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पत्रिका वाले कोठारी बाप-बेटा का कारनामा : हक के लिए कोर्ट जाने पर रामकुमार सिंह और राकेश वर्मा को निकाला

राजस्थान पत्रिका समूह से खबर है कि इस अखबार के मालिक पिता पुत्र इन दिनों पूरी तरह क्रूर हो चुके हैं. मजीठिया वेज बोर्ड के पैमाने पर सेलरी देने की मांग को लेकर जो-जो भी पत्रकार या गैर-पत्रकार सुप्रीम कोर्ट या किसी अन्य कोर्ट / उपक्रम में गए हैं, उन्हें बिना किसी नियम कानून की परवाह किए हुए संस्थान से बाहर निकाले जाने की कार्रवाई हो रही है.

राजस्थान पत्रिका समूह से खबर है कि इस अखबार के मालिक पिता पुत्र इन दिनों पूरी तरह क्रूर हो चुके हैं. मजीठिया वेज बोर्ड के पैमाने पर सेलरी देने की मांग को लेकर जो-जो भी पत्रकार या गैर-पत्रकार सुप्रीम कोर्ट या किसी अन्य कोर्ट / उपक्रम में गए हैं, उन्हें बिना किसी नियम कानून की परवाह किए हुए संस्थान से बाहर निकाले जाने की कार्रवाई हो रही है.

ताजी सूचना के अनुसार जेड प्लस फिल्म के कहानीकार और पत्रिका समूह से संबद्ध रामकुमार सिंह को पत्रिका प्रबंधन ने बर्खास्त कर दिया है. इनके अलावा पत्रिका समूह में वरिष्ठ पद पर कार्यरत राकेश वर्मा को भी हटाए जाने की सूचना है. इसके पहले विनोद पाठक को कोठारी पिता-पुत्र कोर्ट जाने के कारण बाहर का रास्ता दिखा चुके हैं.  ज्ञात हो कि बुजुर्ग गुलाब कोठारी बड़े बड़े नैतिकतावादी आलेख अपने अखबार में प्रथम पृष्ठ पर छापने के लिए कुख्यात हैं वहीं इनके बेटे निहार कोठारी पत्रकारों को दलाल बनाकर अपना हित साधने के लिए कुचर्चित हैं.

अब इन बाप बेटा की जोड़ी मिलकर उन सबको ठिकाने लगाने में जुटी है जो कोर्ट जाकर सुप्रीम कोर्ट द्वारा अनुशंसित व आदेशित मजीठिया वेज बोर्ड के पैमाने के हिसाब से सेलरी मांगने को लेकर न्यायालय की शरण ले रहे हैं. इसे ही कहते हैं चिराग तले अंधेरा. जो मीडिया कंपनियां चीख चीख कर सरकार नैतिकता घपला घोटाला शोषण अन्याय के खिलाफ आवाज उठाने का ड्रामा करते हैं, अब वही अपने इंप्लाइज के न्याय मांगने पर उन्हें अनैतिक तरीके से ठिकाने लगा रहे हैं.

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