विजय माल्या की राह पर महुआ टीवी के पीके तिवारी!

महुआ चैनल के प्रमोटर पी.के. तिवारी पर अब प्रवर्तन निदेशालय ईडी का शिकंजा कसता नजर आ रहा है। 14 राष्ट्रीय बैंकों को अरबों रुपये का चूना लगाने वाले तिवारी पर आरोप है कि चैनल के स्टूडियो बनाने के नाम पर फर्जी तरीके से पांच कंपनियां बनाकर अलग-अलग बैंकों से लोन लेकर अरबों रुपये का चूना लगाया। तिवारी के खिलाफ ईडी और सीबीआई के आलावा आयकर विभाग की भी जांच चल रही है।

सूत्रों के मुताबिक जी न्यूज और आज तक के बगल में स्टूडियो की खाली पड़ी जमीन पर महुआ चैनल के मालिक पीके तिवारी ने स्टूडियो तो नहीं बनाया, लेकिन इमारतें जरूर खड़ी कर दी। बताया जाता है पहुंच वाले तिवारी ने बैंक अधिकारियों से सांठगांठ कर बिना मौके का मुआयना किये लोन ले लिया।  जिसके चलते बैंक भी अपने कर्जे की वसूली को लेकर उसके खिलाफ कोई करवाई नहीं कर सके।

गौरतलब है कि तिवारी ने बैंकों से लोन लेने के लिए 150 पेज  वाली जो प्रोजेक्ट रिपोर्ट एसबीआई काप्स से तैयार कराई, उसमें लिखा 101.59 करोड़ शेयर मार्केट से लायेंगें और बाकी का बैलेंस 203.18 करोड़ रुपये तीन अन्य बैंकों से फाइनेंस करायेंगे। इन बैंकों में पीएनबी, बैंक ऑफ बड़ोदा और यूनियन बैंक ऑफ इंडिया शामिल हैं। एसबीआई काप्स की रिपोर्ट में डिजटल स्टूडियो की जगह का जिक्र नहीं है, लेकिन इस जगह के नाम पर 300 करोड़ रुपये का बैंक से कर्ज महुआ के मालिक पी. के तिवारी ने ले लिया। यही हाल पीएनबी का हुआ। फिलहाल इस मामले की जाँच कर रही एजेंसियों का कहना है कि करोड़ों का लोन देने से पहले किसी भी बैंक के फील्ड अफसर ने महुआ चैनल के नोएडा कार्यालय जाने की जरुरत भी नहीं समझी।

इन दिनों अपने आंगन में एक ‘विजय माल्या’ के अवतरण से बेचैन है। वैसे यह पहली घटना प्रकाश में आई है, अनेक अभी अंधकार में छिपे हैं। चर्चा का बाजार गर्म है कि क्या शराब कारोबारी विजय माल्या की तरह यह चैनल कारोबारी माल्या भी कानून को ठेंगा दिखा विदेश भाग जाएगा या ऊपरी ‘कृपा’ से पाक साफ बच जाएगा?

सूत्रों के मुताबिक कभी इंडिया टीवी के मालिक रजत शर्मा के खास रहे पी के तिवारी ने रजत शर्मा से अलग हो जाने के बाद नोएडा की फिल्म सिटी में अलग-अलग टीवी लांच करने के नाम पर 14 राष्ट्रीय बैंकों को अरबों रुपये का चूना कर्ज लेकर लगाया। मिसाल के तौर पर महुआ टीवी की कंपनी सेंचुरी काम्युनिकेशन थी। इसी कंपनी को लांच करने के लिए 760 करोड़ रुपये लिए गए। इसी तरह एडिटिंग के लिए तिवारी ने पिक्शन विजन कंपनी बनाई। इसके लिए बैंकों से 195 करोड़ ऐंठ लिए। इतना ही नहीं महुआ के एक ओर चैनल के लिए 234 करोड़ की टोपी बैंकों को पहनाई। बताया जाता है कि तिवारी ने प्रोजेक्ट की फर्जी रिपोर्ट बनाकर नोएडा और कोलकाता में देश का सबसे आधुनिक डिजटल स्टूडियो बनाने की प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार की और स्टेट बैंक से लेकर पंजाब नेशनल बैंक तक के अधिकारियों को खिला-पिला कर 304.77 करोड़ रुपये वसूल लिए।

लेखक एसएन विनोद वरिष्ठ पत्रकार और स्तंभकार हैं.




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