डॉ क्षिप्रा माथुर ने पत्रिका को अलविदा कहा, धर्मेंद्र ने अमर उजाला छोड़ा

दो दशक से पत्रकारिता और शिक्षण से जुड़ी डॉ क्षिप्रा माथुर ने पत्रिका समूह को अलविदा कह दिया है। पत्रिका के जन सरोकार अभियानों की कमान सम्हालने वाली क्षिप्रा ने पत्रिका का स्कूल ऑफ जर्नलिज्म भी शुरू किया था और पत्रिका के साथ दूसरी पारी 13 साल पहले न्यूज़ टुडे में समाचार संपादक के तौर पर की थी।

पिछले एक दशक में उन्होंने अभियान संपादक के तौर पर कई नवाचार किये और सरकारी स्कूल, बेटियों, जेंडर, मतदाता जगरूकता के साथ कमज़ोर तबकों के हक के लिए दर्जनों देशव्यापी अभियान छेड़े जिनका व्यापक नीतिगत असर हुआ और जिनकी वजह से पत्रिका को कई राष्ट्रीय पुरस्कार हासिल हुए।

पिछले एक साल से वो पत्रिका टीवी के लिए बदलाव के लिए काम करने वाले लोगों पर आधारित साप्ताहिक कार्यक्रम सोल्जर्स कर रही थीं। पत्रकारिता में पीएचडी, नेट और अंग्रेज़ी साहित्य में मास्टर्स के बाद वे अमेरिकी सरकार के प्रतिष्ठित लीडरशीप प्रोग्राम, इस्राइली सरकार के मीडिया फ़ॉर सोशल चेंज की एलुमनाई और संस्कृति मंत्रालय की फेलो भी रही हैं।

उन्होंने जयपुर के नामी अंग्रेज़ी कॉलेज में 1999 में मीडिया विभाग की नींव रखी थी। अब स्वतंत्र पत्रकार के तौर पर वे सरोकार की पत्रकारिता जारी रखेंगी और अपने नए उपक्रम पैन मूवमेंट (पीपल्स एंगेजमेंट विद न्यूज़) के ज़रिए मीडिया में कम नज़र आने वाली कहानियों और मुद्दों की बात उठाएंगी ताकि सकारात्मक माहौल बनाने में मीडिया की सशक्त भूमिका रहे।

धर्मेंद्र यादव की अमर उजाला भिवानी से छुट्टी, सुखबीर पहुंचे पंजाब केसरी

भिवानी की पत्रकारिता में बड़ा उलटफेर देखने को मिल रहा है। खबर है कि अमर उजाला के ब्यूरो चीफ धर्मेंद्र यादव ने संस्थान को छोड़ दिया है। भास्कर छोड़कर गए सुखबीर मोटू ने पंजाब केसरी के ब्यूरो चीफ के तौर पर ज्वाइन कर लिया है। रोहतक में डेस्क पर काम कर रहे शिव कुमार को भिवानी में अमर उजाला का कार्यभार दिया गया है। धर्मेंद्र यादव के बाहर निकाले जाने की राह उसी दिन तय हो गई थी, जिस दिन अशोक ढिकाव अमर उजाला छोड़कर वापस दैनिक जागरण में चले गए थे।

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