धार पत्रकार संघ के कार्यक्रम में 700 से अधिक पत्रकारों को मिली बीमा पॉलिसी

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धार (मप्र)। मालवा के विकास की पत्रकारिता की विरासत को ध्यान में रखकर जिले का मीडिया शांति, सदभाव व विकास की जिम्मेदारी ले। शांति और सदभाव पर ही विकास तथा आर्थिक प्रगति निर्भर हैं। यदि धार में शांति स्थापित हो जाए तो कार्पोरेट जगत धार की ओर आकर्षित होगा तथा सरकार को भी विकास करना पड़ेगा। पत्रकार आईटी फ्रेंडली बनें तथा अपने सूचना तंत्र मजबूत करे। शासक और पत्रकारों दोनों की सफलता का राज सूचनाओं में छिपा हैं। ये विचार प्रदेश के नगरीय कल्याण तथा आवास व पर्यावरण मंत्री कैलाष विजयवर्गीय ने जिला पत्रकार संघ द्वारा आयोजित शब्द समागम 2014(07.08.2014) समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में बोलते हुए व्यक्त किए।

सहारा समय चैनल हैड मनोज मनु ने सोशल मीडिया को पत्रकारिता के लिए बडी चुनौती बताते हुए स्वयं की आचार संहिता पर जोर दिया। उन्होंने सवाल उठाया कि धार केवल एक ही मुद्दे के कारण चर्चा में क्यों रहता हैं। मनु द्वारा उठाए गए सवाल पर चर्चा करते हुए विजयवर्गीय ने कहा कि मीडिया इस बात की जिम्मेदारी ले कि वह धार के दोनों वर्गो को एक जाजम पर बैठाएगा और बसंत पंचमी तथा शुक्रवार साथ में आने पर भी शांति बनी रहे, यह प्रयास करेगा। यदि दोनों वर्ग एक दूसरे की भावनाओं का सम्मान करे तो ऐसे आयोजन में शासन को हस्तक्षेप करने की जरूरत ही नहीं पड़ेगी। जहां-जहां दंगे हो रहे हैं वहां विकास ठप हो गया है।

मालवा की पत्रकारिता और स्व. राजेन्द्र माथुर की मुक्तकंठ से प्रशंसा करते हुए विजयवर्गीय ने कहा कि उन्होंने विकास की पत्रकारिता के नए मापदण्ड स्थापित किए थे। आपातकाल में कलम पर जब बंदिश लगी तो उन्होंने संपादकीय कालम खाली छोडकर पूरी दुनिया को अनोखा संदेश दिया। प्रिंट मीडिया की वर्तमान स्थिति पर चिंता जताते हुए कहा कि उन्होंने आजकल  अखबार पढ़ना छोड़ दिया हैं। वे सोशल मीडिया का प्रयोग ज्यादा कर रहे हैं। इलेक्ट्रानिक मीडिया की गति बहुत तेज हैं वह सूचनाओं को क्षणों में एक से दूसरी जगह पहुंचा देता है।
 
विजयवर्गीय ने जिला पत्रकार संघ के अध्यक्ष छोटू शास्त्री को सुझाव दिया कि वे पत्रकारों के लिए आईटी शिविर लगाकर उन्हें ई फ्रेंडली बनने के लिए तैयार करे। इससे क्षमता बढ़ती हैं। उन्होंने धार को श्रेष्ठ लोगों की भूमि बताते हुए उसकी जमकर तारीफ की।

आपराधिक प्रकरणों को लेकर देंगे आईजी को निर्देश

मंच से पत्रकारों के विरूद्ध आपराधिक प्रकरण दर्ज करने के पूर्व जांच की मांग उठाए जाने पर विजयवर्गीय ने कहा कि वे कार्यक्रम खत्म होते ही आईजी को इस बारे में समुचित निर्देश देंगे।

संयम सबसे बडी आवश्यकता: मनोज मनु

शब्द समागम में ‘वर्तमान परिवेष में पत्रकारिता की प्रासंगिकता और चुनौतियां ’ विषय पर उद्बोधन देते हुए मुख्य वक्ता सहारा समय चैनल हैड मनोज मनु ने कहा कि पत्रकारिता में सयम सबसे बड़ी चुनौती हैं। पत्रकारिता संक्रमण के दौर में हैं। इसलिए आत्मलोचन करते रहें। स्वयं के लिए आचार संहिता बनाएं। समाज से जो प्यार और स्नेह मिल रहा हैं उसे बनाए रखें। खबर लिखते समय आम लोगों के सम्मान का भी ध्यान रखे। सोशल मीडिया के युग में पत्रकार बनने के लिए अब शैक्षणिक योग्यता उतनी जरूरी नहीं रह गई हैं उसकी बजाय जागरूकता और घटनाओं पर तिखी नजर जरूरी हैं। सोशल मीडिया बड़ी चुनौती बनकर उभरा हैं। सरकारे भी इस मीडिया पर आ रही हैं। इसने जनता और नेता के बीच की दूरी कम कर दी हैं।

