CBI ने CBI पर रेड मार दी… DSP गिरफ्तार… मोदी के यहां दोनों ‘युद्धरत’ IPS तलब!

Sheetal P Singh : CBI ने CBI पे रेड मारी… सात अजूबे थे दुनिया में… आठवीं अपनी जोड़ी! CBI RAW ED CVC PMO और पुलिस सब दो फाड़. आला अफ़सर एक दूसरे को भ्रष्ट साबित करने में जुटे. ऐसा तमाशा कभी न हुआ. वाह परधान जी वाह.

ANI : Central Bureau of Investigation arrests Deputy SP, SIT CBI, Delhi Devendra Kumar in connection with Moin Qureshi case.

Samar Anarya : ब्रेकिंग: मोदी सीबीआई को सीबीआई पर छापा मार सीबीआई डिप्टी एसपी को गिरफ़्तार करता देखने वाले पहले भारतीय प्रधानमंत्री बने! वह भी ख़ुद के चुने हुए सीबीआई मुखिया और उनके नंबर 2 के एक दूसरे को घूसखोर बताने के झगड़े में! वाह मोदी जी वाह- कमाल प्रशासन!

Breaking: ‪Modi becomes 1st ever Indian PM indeed to see CBI raiding CBI and arresting CBI Deputy SP in the fallout of CBI Chief and his deputy accusing each other of taking bribes! Some good governance!

ब्रेकिंग: आख़िरकार मोदी की नींद टूटी; सीबीआई मुखिया आलोक वर्मा और नंबर 2 राकेश अस्थाना को तलब किया। पर पीएम को ये समझ आ रहा है कि ये दो भाइयों का मिठाई के लिये झगड़ा नहीं है- दोनों ने एक दूसरे पर गंभीर आपराधिक आरोप लगाये हैं जिसका हल दोनों के निलंबन और निष्पक्ष जाँच से ही हो सकता है- पीएम के साथ चाय समोसे पर चर्चा कर गले मिलने से नहीं!

Breaking: Modi summons CBI Chief Alok Verma and his deputy Rakesh Asthana. But then, does PM understand they have accused each other of serious corruption charges requiring immediate suspension of both and inquiry against them, not chai samose pe charcha with PM!

Vivek Kumar : सीबीआई ने अपने स्पेशल डायरेक्टर राकेश अस्थाना के खिलाफ रिश्वत के आरोपों के संबंध में CBI के डिप्टी एसपी देवेंद्र कुमार को गिरफ्तार किया है। कल ही सीबीआई ने राकेश अस्थाना के खिलाफ मांस कारोबारी मोईन कुरैशी से रिश्वत लेने के आरोप में एफआईआर दर्ज की थी। दो महीने पहले अस्थाना ने कैबिनेट सचिव से सीबीआई निदेशक आलोक वर्मा के खिलाफ यही शिकायत की थी। अस्थाना के अलावा एजेंसी ने डिप्टी एसपी देवेंद्र कुमार और मनोज प्रसाद, कथित बिचौलिये सोमेश प्रसाद और अन्य अज्ञात अधिकारियों पर भी मामला दर्ज किया है। उन पर भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम की धारा सात, 13(2) और 13 (1) (डी) के तहत मामला दर्ज किया गया है। इसके अलावा उन पर भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम की धारा सात-ए भी लगाई गई है। इन धाराओं में किसी अधिकारी के खिलाफ जांच शुरू करने से पहले सरकार से अनुमति लेने के जरूरत नहीं होती।

Joginder Rawat : मोदी ने आज सुलह-समझौते के लिए बुलाया भी था पर उसके बाद CBI और आक्रामक हो गई है… मोदी और अमित शाह ने बयाना ठीक लिया है इस बार, ऐसा लगता है!

