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जीएसटी से बेरोजगारी की कगार पर खड़े एक पत्रकार की डायरी : जीएसटी का सच (पार्ट 1 से 12 तक)

जीएसटी का सच (पार्ट 1) : जीएसटी यानि छोटे और नए कारोबारों का दुश्मन

संजय कुमार सिंह
[email protected]

जीएसटी के बारे में बातें तो बड़ी-बड़ी की गईं पर यह छोटे और नए कारोबारों का दुश्मन है। मेरे कुछ ग्राहकों ने कहा कि अंतरराज्यीय “कारोबार” करने वालों के लिए जीएसटी पंजीकरण आवश्यक है और कायदे से वे काम कराना तो दूर जो काम करा चुके उसका भुगतान भी नहीं कर सकते। शुरू में तो मुझे यकीन ही नहीं हुआ पर अब लगता है कि वे सही ही कर रहे हैं। वैसे भी नौकरी करने वाले क्यों जोखिम उठाएं। वे काम नहीं कराएंगे, गलत हो तो क्यों करें। तनख्वाह तो मिलनी ही है। पर यह सब कितने दिन कैसे चलेगा भविष्य बताएगा।

जीएसटी का सच (आठ) : ईमेल का जवाब नहीं, हेल्प डेस्क चालू नहीं

संजय कुमार सिंह
[email protected]

पंजीकरण कराने के लिए मैंने जीएसटी कौंसिल के वेबसाइट http://www.gstcouncil.gov.in/contact-us से पंजीकरण से संबंधित पूछताछ का नंबर 0124-4688999 लिया। 22 अगस्त को दिन में 15:30 बजे यह नंबर नहीं मिला। रिकार्डेड संदेश आ रहा था कि इस नंबर के लिए इनकमिंग कॉल की सुविधा बंद है। मतलब यह नंबर बेकार है। बेवकूफ बनाने के लिए लिख दिया गया है। वहीं ई मेल आईडी [email protected] भी लिखा है। इसपर मैंने अपनी निम्नलिखित जिज्ञासा कोई 15:45 बजे ई मेल से भेजी है।
मैं एक पेशेवर अनुवादक हूं और गाजियाबाद स्थित अपने घर से अनुवाद के काम करता हूं। एक फर्म है। मेरी पत्नी उसकी स्वत्वाधिकारी हैं। जीएसटी लागू होने के बाद मुझे काम देने वाले ग्राहकों (जो बड़ी कंपनियां हैं) ने बताया कि सेंट्रल गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स ऐक्ट, 2017 की धारा 24 के अनुसार मुझे जीएसटी नंबर लेना होगा वरना वो मुझसे काम नहीं करा सकते हैं। वैसे तो यह कानून कोई भी पेशा अपनाने की मेरी स्वतंत्रता को बाधित करता है पर इस संबंध में जीएसटी कौंसिल से मुझे निम्न जानकारी चाहिए –

पंजीकरण मुझे अपने नाम से कराना चाहिए या फर्म के नाम से
पति-पत्नी घर से ही काम करने के लिए दो पंजीकरण कराएं या एक ही
भिन्न राज्यों में काम करने के लिए एक पंजीकरण होगा या अलग-अलग
पंजीकरण के बाद रिटर्न में क्या जानकारी देनी होगी। कब-कब रिटर्न दाखिल करना होगा
पंजीकरण और रिटर्न कैसे दाखिल होगा या कर के देखने का कोई तरीका है
क्या पंजीकरण के बाद कारोबार कम भी हो तो रिटर्न दाखिल करना होगा शून्य रिटर्न पर पंजीकरण कब तक वैध रहेगा या मामूली रिटर्न पर पंजीकरण रद्द होने का कोई नियम तो नहीं है
क्या मुझे टैक्स भी वसूलना होगा और सरकारी खाते में जमा करना होगा, कितने दिनों में 
अलग राज्यों से प्राप्त केंद्रीय जीएसटी और राज्य जीएसटी अलग-अलग जमा होंगे या एक साथ
मुझे पूरे जीएसटी ऐक्ट की एक प्रति कहां-कैसे मिल सकती है
कुछेक ग्राहकों ने जीएसटी पंजीकरण के बिना पैसे देने से मना कर दिया है। क्या यह कानून सम्मत है? अगर नहीं तो मुझे क्या करना चाहिए और हां तो क्या पंजीकरण के बाद ये पैसे दिलाने में जीएसटी कौंसिल मेरी सहायता करेगा?

यहां से जवाब तो नहीं आया पर ऐसा भी नहीं है कि कुछ नहीं हुआ। ऑटोमेटेड जवाब है कि आपका मेल प्राप्त हुआ, उसका नंबर यह है और इसका जवाब दिया जाएगा। इंतजार कर रहा हूं। जवाब आए फिर उस बारे में बात करूंगा। 

जीएसटी के एक और सरकारी साइट https://www.gst.gov.in/ पर कुछ काम की सूचनाएं हैं और जीएसटी कानून की प्रति, अधिसूचना आदि की प्रति मैंने डाउनलोड कर ली है। पर यहां हेल्प डेस्क का नंबर 0120 4888999 लिखा है। ई मेल का जो जवाब आया है उसमें भी यही नंबर है। मैंने इस नंबर पर भी बात करने की कोशिश की पर कोई फायदा नहीं हुआ। यह नंबर मिलाने पर रिकार्डेड संदेश बजता है कि यह नंबर मौजूद नहीं है। अभी पोस्ट करने से पहले यह नंबर फिर मिलाया तो बात हो गई और फोन पर संतोषजनक जानकारी व जवाब मिले। संक्षेप में यही कि नेट पर सब है। ट्राई कीजिए दिक्कत हो तो बताइए या आप चाहें तो अभी देखिए मैं बताती हूं। मैंने बाद में यह सब करने का निर्णय़ किया। इस बारे में फिर। इस साइट पर ईमेल पता helpdesk[at]gst[dot]gov[dot]in लिखा है। यह भले ही अलग तरीके से लिखा हुआ है पर है वही जो मैंने ऊपर लिखा है। मुझे लगता है कि कारोबारियों के लिए यह साइट है। दोनों में अंतर समझ में आए तो आगे बताउंगा।

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CosmoQuick: AI Recruitment For Media Jobs

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