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जेठमलानी ने किया न्यूज़ पोर्टल का शुभारम्भ और वरिष्ठ पत्रकारों का सम्मान

जेठमलानी बोले- भाजपा से जो धोखा मिला, उसे लेकर न केवल मुझे दु:ख है बल्कि शर्मिंदगी भी है

कानपुर : पूर्व केंद्रीय मंत्री राम जेठमलानी ने कहा कि जब वह राजग सरकार में मंत्री थे, तब प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी भी उनसे डरते थे। वेब पोर्टल ‘हमारी नजर’ का उद्घाटन करने के बाद श्री जेठमलानी ने कहा कि उन्हें इस बात का दु:ख है कि भाजपा से धोखा मिला। उन्होंने आम लोगों से अपील की कि वह सही और योग्य व्यक्ति को चुनें। सही व्यक्ति को न चुनने वाले लोग प्रजातंत्र के दुश्मन हैं। कानपुर के बर्रा स्थित ‘सिंधु इंटरनेशनल स्कूल’ में ‘सिन्धी सभा’ द्वारा आयोजित समारोह में जेठमलानी ने वेब पोर्टल ‘हमारी नजर’ का शुभारंभ किया।

जेठमलानी बोले- भाजपा से जो धोखा मिला, उसे लेकर न केवल मुझे दु:ख है बल्कि शर्मिंदगी भी है

कानपुर : पूर्व केंद्रीय मंत्री राम जेठमलानी ने कहा कि जब वह राजग सरकार में मंत्री थे, तब प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी भी उनसे डरते थे। वेब पोर्टल ‘हमारी नजर’ का उद्घाटन करने के बाद श्री जेठमलानी ने कहा कि उन्हें इस बात का दु:ख है कि भाजपा से धोखा मिला। उन्होंने आम लोगों से अपील की कि वह सही और योग्य व्यक्ति को चुनें। सही व्यक्ति को न चुनने वाले लोग प्रजातंत्र के दुश्मन हैं। कानपुर के बर्रा स्थित ‘सिंधु इंटरनेशनल स्कूल’ में ‘सिन्धी सभा’ द्वारा आयोजित समारोह में जेठमलानी ने वेब पोर्टल ‘हमारी नजर’ का शुभारंभ किया।

यहां मौजूद लोगों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि जब अटल जी के नेतृत्व में केंद्र में राजग सरकार का गठन हुआ तो उन्हें शहरी विकास मंत्री बनाया गया, जबकि वह कानून मंत्री बनना चाहते थे। श्री जेठमलानी ने कहा कि उन्होंने राजग के चुनावी एजेंडे को पूरा करते हुए एक साल में तीस लाख मकानों का निर्माण कराया था। मंत्रालय में उसी समय सूचना का अधिकार अधिनियम भी लागू करते हुए कह दिया गया था कि कोई भी व्यक्ति दस रुपये के साथ आवेदन कर कोई भी जानकारी ले सकता है। इसे लेकर प्रधानमंत्री अटल बिहारी कुछ बोल नहीं पाये, दरअसल वह भी मुझसे डरते थे लेकिन इसके कुछ ही दिन बाद उन्हें शहरी विकास मंत्रालय से हटाकर कानून मंत्री बना दिया गया। कानून मंत्री बनने पर उन्होंने एक साल पुराने वकील को सॉलिसिटर जनरल बनाये जाने का विरोध किया। यह काम पूर्व कानून मंत्री, जो कि तमिलनाडु की तत्कालीन मुख्यमंत्री जयललिता के करीबी थे, कर गये थे।

श्री जेठमलानी ने कहा कि उन्होंने इस नियुक्ति का विरोध किया। इसके बाद वह जब मुम्बई से पूना जा रहे थे, तो रास्ते में ही केंद्रीय मंत्री जसवंत सिंह का फोन आया कि आप इस्तीफा दे दो। इस पर जो पहली फैक्स मशीन मिली, उससे उन्होंने तत्काल अपना इस्तीफा प्रधानमंत्री को भेज दिया था। श्री जेठमलानी ने कहा कि इसके साथ ही उन्होंने भाजपा भी छोड़ दी। फिर अपनी लिखी दो किताबों का जिक्र करते हुए बोले कि इस विषय में ज्यादा जानकारी इन किताबों से पायी जा सकती है। उन्होंने कहा कि जब नरेन्द्र मोदी प्रधानमंत्री बने तो ‘‘संडे गार्जियन’ में लेख लिख कर उन्हें बधाई तो दी लेकिन शुरू से ही वह मोदी को प्रधानमंत्री बनाये जाने के विरोध में थे। भाजपा से उन्हें जो धोखा मिला, उसे लेकर न केवल उन्हें दु:ख है बल्कि शर्मिंदगी भी है।

उन्होंने कहा, ‘‘मोदी इज दि प्राइम मिनिस्टर फॉर एवरी फॉरेन कंट्री’ (मोदी प्रत्येक बाहरी देश के लिए प्रधानमंत्री हैं)। श्री राम जेठमलानी ने लोगों से अपील की कि जिस भी व्यक्ति को चुनो, उसका विगत चरित्र जरूर देखो। अपना वोट बेकार मत करो। अगर सही व्यक्ति को नहीं चुनते हैं तो आप प्रजातंत्र के दुश्मन हैं। इससे पूर्व श्री जेठमलानी ने सहारा न्यूज ब्यूरो के नेशनल हेड रमेश अवस्थी को शॉल और स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया। श्री अवस्थी के अलावा यहां पत्रकार माला दीक्षित, शहजाद अख्तर और समाजवादी नेता स्वर्गीय जनेश्वर मिश्र की पुत्री दर्जा प्राप्त राज्यमंत्री मीना तिवारी को भी सम्मानित किया गया। इस मौके पर राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष जरीना उस्मानी, वेब पोर्टल ‘हमारी नजर’ के संपादक अशोक अंशवानी सहित अन्य लोग मौजूद थे।

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