बीजापुर (छत्तीसगढ़): पत्रकार मुकेश चंद्राकर हत्याकांड में आखिरकार जिला प्रशासन ने आरोपी ठेकेदार सुरेश चंद्राकर पर बड़ी कार्रवाई की। हत्या के आठ महीने बाद प्रशासन ने उसके अवैध कारखाने और बाड़े पर बुलडोजर चलाकर उसे जमींदोज कर दिया।
देरी पर सवाल, सख्ती पर सराहना
इस कार्रवाई में देरी को लेकर सवाल उठ रहे हैं, क्योंकि जिस जगह पत्रकार का शव मिला था, वह शुरू से ही प्रशासन की जानकारी में थी। बावजूद इसके 8 महीने तक आरोपी का कब्जा जस का तस बना रहा। हालांकि, देर से सही, अब हुई कार्रवाई ने प्रशासन की सख्ती का संदेश जरूर दिया है और इसे लेकर अखबारों व लोगों में प्रशंसा का माहौल है।
किस जगह पर हुई कार्रवाई
बीजापुर नगर पालिका क्षेत्र के चट्टान पारा इलाके में सरकारी जमीन पर बने 11 कमरों के बाड़े को गिराया गया। इसी बाड़े में 1 जनवरी 2025 को पत्रकार मुकेश की हत्या कर शव गाड़ दिया गया था। पहले इसे क्राइम सीन के रूप में सील किया गया था, अब अवैध कब्जा मानकर ढहा दिया गया।
हत्या का कारण और आरोपी

पत्रकार मुकेश ने सुरेश चंद्राकर द्वारा बनाई गई सड़क में भ्रष्टाचार का खुलासा किया था। इसी से नाराज होकर सुरेश ने अपने साथियों रितेश चंद्रकार, दिनेश चंद्रकार और महेंद्र रामटेके के साथ मिलकर हत्या की साजिश रची थी।
प्रशासन का संदेश
एसडीएम जागेश्वर कौशल ने बताया कि आरोपी को कई नोटिस दिए गए थे, लेकिन उसने कब्जा नहीं छोड़ा। अंततः राजस्व विभाग और नगर पालिका की संयुक्त टीम ने कार्रवाई की। अधिकारियों ने कहा कि अब किसी भी अतिक्रमण को बख्शा नहीं जाएगा।
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