दैनिक जागरण ने फिर छोड़ी खबर, जनहित से किया किनारा

दैनिक जागरण ने फिर एक खबर छोड़ दी है और उसने जनहित से किनारा कर यह साबित कर दिया है कि उसे जनहित से कोई सरोकार ही नहीं है, भले ही वह जनहित जागरण के जरिये लोकहित का कितना भी ढोल पीटे। वैसे इस खबर को दूसरे कई अखबारों ने भी नहीं छापा है, लेकिन दैनिक जागरण में इस खबर का न छपना यह साबित करता है कि उसका जनहित का नारा ढोंग ही है। उसे तो सिर्फ अपनी दुकान चलाने से मतलब है। शायद यही वजह है कि पाठकों का एक बहुत बड़ा वर्ग दैनिक जागरण से किनारा करने लगा है।

शुक्रवार को पत्रकारों का एक प्रतिनिधिमंडल दिल्‍ली के मुख्‍यमंत्री अरविंद केजरीवाल से मिला और उन्‍हें मजीठिया वेज बोर्ड की सिफारिशें लागू न किए जाने के बारे में जानकारी दी। इस पर मुख्‍यमंत्री ने पत्रकारों को आश्‍वासन दिया कि दिल्‍ली सरकार जीरो टालरेंस की नीति अपनाएगी। उन्‍होंने श्रम विभाग को भी इस संदर्भ में जांच करने का आदेश दिया था। मुख्‍यमंत्री के आदेश से संबंधित समाचार को जनसत्‍ता ने शनिवार को पेज-तीन पर और टाइम्‍स ऑफ इंडिया ने पेज-छह पर प्रकाशित किया है। न्‍यूज चैनल एनडीटीवी की वेबसाइट पर भी यह खबर नजर आ रही है, लेकिन दैनिक जागरण ने इस खबर को नजर अंदाज कर अपनी दुर्भावना का ही परिचय दिया है। उसके लिए दिल्‍ली के मुख्‍यमंत्री की ओर से जारी किए गए आदेश कोई मायने नहीं रखते। आपकी सुविधा के लिए पेपर की कतरनों को यहां दिया जा रहा है।

श्रीकांत सिंह के एफबी वॉल से

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Comments on “दैनिक जागरण ने फिर छोड़ी खबर, जनहित से किया किनारा

  • khabar na lena unka ab niyam banta ja raha hai, pichle dino lko me bank hcbl k bhagne ki ahat ko amar ujala ne kayde se chapa, hindustan ne bi likha, lekin dj kha gaya, jabki unke ek pt. reporter ne ye upar batayi bi lekin ek aaala boss arey wahi kk bosss ne sahara malikan se baat kar khabar cover hi nahi karwai batate hai ki unki bank ceo se yaaari hai is masle par andar khane padtal chal rahi hai

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