सीबीआई चीफ से घर मिलने जाते थे 2जी, कोयला तथा अन्य घोटालों के आरोपी

ranjit sinha

सीबीआई डायरेक्टर रंजीत सिन्हा के घर आने वालों में हाई प्रोफाइल और बेहद चौंकाने वाले नाम सामने आए हैं. रंजीत सिन्हा के दिल्ली स्थित घर पर 2013 से 2014 के बीच आए लोगों का लेखा-जोखा 310 पन्नों में मौजूद है. इनमें ढेर सारे नाम ऐसे हैं जिनकी जांच सीबीआई कर रही है या बीते समय में कर चुकी है.

अंग्रेजी अखबार ‘द इंडियन एक्सप्रेस’ ने मई 2013 से अगस्त 2014 तक रंजीत सिन्हा के घर आए लोगों की पड़ताल की है. सिन्हा के घर आने वालों में कोयला और 2जी घोटाले के आरोपियों से लेकर पूर्व केंद्रीय मंत्री सलमान खुर्शीद और हरियाणा के सीएम भूपिंदर सिंह हुड्डा शामिल हैं.

सुप्रीम कोर्ट को दी गई रिलायंस के बारे में सूचना

सुप्रीम कोर्ट को इस बारे में सूचित किया जा चुका है कि रंजीत सिन्हा के घर आने वालों में अनिल धीरूभाई अंबानी समूह (रिलायंस) के अधिकारी भी शामिल थे. रिलायंस के अधिकारियों के खिलाफ 2जी स्पेक्ट्रम घोटाले के मामले में जांच चल रही है. गुरुवार को मामले पर सुनवाई है.

पांच बार पहुंचे कोल स्कैम के आरोपी सांसद दरडा

रिलायंस अधिकारियों के अलावा और भी कई ‘विवादास्पद’ लोग रंजीत सिन्हा के घर पर अकसर आया करते थे. इनमें कांग्रेस सांसद विजय विजय दरडा और उनके बेटे देवेंद्र दरडा शामिल हैं. इन दोनों का नाम कोयला आवंटन घोटाले की मार्च 2014 में फाइल की गई चार्जशीट में शामिल है. मई 2013 से अगस्त 2014 के बीच विजय दरडा पांच बार सीबीआई प्रमुख के घर पहुंचे.

2जी के लाभार्थी पहुंचे 71 बार

सीबीआई प्रमुख के घर सबसे ज्यादा आने वालों में एचएफसीएल ग्रुप के प्रमोटर महेंद्र नाहटा शामिल हैं, जो 2जी घोटाले के कथित लाभार्थी हैं. इन 15 महीनों में वह 71 बार बार सीबीआई प्रमुख के घर पहुंचे. अंग्रेजी अखबार ने जब नाहटा से संपर्क किया तो उन्होंने कहा, ‘रंजीत सिन्हा मेरे पारिवारिक मित्र हैं और मैं उन्हें दो दशकों से जानता हूं. मैं बतौर दोस्त कुछ-एक बार उनसे मिला, लेकिन मुझे नहीं पता कि यह 71 का आंकड़ा कहां से आया. बतौर दोस्त मैं उनसे आगे भी मिलता रहूंगा.’

दीपक तलवार का भी नाम

एक और चौंकाने वाला नाम है दीपक तलवार का. दीपक एक कंसल्टेंट हैं जिनका नाम नीरा राडिया टेप में उछला था. वह 54 बार सीबीआई चीफ के घर पहुंचे. आपको बता दें कि यह वही तलवार हैं जिनके खिलाफ सीबीआई ने जांच की शुरुआत तो की थी, लेकिन जल्द ही इसे बंद कर दिया.

