Yashwant Singh : योगी आदित्यनाथ के सीएम बन जाने से एक बड़ा फायदा ये है कि यूपी के सीएम को अब अपने परिवार के लोगों के लिए सांसदी, मंत्रालय, ठेका, उगाही आदि के लिए प्रयास नहीं करना होगा. मुलायम और अखिलेश के सीएम वाले कार्यकाल में इनके कुनबे के जितने लोग सांसद विधायक बने, जितने लोग मंत्री बने, जितने लोग ठेका पट्टी से जमकर लूटे, जितने लोग ट्रांसफर पोस्टिंग से ठूंस कर कमाए यानि इन लोगों ने अपने कार्यकाल में अपने और अपने कुनबे के जरिए जितना माल दूहा, इकट्ठा किया-कराया है, अगर वो सब जब्त कर मेरे पूर्वी उत्तर प्रदेश इलाके के हर घर के प्रत्येक सदस्य के बीच वितरित कर दिया जाए तो हर एक को कम से कम एक-एक लाख रुपया मिल जाएगा…
(….मुलायम सिंह जी जाने क्या मोदी के कान में फूंक चुके हैं, शपथ ग्रहण के दिन और आज अपर्णा प्रतीक खुद अपने पैरों से चलकर योगी जी से मिल आए हैं… ऐसे में धन की जब्ती तो छोड़िए, इस कुनबे के काम और आय की जांच भी होगी या नहीं, कुछ कहा नहीं जा सकता…)
योगी संन्यासी हैं और दीक्षा लेने के बाद से अपने परिवार से दूर हैं. इसलिए वो पूरी तरह प्रदेश के विकास के लिए काम करने में मन लगाएंगे, ये उम्मीद करता हूं. पिछले दस वर्षों में जिस कदर अंध लूट, तुष्टीकरण, उगाही, जंगलराज का दौर चला, उससे निजात पाने में वक्त तो लगता है… बूचड़खाने हों, लेकिन लाइसेंसी हों… सड़क पर नौजवान चलें लेकिन लड़कियों की तरफ निगाह न करें… ये दो अच्छे काम कर रहे हैं योगी जी.. साइड इफेक्ट हर काम के होते हैं.. जो अफसर इंप्लीमेंटेशन में गड़बड़ करें उन्हें भी दौड़ा कर दंड दो लेकिन सैद्धांतिक रूप से दोनों फैसले ठीक हैं… मेरी सबसे ज्यादा उत्सुकता किसानों की कर्ज माफी वाले वादे की है. अगर योगी जी ये वाला काम भी कर दें तो उत्तर प्रदेश के किसानों के मुर्झाए चेहरों पर लाली लौट आएगी… जैजै
भड़ास के एडिटर यशवंत सिंह की एफबी वॉल से.
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