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टीवी

टीवी यानि वो सर्कस जो बड़े तंबू से निकल कर आपके घर में आ गया है!

Arun Maheshwari : आज के ‘टेलिग्राफ़’ में वरिष्ठ पत्रकार सुनन्दा के दत्ता राय ने अपने लेख ‘टीवी सर्कस ही है, यह गंभीर अख़बार का विकल्प नहीं’ में ब्रिटिश अभिनेता राबर्ट मोर्ले के टीवी के बारे में इस कथन को याद किया है कि यह ‘बिग टेंट’, स्थानीय भाषा में सर्कस है। “अब सर्कस बड़े तंबू में नहीं, आपके घर में आ गया है।”

Arun Maheshwari : आज के ‘टेलिग्राफ़’ में वरिष्ठ पत्रकार सुनन्दा के दत्ता राय ने अपने लेख ‘टीवी सर्कस ही है, यह गंभीर अख़बार का विकल्प नहीं’ में ब्रिटिश अभिनेता राबर्ट मोर्ले के टीवी के बारे में इस कथन को याद किया है कि यह ‘बिग टेंट’, स्थानीय भाषा में सर्कस है। “अब सर्कस बड़े तंबू में नहीं, आपके घर में आ गया है।”

कहना न होगा टीवी न्यूज चैनल्स एंकरों और कुछ अन्य जीव-जंतुओं का खेल भर बन कर रह गये हैं, जिसमें पालतू जीव-जंतु चिंघाड़ते, नाना प्रकार की मुद्राएँ करते रहते हैं। इनमें अर्नब गोस्वामी तथा कुछ हिंदी चैनलों के एंकर सबसे अधिक वफ़ादार जान पड़ते हैं। सुनन्दा के दत्ता राय ने भी अर्नब गोस्वामी का नामोल्लेख किया है।

साहित्यकार अरुण माहेश्वरी की एफबी वॉल से.

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