गोवा डीडी एंकराइन कांड : कान खोलकर सुनो मैडम, माथा गरम मत करो

गोवा में आयोजित फिल्म फेस्टीवल की ‘लाइव-रिपोर्टिंग-एंकरिंग’ में ‘गवर्नर ऑफ इंडिया’ अलाप कर दुनिया भर में डीडी की दुर्गति करा चुकी मैडम सामने आ गयी  हैं। माफी मांगने से ज्यादा, हवावाजी और ज्ञान बांटने के लिए। मैडम का नाम आयनाह पाहूजा है (इस लेख में अगर मोहतरमा का नाम अंग्रेजी से हिंदी में लिखने पर कुछ त्रुटि हो, तो मैडम जी कहीं इस मुद्दे पर भी जांच के लिए तुम मुंबई पुलिस की क्राइम ब्रांच के पास मत चली जाना, जैसे अपनी एतिहासिक गोवा एंकरिंग का वीडियो यू-ट्यूब से हटवाने की कोशिशों में तुमने मुंबई पुलिस को पसीना ला दिया है)। मैडम का नाम भी उन्हीं के एक वीडियो से पता चला है। मैडम को भी उसी यू-ट्यूब का सहारा लेना पड़ा है, जिस पर उनका गोवा में की गई एंकरिंग “गवर्नर ऑफ इंडिया” वाला वीडियो मौजूद है।

मतलब मैडम जी अपनी कारस्तानी का वीडियो हटवाने के लिए तो मुंबई पुलिस की क्राइम-ब्रांच के पास जा पहुंची। इस दलील के साथ कि यू-ट्यूब पर जब तक उनकी एतिहासिक गोवा एंकरिंग का वीडियो मौजूद रहेगा, डीडी न्यूज में भर्ती करने वालों और उसके कर्ता-धर्ताओं की नाक में सोशल-मीडिया नकेल कसे रहेगा। साथ ही मैडम को भी इस वीडियो से काफी दिक्कत महसूस होती रहेगी। यहां उल्लेखनीय है कि, अब मैडम ने अपनी सफाई के लिए उसी यू-ट्यूब का इस्तेमाल किया है, जिससे वे अपनी और डीडी की फजीहत वाला वीडियो नेस्तनाबूद कराने पर तुली हुई थीं। अरे क्यों मैडम ऐसा क्यों? हम तो आपको तब ईमान मजबूत जिगर वाला मानते, जब आप यू-ट्यूब से कहतीं कि-

‘गोवा से आपकी गवर्नर ऑफ इंडिया वाली एतिहासिक लाइव एंकरिंग का वीडियो भी यू-ट्यूब पर पड़ा दुनिया की नजरों में ‘बजबजाते’ रहने के लिए मौजूद रखा जाये और उसके बाद उठे तूफान-तमाशे पर आपने जो सफाई दी है या अपनी अज्ञानता के बाद फिर उसके ऊपर जो “ज्ञान” बांटा है, वो वीडियो भी यू-ट्यूब पर मौजूद रहे।’ आयनाह पाहूजा जी के सफाई वाले वीडियो से साफ जाहिर है कि वे, यू-ट्यूब पर वही वीडियो देखने की तमन्ना रखती हैं, जिसमें डीडी के काले इतिहास के लिए उनके द्वारा गोवा में की गई लापरवाहीपूर्ण एतिहासिक एंकरिंग को लेकर  ‘सफाई’ दी गयी है। न कि वो वीडियो जिसमें उन्होंने भारतीय पत्रकारिता की आने वाली पीढ़ियों के लिए एक मनहूस उदाहरण का अध्याय जोड़ा है।

मोहतरमा आप समाज से न्याय चाहती हो….तो तुम्हें भी तो समाज के साथ न्याय करना चाहिए। गोवा में अपनी तथाकथित काबिल लाइव एंकरिंग वाला वीडियो भी यू-ट्यूब पर मौजूद रखो और इस थू-थू कराने वाले वीडियो के बदले में जो तुमने अपनी साफाई दी है, वो वीडियो भी यू-ट्यूब पर मौजूद रखो। तब तो जमाना भी जानेगा कि, हां मैडम जी वाकई बड़ी ज्ञानी और ईमानदार हैं अपने और समाज के प्रति।

मैडम अपनी सफाई वाले वीडियो में आगे फरमाती हैं, कि- ‘मेरा मजाक उड़ा लो आगे ऐसा किसी और के साथ मत करना’। इस पर मोहतरमा बस इतना सुन लो कि तुमसे अपने किये का खामियाजा को अभी तक भुगता नहीं जा रहा है। दूसरे के साथ या किसी और के साथ ऐसा न करें, इसकी नसीहत दे रही हो। पहले अपना हाल तो दुरुस्त कर लो। फिर सब-कुछ अगर सही-सलामत रहे तो उसके बाद बाकियों की ‘नंबरदारी/ झंडाबरदारी’ भी कर लेना। अभी तो तुमसे अपना किया हुआ ही नहीं संभल रहा है। इस पर तुम बाकियों के साथ वैसा कुछ न हो जैसा तुम्हारे साथ हुआ, नसीहत भी भांज रही हो। अरे पहले अपना देखो। बाकियों का बाकियों पे छोड़ दो। ज्ञान गुरु ही बांट सकता है। चेला नहीं। पहले इस लायक तो बना लो इस जिंदगी में खुद को कि लोग तुम्हारे ज्ञान को पचायें। गोवा एंकरिंग की तरह तुम्हारे ज्ञान का “बैंड” न बजायें।

अब आखिर में यह भी जेहन में दर्ज कर लो, कि गोवा में तुम्हारी कम-अक्ली और लाइव एंकरिंग के चलते डीडी और तुम्हारी काबिलियत का जितना भी सोशल मीडिया में ‘लेखा-जोखा’ दर्ज हुआ है, उसके लिए न तो इयरफोन की खराबी, न तुम्हारा प्रोग्राम प्रोड्यूसर और न ही कोई और जिम्मेदार था। इस सबकी जिम्मेदारी सीधे तौर पर तुम्हारी, तुम्हारी अनुभवहीनता और डीडी के उन उस्तादों की थी, जिन्होंने आंख मूंदकर तुम्हें गोवा फेस्टीवल में ‘गवर्नर ऑफ इंडिया’ जैसी शर्मनाक एंकरिंग के लिए ले जाकर ‘जंग-ए-लाइव-एंकरिंग’ में उतार दिया। लाइव एंकरिंग का तुम्हें अनुभवी पत्रकार बनाने की उम्मीद में।

लेखक संजीव चौहान वरिष्ठ खोजी पत्रकार हैं.

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Comments on “गोवा डीडी एंकराइन कांड : कान खोलकर सुनो मैडम, माथा गरम मत करो

  • Ye jin bhi mahashay ne likha hai, bahut bahut bahdai ki aapne kisi kaa ek baar fir majak uda liya. Ye likhne se pehle agar ek baar ye soch lete ki galtiya kisi se bhi ho sakti hai, koi bhi ghabra sakta hai, kisi ke saath bhi aisa ho sakta hai toh shayed aise vahiyaat article naa likhte. Khair, iske baad bhi ye jaanana jaruri hai ki bhale koi bhi mike kharab naa raha ho, par us reporter ko jin logo ne bheja bina jaaane ki use knowledge hai yaa nahi, wo jyada responsible hain is cheej ke.

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