आईपीएस अमिताभ ठाकुर हजरतगंज थाने के सामने धरने पर बैठे, मुलायम के खिलाफ एफआईआर लिखने की मांग

यूपी में जंगलराज चरम पर है. सीएम अखिलेश के पिताजी मुलायम सिंह यादव एक आईपीएस अफसर को फोन पर धमकाते हैं तो उस अफसर ने थाने में धमकी के मामले में रिपोर्ट दर्ज करने के लिए अप्लीकेशन दिया. थाना पुलिस ने एफआईआर जब दर्ज नहीं किया तो आईपीएस अफसर कोर्ट जाता है और कोर्ट की तरफ से थाना पुलिस को एफआईआर दर्ज करने के लिए आदेशित किया जाता है. बावजूद इसके पुलिस प्रशासन चुप्पी साधे बैठे रहता है. इन हालात से दुखी आईपीएस अफसर थाने के सामने धरने पर बैठ जाता है.

जी हां. बात अमिताभ ठाकुर की हो रही है. इस जनपक्षधर आईपीएस अधिकारी ने सत्ता और शासन के काले चेहरे को बेनकाब किया तो इन्हें तरह तरह से प्रताड़ित किया जाने लगा. यहां तक कि निलंबित भी कर दिया गया है. अब इसी अफसर ने मुलायम सिंह यादव की धमकी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के लिए कोर्ट पुलिस से हारने के बाद गांधी जी के रास्ते पर चलते हुए थाने के सामने धरने पर बैठने का रास्ता चुना. इस अहिंसक और लोकतांत्रिक तरीके से विरोध दर्ज कराने और अपनी बात दुनिया के सामने लाने के लिए अमिताभ ठाकुर के साहस की प्रशंसा की जा रही है. खासकर सोशल मीडिया पर अमिताभ ठाकुर के पक्ष में भरपूर सपोर्ट दिख रहा है. लखनऊ के हजरतगंज थाने के सामने धरने पर बैठे आईपीएस अधिकारी अमिताभ ठाकुर को ढेर सारे पुलिस वाले घेरे हुए हैं. पुलिस ने कोशिश की थी कि वो धरने पर न बैठें लेकिन अपने जिद व जुनून के लिए चर्चित अमिताभ ने सत्ता से टकराने का रास्ता अख्तियार किया. कथित मुख्य धारा की मीडिया पर इस प्रकरण को न दिखाने छापने का भरपूर दबाव है.

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