वेब पत्रकारिता ने मीडिया को ज्यादा सुलभ बनाया है

raipur aayojan

रायपुर। पठनीय सामग्री और आकर्षक कलेवर से छत्तीसगढ़ में अपनी पहचान स्थापित कर चुकी आम आदमी मासिक पत्रिका ने साहित्यिक आयोजनों की ओर कदम बढ़ाते हुए, विगत शनिवार को एक संगोष्ठी का आयोजन किया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में राज्यसभा सांसद नंद कुमार साय उपस्थित थे जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता रायपुर प्रेस क्लब के अध्यक्ष तथा सन स्टार अखबार के संपादक अनिल पुसदकर ने की।

मुख्य अतिथि साय ने कहा कि वेब पत्रकारिता ने अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को और मजबूत किया है अन्यथा पहले आपकी बात, विचार या लेख प्रकाशित होंगे या नहीं होंगे, यह समाचार-पत्रों के संपादक ही तय करते थे लेकिन अब सोशल नेटवर्किंग साइटस और ब्लॉग जैसे विकल्प हैं जिनके माध्यम से आप अपनी खबर जन-जन तक पहुंचा सकते हैं। उन्होंने इस बात की आवश्यकता जताई कि पुरानी पीढ़ी विचार और ज्ञान का खजाना है अत: नई पीढ़ी से संपर्क स्थापित करने के लिये उसे इन माध्यमों का सहारा भी लेना चाहिए।

अध्यक्षता कर रहे रायपुर प्रेस क्लब के अध्यक्ष तथा सन स्टार अखबार के संपादक अनिल पुसदकर ने कहा कि ऑनलाइन सुविधा होने के बाद अब किसी भी पत्रकार की एक्सलूजिव खबर या विचार को दबाया नहीं जा सकता क्योंकि उसके पास तमाम तरह के ऑनलाइन विकल्प मौजूद हैं जिनका प्रयोग करके वह जनता को सही सूचना देने का अधिकारी है। पुसदकर ने कहा कि तकनीक ने खबरों के समय और महत्व को पूरी तरह बदलकर रख दिया है, इससे वेब पत्रकारिता ने कम समय में ही अपने महत्व को रेखांकित किया है।

मुख्य वक्ता के रूप में भाजपा की पत्रिका दीप कमल के संपादक पंकज झा ने कहा कि सोशल मीडिया की ताकत दिनोंदिन बढ़ रही है साथ ही अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की भी। झा ने सोशल मीडिया को ‘अभिव्यक्ति की आजादी का पीडीएस सिस्टम’ कहते हुए कहा कि जिस तरह प्रदेश में सस्ते चावल की योजना के बाद ‘भूख’ पर विजय पायी गयी है उसी तरह सदियों से अभिव्यक्ति के भूखों के लिए यह सोशल मीडिया भी ‘सस्ता चावल’ बन कर आया है। जैसे खाए अघाए लोग पीडीएस की आलोचना करते हुए कहते हैं कि इससे लोग कामचोर हो गए हैं उसी तरह अभिव्यक्ति के खाए अघाए तबकों, कोर्पोरेट मीडिया के नुमाइंदों द्वारा सोशल मीडिया के दुरूपयोग की बात कर रहे हैं।

सवाल है कि देश-दुनिया का एजेंडा सेट कर लेने के अहंकार में चूर मुख्यधारा के मीडिया को जब यह गुमान है कि वो अपने अधिकार का दुरूपयोग नहीं कर रहा है तो सोशल मीडिया सेनानी कैसे इसका दुरूपयोग करेंगे? अभी जिस तरह वंचित तबकों ने भूख से मुक्ति का उत्सव मनाना शुरू किया है और बाद में वो ज्यादा मेहनत कर मकान और शिक्षा के लिए मेहनत करना शुरू करेंगे ऐसे ही वेब-जनों को भी अभी अभिव्यक्ति का उत्सव मनाने दीजिये। धीरे-धीरे वो और ज्यादा जिम्मेदार होंगे, ऐसी उम्मीद कीजिये और शुभ कामना भी दीजिये।

कार्यक्रम में साहित्यकार तथा प्राध्यापक डॉ. सुधीर शर्मा ने संस्कृति और भाषा के सम्मान की पैरवी की और कहा कि वेब पत्रकारिता आने के बावजूद समाचार-पत्रों की महत्ता में कोई कमी नहीं आई है लेकिन वेब संस्करण के चलते अब आप अपना मनपसंद अखबार कहीं भी पढ़ सकते हैं। खबरों के इतने सारे विकल्प होने के बावजूद आम आदमी सरकारी आलोचना और व्यक्तिगत हमलों से अभी भी डरता है।

वरिष्ठ पत्रकार तथा राष्ट्रीय सहारा के ब्यूरो चीफ रमेश शर्मा ने विषय संदर्भ रखते हुए वेब पत्रकारिता के महत्व और प्रभावों पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम की शुरूआत अतिथियों के परिचय और स्वागत के साथ हुई तत्पश्चात आम आदमी पत्रिका के संपादक अनिल द्विवेदी ने कहा कि साहित्यिक और भाषाई विकास में योगदान देने के लिये पत्रिका ने इस आयोजन का जिम्मा उठाया है, यह आगे भी जारी रहेगा। कार्यक्रम का संचालन साहित्यकार प्रभात मिश्र ने तथा आभार प्रदर्शन धीरेन्द्र शर्मा ने किया।



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