मीट व्यापारी मोइन कुरैशी भी शामिल

नामों की फेहरिस्त में एक और विवादास्पद नाम मोइन कुरैशी का है. याद रहे कि यह वही मोइन कुरैशी हैं जिनके पूर्व सीबीआई अध्यक्ष एपी सिंह से संबंधों पर विवाद हुआ था. 2013 से 2014 के बीच वह 70 बार रंजीत सिन्हा से मिलने पहुंचे. आखिरी बार वह 12 अगस्त को सीबीआई चीफ के घर पहुंचे थे. कई बार तो वह सिन्हा के घर एक दिन में दो बार पहुंचे और कई बार उनकी पत्नी भी साथ थीं.

रजिस्टर में लिखा था, ‘नाहटा जी’

अखबार ने लिखा है कि उसने विजय दरडा, तलवार और कुरैशी से संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन वे टिप्पणी के लिए उपलब्ध नहीं हो पाए. एंट्री के रजिस्टर में कई जगहों पर ‘नाहटा जी’ और ‘कुरैशी जी’ लिखा है, जिससे पता चलता है कि गेट पर तैनात पुलिस वाले उनके अकसर आने जाने से परिचित थे.

दिल्ली के पूर्व पुलिस कमिश्नर भी शामिल

बुधवार को सफाई देते हुए रंजीत सिन्हा ने कहा था कि घर से वह दफ्तर का काम भी करते थे. लेकिन हैरत की बात है कि उनके घर आने वालों की सूची में बमुश्किल किसी सीबीआई अधिकारी का नाम है. एंट्री बुक से ऐसे कोई संकेत नहीं मिलते कि घर से दफ्तर का काम भी किया जाता था. बल्कि रजिस्टर से पता चलता है कि जून 2013 में पूर्व विदेश मंत्री सलमान खुर्शीद भी देर रात रंजीत सिन्हा के घर पहुंचे. फरवरी 2014 में पूर्व मंत्री सुबोधकांत सहाय भी उनके घर गए. हरियाणा के मुख्यमंत्री भूपिंदर सिंह हुड्डा और दिल्ली पुलिस के पूर्व कमिश्नर नीरज कुमार दो बार सीबीआई प्रमुख के घर पहुंचे.
 
अखबार ने लिखा है कि जब खुर्शीद से इस मुलाकात के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि उन्हें ‘सरकारी काम’ था. ये लोग सीबीआई चीफ से मिलने पहुंचे इसमें कोई शक नहीं है, क्योंकि गेट पर दर्ज किए गए वाहनों के नंबर उनके मालिकों के नाम से मेल खाते हैं.

मेरी निजता का हनन किया गया: सिन्हा

सिन्हा ने अखबार से कहा, ‘रजिस्टर के आंकड़ों की सच्चाई और प्रामाणिकता स्थापित किए जाने की जरूरत है. यह मेरी निजता का हनन है. हां, दीपक तलवार और देवेंद्र दरडा जैसे लोग मेरे घर आए थे. तो क्या हुआ? अगर वह अपना पक्ष रखने के लिए मुझसे मिलना चाहते हैं, तो मैं क्या मना कर दूंगा?’ सिन्हा ने आरोप लगाया कि एंट्री रजिस्टर पर नाम और वाहनों के नंबर रिपीट किए गए हैं और लोग इतनी ज्यादा बार उनके घर नहीं आए.

सीबीआई चीफ ने कहा, ‘मोइन कुरैशी अब भी मेरे घर आते हैं, जब से वह सीबीआई से संबंध विवाद से परेशान हैं. इसी तरह, दीपक तलवार अपने एयरपोर्ट प्रोजेक्ट से जुड़ी दिक्कतों पर बात करने आते थे. लेकिन ये लोग रोज क्यों मेरे घर आएंगे? किस वजह से? कोई है जो शरारत कर रहा है. ‘

हालांकि अभी यह भी साफ नहीं हो पाया है कि रंजीत सिन्हा के घर आने-जाने वालों का रजिस्टर पीआईएल एक्टिविस्ट और आम आदमी पार्टी नेता प्रशांत भूषण तक कैसे पहुंच गया. प्रशांत भूषण 2जी मामले में याचिकाकर्ता भी हैं. (आज तक से साभार)

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