नई दुनिया, बस्तर के ब्यूरो प्रमुख भंवर बोथरा के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज

बस्तर छत्तीसगढ़ में नई दुनिया के ब्यूरो प्रमुख भंवर बोथरा के खिलाफ जगदलपुर के सिटी कोतवाली में धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया गया है। इस मामले में इनके परिवार की चार महिलाओं और चार पुरुषों को आरोपी बनाया गया है। थाना प्रभारी बी एस खूंटिया ने बताया कि इस मामले में बलदेव बोथरा बिल्डर्स के मुख्य कर्ताधर्ता भंवर बोथरा समेत कुल पंद्रह लोगों को आरोपी बनाया गया है। इसमें नगर पालिक निगम जगदलपुर के आयुक्त रमेश जायसवाल, कार्यपालन अभियंता एसबी शर्मा, नगर एवं ग्राम निवेश (टाऊन प्लानिंग) के सहायक संचालक एस आर असगरा और पटवारी सत्यनारायण सेठिया शामिल हैं। 

बस्तर महाराजा दलपत देव भंजदेव ने करीब 600 वर्ष पूर्व इस ऐतिहासिक तालाब का निर्माण करवाया था। उस समय इसका रकबा 1000 एकड़ था। अब यह रकबा सिमट कर 300 एकड़ तक पहुँच चुका है। नई दुनिया के ब्यूरो प्रमुख भंवर बोथरा ने तालाब के कैचमेन्ट एरिया की भूमि को अपनी कंपनी बलदेव बोथरा डेवलपर्स के नाम करवाया। करीब सात एकड़ भूमि पर आठ मंज़िला कॉलोनी बनाने की तैयारी शुरू की गई। शासन के नियमानुसार आठ मंज़िला कॉलोनी के लिए साठ फीट चौड़ी सड़क का होना अनिवार्य है। इस अनिवार्यता को पूरा करने राजस्व रिकॉर्ड में छेड़छाड़ की गई। फ़र्ज़ी तरीके से नक़्शे में कूटरचना कर सड़क प्रदर्शित कर नक्शा स्वीकृत करवाया गया।

तालाब को पाटते हुए नगर निगम ने 3 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली इस सड़क का ठेका भी भंवर बोथरा की कंपनी को दे दिया। अर्थात सरकारी पैसों से निजी कॉलोनी की सड़क बनने लगी वो भी ऐतिहासिक धरोहर को मिटाते हुए। शहर के 75 वर्षीय समाजसेवी मदन दुबे ने दलपत सागर बचाओ आंदोलन की शुरुवात की। अतिक्रमण के साक्ष्य पुलिस को देकर एफ आई आर दर्ज करने का निवेदन किया गया। बिल्डर अखबार की आड़ लेकर लगातार बचता गया। फिर जगदलपुर के वरिष्ठ अधिवक्ता राजेश भदौरिया ने मदन दुबे की तरफ से जगदलपुर न्यायलय में परिवाद पेश किया।

चीफ जुडिशियल मजिस्ट्रेट विजय कुमार साहू ने मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस को एफआईआर दर्ज करने का आदेश 30 दिसंबर को जारी किया। न्यायालयीन आदेश के बाद जगदलपुर पुलिस ने 3 जनवरी को मामला कायम कर लिया है। भा .द. वि. की धारा 409, 420, 467, 465, 471 और 120 (बी) के तहत सभी के खिलाफ नामजद मामला कायम कर लिया गया है। छत्तीसगढ़ के सभी प्रमुख दैनिक अखबारों ने इस खबर को प्रमुखता से छापा है। नई दुनिया अखबार ने हमेशा ही इस मामले पर पर्दा डालने की कोशिश की है और इस मामले में भी ब्यूरो चीफ की खबर न छाप कर अपनी तथाकथित विश्वसनीयता में थोड़ा और इज़ाफ़ा कर लिया है।

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