Santosh Singh : अस्थाना मामले में सीबीआई ने अपने ही डीएसपी को किया गिरफ्तार…. इस गिरफ्तारी से अस्थाना की बढ सकती हैं मुश्किलें।

Pradeep Srivastav : सीबीआई की टीम अभी इस समय अपने हेडक्वार्टर में छापेमारी कर रही है। सीबीआई चीफ और सीबीआई में नंबर दो एक दूसरे को चोर बता रहे हैं। देश की सबसे प्रतिष्ठित जांच एजेंसी खुद कटघरे में है, उसकी प्रतिष्ठा दांव पर है। इससे पहले कि बात और बिगड़े, सरकार को हस्तक्षेप करना चाहिए।

Narendra Nath : 70 सालों में पहली बार-अद्भुद-अकल्पनीय-अविश्वसनीय… सीबीआई अपने ही हेडक्वार्टर में अभी छापा मार रही है। नंबर एक नंबर दो को चोर बता रहा है। नंबर दो नंबर एक को चोर बता रहा है। नंबर 3 नंबर 1 के साथ है। नंबर चार और नंबर पांच नंबर दो के साथ है। बाकी के नंबर चुपचाप लाइव टेलीकास्ट देख रहे हैं। सीबीआई में ऑफिसर एक दूसरे पर बड़े करप्शन का आरोप लगा रहे सबूत के साथ। ईडी में यही हाल है। टॉप पोस्ट पर सारी नियुक्ति इसी मोदी सरकार की है। ऑफिसर खुलेआम कह रहे कि केस को सेटल करने के लिए “डील” हो रही। तब भी अगर सरकार चुप है तो कोर्ट को हस्तक्षेप करनी चाहये। और कितने बिगड़ने का इंतजार कर रहे। कम से कम सरकार अब करप्शन पर कड़ा स्टैंड रखने का दावा तो बिल्कुल न करे। ऐसे में सारे केस मैनेज हो गए होंगे।

(जी हिंदुस्तान के एडिटर रहे और इन दिनों पोलिटिकल एडिटर के तौर पर कार्यरत ब्रजेश कुमार सिंह के दो ट्वीट)

Sateesh Kumar : सीबीआई के विशेष निदेशक राकेश अस्थाना के खिलाफ एफआईआर दर्ज होने के बाद कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ सोमवार को निशाना साधा. राहुल गांधी ने एक ट्वीट में लिखा ‘पीएम के पसंदीदा, गुजरात कैडर अधिकारी, गोधरा एसआईटी के चर्चित, सीबीआई में नंबर-2 पद पर घुसपैठ करने वाले, अब रिश्वतखोरी कांड में फंस गए हैं. मौजूदा प्रधानमंत्री की कमान में सीबीआई राजनीतिक दुश्मनी निभाने का हथियार बन गई है. यह संस्था लगातार गिरावट की ओर है जो खुद से खुद की लड़ाई लड़ रही है.’

Yusuf Ansari : सीबीआई रिश्वत कांड ने लोगों काये भरोसा खो दिया। देश की सबसे बड़ी जांच एजेंसी में ‘बॉस’ और ‘बॉस नंबर दो’ के बीच चल रही आरोपों की जंग से देश की सबसे विश्वसनीय समझी जाने वाली इस जांच एजेंसी की साख़ हमेशा के लिए खत्म हो गई है। अब कौन करेगा सीबीआई से जांच कराने की मांग?

Anil Singh : ‘तोता’ को ‘उल्लू’ बना दिया है. अब आगे ‘कौवा’ बनाकर ही छोड़ेंगे. सीबीआई यानी ‘क्रो ब्यूरो ऑफ इनवेस्टीगेशन.’

Satyendra PS : करोड़ी अस्थाना ने ही चारा घोटाले की जांच की थी। अस्थाना की निष्ठा पर सवाल नहीं। यह जानना है कि उस केस में पैसा किसने दिया था इनको?

Ramkrishna Mishra : ऐसा लगता है कि राहुल गाँधी का समर्थन मिलने के बाद CBI Director आलोक वर्मा, राकेश अस्थाना सहित अमित शाह की CBI में बैठी पूरी टीम का तंबू पूरी तरह से उखाड़ देंगे!

Yashwant Singh : -मैंने नहीं, सीबीआई चीफ ने लिए हैं दो करोड़ रुपये : राकेश अस्थाना (स्पेशल डायरेक्टर, सीबीआई)… -केंद्र का तोता, लगा रहा भ्रष्टाचार में गोता! -सीबीआई रिश्वतकांड : छप्पन इंच के गुब्बारे में एक और छेद हो गया मितरों! -वर्मा को अस्थाना ने ठीक करने की कोशिश की, अस्थाना को वर्मा ने ठीक कर दिया… मोदी देखते रह गए! -देश में वाकई भ्रष्टाचार के खिलाफ निर्णायक लड़ाई चल रही है मितरों! देखें कुछ सीन…

