसी से प्रभावी पूछताछ नहीं हुई है। उन्होंने पूर्वांचल के एक बड़े माफिया का नाम भी इस प्रकरण से जुड़ा होने का दावा किया।
15 दिन बाद अनशन स्थगित
पूर्व आईपीएस अमिताभ ठाकुर ने गिरफ्तारी के समय और सदर कोतवाली में रखे जाने के दौरान की सीसीटीवी फुटेज और उन्हें गिरफ्तार करने वाली पुलिस टीम की सीडीआर उपलब्ध कराने की मांग की थी। इसी मांग को लेकर उन्होंने गुरुवार से जेल में आमरण अनशन शुरू किया था। शनिवार को उन्होंने बताया कि मामले को न्यायालय द्वारा संज्ञान में लिए जाने के बाद शुक्रवार देर शाम से उन्होंने अपना अनशन स्थगित कर दिया है।
‘गलत तरीके से फंसाने का आरोप’
अमिताभ ठाकुर ने दावा किया कि उन्हें केवल कोडीन कफ सिरप मामले में आवाज उठाने की वजह से साजिश के तहत फंसाया गया। उन्होंने कहा कि पूर्व सांसद धनंजय सिंह से जुड़े मामले में और वाराणसी के कुछ भाजपा नेताओं के नाम लेने के बाद ही उन्हें निशाना बनाया गया। ठाकुर का यह भी आरोप है कि गिरफ्तारी दबाव बनाने और मामले को दबाने के उद्देश्य से की गई।
पूर्व आईपीएस अधिकारी ने बताया कि गिरफ्तारी के समय उन्हें आशंका थी कि उनका एनकाउंटर किया जा सकता है। पूरी रात वे इसी डर में जागते रहे। उन्होंने यह भी कहा कि जब वे इस मामले में सर्वोच्च न्यायालय में पीआईएल दाखिल करने जा रहे थे, तभी रास्ते में उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया और उनका सामान भी जब्त कर लिया गया। उनका दावा है कि कफ सिरप से जुड़े तमाम अहम सबूत आज भी उनके पास मौजूद हैं।
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Atul
January 6, 2026 at 4:45 am
Kayade se to cm ke khilaf hi mukadame darj hone chahiye kyuki ye khula pad ka durupyog hai aur 12 mukadame bhi khilane chahiye kyuki apradhikukadame hatane ka adhikar court ko hainnaki kisi cm ko wo bhi khud ke hi mukadame