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सुप्रीम कोर्ट ने प्रणय रॉय और राधिका रॉय को दी राहत

एनडीटीवी के प्रमोटरों प्रणय रॉय और राधिका रॉय को राहत देते हुए उच्चतम न्यायालय ने प्रतिभूति अपीलीय न्यायाधिकरण (सैट) के समक्ष सुरक्षा राशि जमा करने से छूट दे दी है। इनसाइडर ट्रेडिंग से संबंधित एक मामले में भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) द्वारा लगाए गए 16.9 करोड़ रुपये से अधिक के दंड के खिलाफ उनकी अपील पर सुनवाई होनी है। उच्चतम न्यायालय ने मामले पर सुनवाई करते हुए सिक्योरिटीज अपीलेट ट्रिब्यूनल (एसएटी) से कहा कि वह प्रणय रॉय या एनडीटीवी को सुनवाई के लिए जुर्माने की 50 फीसद रकम को जमा करने के लिए न कहे।

मामले की सुनवाई चीफ जस्टिस एसए बोबड़े, जस्टिस एएस बोपन्ना और जस्टिस वी रामासुब्रमण्यन की पीठ ने की। चीफ जस्टिस ने कहा कि सुनवाई के लिए प्रणय रॉय और राधिका रॉय से कोई राशि सख्त तरीके से वसूल नहीं की जाएगी।

पिछले साल 27 नवंबर को सेबी ने 17 अप्रैल, 2008 से 6 फीसद प्रति वर्ष की दर से ब्याज के साथ-साथ 16.97 करोड़ के गलत लाभ की राशि को 45 दिनों के भीतर वापस करने का निर्देश दिया था। बाजार नियामक ने कहा कि एनडीटीवी के प्रवर्तकों ने कंपनी के प्रस्तावित पुनर्गठन के संबंध में अप्रकाशित मूल्य संवेदनशील सूचना (यूपीएसआई) के कब्जे में रहते हुए अप्रैल 2008 में कंपनी के शेयरों में सौदा करके गलत लाभ कमाया।

सेबी ने 2 साल की अवधि के लिए, प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से या प्रतिभूतियों के बाजार से जुड़े होने के कारण, प्रतिभूतियों को खरीदने, बेचने या अन्य लेनदेन करने पर भी रोक लगा दी। इस आदेश के विरुद्ध उन्होंने प्रतिभूति अपीलीय न्यायाधिकरण (सैट) से संपर्क किया। 4 जनवरी 2021 को सैट ने पूर्ण रोक लगाने से इनकार कर दिया और उन्हें 4 सप्ताह के भीतर 50 फीसद जुर्माना जमा करने का निर्देश दिया। इस आदेश को चुनौती देते हुए उन्होंने उच्चतम न्यायालय में अपील दायर की। मामले पर अगली सुनवाई 4 मार्च को होगी।

दरअसल, प्रणय रॉय और राधिका रॉय पर शेयरों की बिक्री कर 16.97 करोड़ रुपए गलत तरीके से कमाने का आरोप है। सेबी के मुताबिक इन्होंने 17 अप्रैल 2008 को शेयर बेचे थे, जो कि इनसाइडर ट्रेडिंग (भेदिया कारोबार) का मामला है। इसके 12 साल बाद नवंबर 2020 में सेबी ने एक ऑर्डर पास किया, जिसमें उसने मुनाफे की रकम को लौटाने का आदेश दिया था। इसके खिलाफ एनडीटीवी प्रमोटर ने सैट में अपील की।

मामले पर पिछली सुनवाई 28 जनवरी को हुई थी। तब एनडीटीवी के वकील मुकुल रोहतगी ने कोर्ट को बताया था कि सेबी द्वारा इनसाइडर ट्रेडिंग मामले पर जुर्माने के लिए प्रमोटर एनडीटीवी में अपने शेयरों की पेशकश करने को तैयार हैं। उन्होंने बताया था कि रॉय के पास करीब 50 लाख शेयर हैं, जो प्रति शेयर 37 रुपए पर कारोबार कर रहे हैं। इस लिहाज से शेयर की कीमत जुर्माना राशि से ज्यादा है।

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