उपरोक्त शीर्षक किसी खांग्रेसी जमाने के शासन का नहीं है बल्कि “”छप्पन इंची वाले गपोड़ी इतिहासकार मोटाभाई फेंकू सेठ”” उर्फ “”जुमला चाय वाले भगोड़े बनारसी छप्पन छुरी पान भंडार”” के दौर का है. इन खबरों को पढ़ने के लिए भड़ास4मीडिया खोलते-पढ़ते रहें…. मुख्यधारा की रखैल गोदी मीडिया चुप है तो क्या हुआ.. हम आप तो हैं, सोशल मीडिया और वेब-ब्लाग वाले… ये मशाल जलती रहेगी…. एक हाथ से दूजे हाथ को थमाते रहेंगे… पत्रकारिता का मतलब होता है सत्ता की आंख में उंगली डालकर खबर निकालना, छापना और सबको पढ़ाना।

यहां तो ये लाखों करोड़ों सेलरी पाने वाले संपादक पापी पेट के चक्कर में गोदी मीडिया बन चुके अपने मालिकों के कंडोम के तौर पर इस्तेमाल होते हुए रूटीन की बड़ी खबरों को भी न दिखाकर डस्टबिन में फेंके जाने लायक अपनी औकात का मुजाहिरा कर रहे हैं। थू है इन साले चोट्टे स्वनामधन्य हिप्प्कोक्रेट संपादकों पर और इनके करोड़ों अरबों रुपए टर्नओवर वाले मीडिया घरानों पर। इनसे बेहतर तो हम आप सड़क छाप पत्रकार ही सही, जो कम से कम सच को सच कहने का माद्दा तो रखते हैं! जैजै!

Sandip Naik : जिस देश में सी बी आई भ्रष्ट होकर सड़क पर आ जाये उसका कुछ हो सकता है… पिछले 71 वर्षों में ना सेना ने अनुशासन तोड़ा , किसी जवान ने शिकायत नही की थी खाने की दाल में दाल नही, कफ़न खरीदी से लेकर भर्ती में शिकायतें नही आई, नियुक्ति में शिकायत नही, राफेल जैसा कांड नही, सुप्रीम कोर्ट के फैसलों पर भक्तों का दोहरा चरित्र सामने आया…

चलो कांग्रेस तो भ्रष्ट थी ही, पर अब सी बी आई में जो कुत्ता बिल्ली की लड़ाई हो रही है वैसा कमीशन का बंटवारा तो हमारे गांव के कोटवार और सरपंच के बीच नहीं होता… मतलब दो करोड़ की राशि कोई अकेला हड़प लें, यह दो आय पी एस अफसरों को बर्दाश्त नही हो रहा… भला बताईये क्या पूरे कुएँ में भांग नहीं… गुजरात कैडर से आये ये अफसर अपनी पोस्टिंग की पॉटी किसके माथे मलना चाहते हैं…

क्या हो रहा है… राष्ट्रपति को बोलना और उम्मीद करना बेवकूफी होगी मेरी… जो देश प्रमुख है वह राफेल पर नहीं बोला… जो दलित होकर दलित अत्याचार पर नहीं बोला… तो अब इस कमीशनबाजी के खेल में अपने आकाओं को बोल दे, ये मजाल… और फिर रबर स्टाम्प हमने ही तो बना और मान रखा हैं ना…

आइये चार साल के सामने आ रहे हिसाब किताब और 2019 के मुहाने पर खड़े होकर जाती हुई सरकार की बन्दर बांट के मजे लें… अब यदि आंख के अंधे यहां आकर बचाव करें तो मान लीजिए कि इस सरकार की फेंकी हुई हड्डी को चूसकर बलिष्ठ हो रहें है ये भक्तगण…

अभी तो सेना, पुलिस, पैरा फोर्सेस, ईडी, आई बी, रॉ, एनएसजी से लेकर गांव के कोटवारों की लड़ाई इस बहाने से सामने आना बाकी है मित्रों… जिस दिन निज सुरक्षा में लगे जेड सुरक्षा के जवान की गई डील्स की बात खोलेंगे तब देखियेगा कि कुत्ता लड़ाई कितनी नीच (मणिशंकर अय्यर से मुआफी सहित) हो जाएगी… शर्म मगर इनको आती नही हैं…

सौजन्य : फेसबुक


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