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फोन, लैपटाप जैसे गैजेट्स के ज्यादा उपयोग से सिकुड़ जाता दै दिमाग!

ब्रेन तथा मल्टी टास्किंग के बीच रिश्ते को बयां करता एक हालिया अध्ययन बताता है कि ज्यादा मीडिया गैजेट्स के उपयोग से ब्रेन सिकुड़ता है। विभिन्न तरह के मीडिया गैजेट्स का एक साथ उपयोग करने वालों के मस्तिष्क की संरचना प्रभावित होती है। अध्ययन के मुताबिक, इसका आकार कम होता जाता है। हालिया एक सर्वे में सामने आया है कि साथ-साथ अपने मोबाइल फोन, लैपटॉप और अन्य मीडिया उपकरणों के इस्तेमाल से संज्ञानात्मक और भावनात्मक नियंत्रण के लिए जिम्मेदार दिमाग का ग्रे मैटर कम होता जाता है।

ब्रेन तथा मल्टी टास्किंग के बीच रिश्ते को बयां करता एक हालिया अध्ययन बताता है कि ज्यादा मीडिया गैजेट्स के उपयोग से ब्रेन सिकुड़ता है। विभिन्न तरह के मीडिया गैजेट्स का एक साथ उपयोग करने वालों के मस्तिष्क की संरचना प्रभावित होती है। अध्ययन के मुताबिक, इसका आकार कम होता जाता है। हालिया एक सर्वे में सामने आया है कि साथ-साथ अपने मोबाइल फोन, लैपटॉप और अन्य मीडिया उपकरणों के इस्तेमाल से संज्ञानात्मक और भावनात्मक नियंत्रण के लिए जिम्मेदार दिमाग का ग्रे मैटर कम होता जाता है।

मल्टीटास्किंग को लेकर ब्रिटेन स्थित ससेक्स विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं ने एक चौंकाने वाले अध्ययन के परिणाम पेश किए हैं। स्टडी के अनुसार, कई मीडिया उपकरणों का एक-साथ उपयोग करने वाले लोगों का ग्रे मैटर का घनत्व, कभी-कभी सिर्फ एक उपकरण का उपयोग करने वालों की तुलना में कम पाया गया है। सीधे शब्दों में मल्टी-टास्किंग अवसाद और चिंता के रूप में भावनात्मक समस्याओं को बढ़ावा देती है। इस लंबे चले अध्ययन में उच्च-समवर्ती मीडिया के उपयोग मस्तिष्क संरचना में परिवर्तन की ओर ले जाता है। शोधकर्ताओं ने 75 वयस्कों के मस्तिष्क संरचना को देखने के लिए एफएमआरई का सहारा लिया था। इन लोगों को टीवी और प्रिंट मीडिया सहित मीडिया गैजेट्स के उपयोग और उनके समय खपत के बारे में पूछा था। व्यक्तिगत लक्षण को इतर रखते हुए आंकड़ों में, संज्ञानात्मक और भावनात्मक के लिए जिम्मेदार मस्तिष्क का ग्रे हिस्सा छोटा पाया गया।

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