बीजापुर | पत्रकार मुकेश चंद्राकर हत्याकांड में विशेष जांच दल (SIT) ने 75 दिनों की विस्तृत जांच के बाद बीजापुर व्यवहार न्यायालय में चार्जशीट दाखिल कर दी है। इस चार्जशीट में कुल 1241 पन्ने शामिल हैं, जिसमें 762 पन्नों का चालान और 479 पन्नों की कैश डायरी दर्ज की गई है।
SIT ने साक्ष्यों और गवाहों के बयानों के आधार पर आरोपियों सुरेश चंद्राकर, दिनेश चंद्राकर, रितेश चंद्राकर और महेंद्र रामटेके के खिलाफ यह रिपोर्ट तैयार की है। मामले की गंभीरता को देखते हुए उच्च स्तरीय 11 सदस्यीय SIT गठित की गई थी, जिसने घटना के हर पहलू की गहन जांच की।
कैसे हुआ था पत्रकार मुकेश चंद्राकर का मर्डर?
1 जनवरी 2025 की रात ठेकेदार सुरेश चंद्राकर समेत चार आरोपियों ने मिलकर पत्रकार मुकेश चंद्राकर की बेरहमी से हत्या कर दी थी। घटना को छुपाने के लिए शव को सेप्टिक टैंक में फेंक दिया गया था। जब अगले दिन तक मुकेश का कोई पता नहीं चला, तो स्थानीय पत्रकारों ने बीजापुर कोतवाली में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करवाई।
पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए जांच शुरू की और 2 जनवरी की शाम आरोपी ठेकेदार के घर के सेप्टिक टैंक से मुकेश का शव बरामद किया। 24 घंटे के भीतर चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया था।
जांच के दौरान SIT को कई महत्वपूर्ण सुराग मिले, जिसके आधार पर यह विस्तृत चार्जशीट तैयार की गई। पुलिस ने पहले ही प्रेस विज्ञप्ति जारी कर बताया था कि हत्या की साजिश और इसके पीछे के कारणों को लेकर कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं।
अब न्यायालय में इस मामले की सुनवाई शुरू होगी, जिससे जल्द ही दोषियों को सजा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

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