एबीपी गंगा के रिपोर्टर ने रखा अपना पक्ष

नमस्कार यशवंत जी

आपके द्वारा मेरे बारे में प्रकाशित किया गया है कि मैं अपनी भाभी सीमा को परेशान करता हूँ तो आपको विदित हो कि सीमा राजपूत मेरी भाभी नही है। वह मेरे छोटे भाई की पत्नी है अर्थात मेरी बहु है। साथ ही में आपको जानकारी दे दूँ की सीमा और मेरे भाई शशिकांत की शादी 6 जुलाई 2014 में महोबा के रॉयल पैलेस से हुई थी। शादी से लेकर आज तक सीमा ने मेरे पैतृक घर पर 15 दिन भी नही गुजारे होंगे। सीमा द्वारा शुरू से ही किसी न किसी बहाने से मेरे माता पिता व भाई से रुपये मांगे जाते थे। इस बात को में तथ्यों सहित कहता हूँ। समय आने पर सभी तथ्यों को कोर्ट में रखूंगा।

सीमा हमेशा अपने मायके में रहा करती थी। इस बात पर कई बार हम लोगो ने सामाजिक स्तर पर सीमा को ससुराल बुलाने की मांग की लेकिन वह कभी ससुराल में नही रही। सीमा सामाजिक प्रवत्ति की लड़की नही है। वह खुले विचारों की है। उसके लिए सिर्फ रुपया ही मायने रखता है। यह बात सीमा के माता पिता और भाई ने खुद बताई जिसकी रिकॉर्डिंग भी है। सीमा के भाई ने तो यहाँ तक कहा कि अगर सीमा कोर्ट के जरिये आप लोगों पर आरोप लगाकर परेशान कर रही है तो अब आप सभी लोग भी सीमा के खिलाफ कोर्ट जाएं।

सीमा द्वारा सबसे पहले कोर्ट में मेंटिनेंस के लिए आरोप लगाया गया कि मेरे माता पिता और भाई द्वारा दहेज के लिए परेशान किया जा रहा है। कोर्ट में दायर किया गया प्रार्थना पत्र में मेरे और मेरी पत्नी का नाम भी शामिल नही है इसका कारण यह है कि में अपने घर परिवार से दूर महोबा में किराए के मकान में सन 2015 से रहता हूँ।

सीमा को कोर्ट से जल्द राहत नही मिली तो थाना श्रीनगर में प्रार्थना पत्र देकर वही आरोप जो कोर्ट में लगाये, वही थाने में लगाये। इस प्रार्थना पत्र में मेरा व मेरी पत्नी का नाम शामिल कर दिया। थाने में हम सभी को बुलाया गया तो हमने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को निराधार बताकर सभी साक्ष्य पेश किए। थाने से सीमा जैसा चाहती थी वैसा उसको न्याय नही मिला। फिर सीमा ने पुलिस अधीक्षक महोबा को और परिवार परामर्श केंद्र में अपना शिकायती पत्र दिया।

परिवार परामर्श केंद्र ने दोनों पति पत्नी की कॉउंसलिंग कराई और स्पष्ट रूप से आदेश किया कि उक्त प्रकरण कोर्ट में विचाराधीन है जिस पर कोर्ट ही फैसला करेगा। सीमा जैसा चाहती थी कि तुरंत ही उसे मेंटिनेंस भी मिलने लगे और हम सभी लोगो पर मुकदमा भी कायम हो जाये। 

जब सीमा की मंशानुसार किसी प्रकार से उसके दबाब में मेरा परिवार नही आया तो सीमा ने अब यह नया शिकायती पत्र दिया। इसमें मेरे ऊपर मनगढंत आरोप लगाए गए हैं ताकि मेरे ऊपर किसी तरह से कोई कार्यवाही हो जाये। सीमा ने यहाँ तक आरोप लगाया है कि जब उसने बच्ची को जन्म दिया तब हमारे परिवार ने उसे घर से निकाल दिया तो शायद सीमा इस बात को भूल गई होगी कि हमारे परिवार ने ही उसे एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया था। वहाँ पर मेरे परिवार ने ही उसकी देखभाल की थी। साथ ही प्रसव के दौरान मैने ही उसे जरूरत पड़ने पर अपना रक्त दिया था। इसका प्रमाण अस्पताल में है।

सीमा ने आरोप लगाया था कि उसके साथ मारपीट की गई तो मेरे पास एक वीडियो है जिसमे सीमा मुझे मेरे परिवार को मेरी पत्नी को भद्दी भद्दी गालियां दे रही है। इस वीडियो को सार्वजनिक करने में भी शर्म आती है कि एक पढ़ी लिखी महिला ऐसी गालियां भी दे सकती है। अगर पूरे मामले पर देखा जाए तो सीमा ने जो भी आरोप लगाये है वह सभी निराधार है। इन सभी आरोपों का जवाब मैं व पूरा परिवार माननीय न्यायालय के समक्ष सभी तथ्यों सहित रखेंगे और निश्चित ही हमे न्याय मिलेगा।

अतः आपसे अनुरोध है कि उक्त प्रकाशित मामले पर मेरा पक्ष भी प्रकाशित करने की कृपा करें।

BRAJENDRA RAJPUT
MAHOBA
6393378802
9455057579

मूल खबर-



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Comments on “एबीपी गंगा के रिपोर्टर ने रखा अपना पक्ष

  • सिंहासन चौहान says:

    ये मामला भी दहेज प्रथा कानून व महिला उत्पीड़न कानून का फायदा उठाया हुआ नजर आ रहा है जिसमें शरीफ आदमी भी बिना किसी गुनाह के फंस जाता है

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