एक पूर्व वक्ता द्वारा मोदी सरकार के गठन में मीडिया की अहम भूमिका बताए जाने पर उन्होनें कहा कि मीडिया सरकार बनाने का काम नहीं करता वह केवल सच दिखाता हैं फैसला लेागों को करना होता हैं। जिस मीडिया ने अच्छे दिन लाने का वादा करने वालों को सिर आंखों पर बैठाया हैं यदि अच्छे दिन नहीं आए तो वह उन्हें उसी जगह पर पहुंचा भी सकता हैं। उन्होंने कहा सुधार की जिम्मेदारी सभी की हैं। घर में बैठकर टीवी देखते हुए दूसरो को उपदेश देने से सुधार नहीं आएगा। मीडिया केवल सहयोगी की भूमिका निभा सकता हैं। अपने अधिकार लेने के लिए जनता को खुद जागरूक होना पड़ेगा।
 
पूर्व मंत्री और मनावर विधायक रंजना बघेल ने पत्रकारों को स्व. अरविंद काशिव का स्मरण कराते हुए कहा कि उनकी भाषा में मालव माटी की सुगंध थी। उन से वर्तमान पत्रकारों को सीखना चाहिए। पत्रकारों के साथ अपने खट्टे मीठे अनुभव साझा करते हुए उन्होंने कहा खबरों में वास्तविकता से दूर न हटे।

गंधवानी विधायक उमंग सिंघार ने स्वीकार किया कि मोदी सरकार बनाने में मीडिया की भूमिका रही हैं। मीडिया ने ज्वलंत मुद्दे उठाए। कैलाश विजयवर्गीय को प्रदेश का सबसे सशक्त मंत्री बताते हुए सिंघार ने उनसे अपील की कि वे पत्रकारो को शासन-प्रशासन की प्रताड़ना से बचाने की नीति बनवाए। सरदारपुर विधायक वेलसिंह भूरिया ने भी अपने विचार रखे।

धार की बेटी का सम्मान

शब्द समागम 2014 के मंच से धार की बेटी और बहू तथा प्रख्यात लेखिका डॉ. स्वाति तिवारी का जिला पत्रकर संघ द्वारा आत्मीय अभिनंदन किया गया। कैलाश विजयवर्गीय, रंजना बघेल, पंडित छोटू शास्त्री व अन्य अतिथियों ने शाल और श्रीफल तथा अभिनंदन पत्र डॉ. तिवारी को भेट किया। अपने मार्मिक उद्बोधन में डॉ. तिवारी ने कहा साहित्य उन्हें विरासत में मिला जबकि पत्रकारिता ससुराल में। उन्होंने दोनों को आत्मसात किया हैं। उन्होंने अपने बचपन की मधुर यादें भी श्रोताओं के साथ साझा की।

700 से अधिक पत्रकारों को मिली बीमा पॉलिसी

समागम के अवसर पर जिले से पधारे 700 से अधिक पत्रकारों को धार जिला पत्रकार संघ की ओर से 2-2 लाख की निःशुल्क बीमा पॉलिसी भेट की गई। अतिथियों ने 11 पत्रकारों को मंच पर बुलाकर प्रतीकात्मक रूप से बीमा पॉलिसी दी।

इस अवसर जिला पत्रकार संघ द्वारा प्रकाशित स्मारिका धार की धड़कन तथा नागदा-कानवन के पत्रकारों द्वारा प्रकाशित सृष्टि का आधार बेटी पत्रिका का भी लोकार्पण किया गया।

शब्द समागम 2014 के मंच की शोभा उक्त अतिथियों के अलावा धार जिला पत्रकार संघ अध्यक्ष पंडित छोटू शास्त्री, धरमपुरी विधायक कालूसिंह ठाकुर, विधायक प्रतिनिधि अनंत अग्रवाल, नपा अध्यक्ष ममता जोशी, जिला पत्रकार संघ की संरक्षक पुष्पा शर्मा, वरिष्ठ पत्रकार कैलाश तिवारी ने बढ़ाई।

अतिथियों ने गरिमामय समारोह का शुभारंभ मां सरस्वती व स्व. राजेंद्र माथुर, स्व. अरविंद काशिव व स्व. कृष्णलाल शर्मा के चित्रों पर माल्यार्पण कर किया। संघ के जिलाध्यक्ष पंडित छोटू शास्त्री व संरक्षक पुष्पा शर्मा सहित जिले भर से आए पत्रकारों ने अतिथियों का स्वागत किया। पत्रकार संघ द्वारा सभी अतिथियों को  स्मृति चिन्ह भेंट किए गए। कार्यक्रम का संचालन संघ के जिला महामंत्री प्रदीप अगाल ने किया। अंत में वरिष्ठ पत्रकार कैलाश तिवारी ने सभी का आभार व्यक्त किया।

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