इलाहाबाद में डीडी न्यूज के नाम पर कार्यक्रम में कई लोग पहुंच जाते थे, निदेशक ने जारी किया आदेश

इलाहाबाद : पिछले कुछ दिनों से कुछ लोग खुद को गलत तरीके से डीडी न्यूज़ का रिपोर्टर बताकर समूचे इलाहाबाद में तमाम सरकारी व निजी कार्यक्रमों में कवरेज के लिए पहुंच जाते थे। एक ही जगह दूरदर्शन / डीडी न्यूज के नाम पर कई लोगों के पहुँचने से आयोजकों के सामने न सिर्फ कन्फ्यूजन क्रिएट होता था, बल्कि इससे सरकारी टीवी चैनल की छवि भी धूमिल होती थी। डीडी न्यूज के लिए राजीव खरे व राजकुमार रॉकी को शहर इलाहाबाद के लिए नियुक्त किया गया है। बाकी दो लोगों (उमाशंकर गुप्ता और प्रवीण मिश्रा ) को नैनी तथा फाफामऊ क्षेत्र दिया गया है।

दूरदर्शन केंद्र लखनऊ के निदेशक पंकज पांडेय जी ने 23 अक्टूबर को जारी अपने आदेश में पुनः यह साफ कर दिया है कि शहर इलाहाबाद में कवरेज के लिए सिर्फ दो लोग राजीव खरे व राजकुमार (रॉकी) ही अधिकृत हैं। कोई भी अन्य नहीं। इसके अलावा प्रवीण मिश्र को सिर्फ फाफामऊ क्षेत्र व उमा शंकर को नैनी क्षेत्र के लिए अधिकृत किया गया है। यह दोनों सिर्फ अपने इन्ही क्षेत्र में ही रिपोर्टिंग कर सकते हैं। राजीव खरे व राजकुमार फाफामऊ और नैनी क्षेत्र को छोड़ शहर इलाहाबाद व बाकी बचे स्थानों पर कवरेज के लिए अधिकृत हैं।

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हाल-ए-दूरदर्शन : पुरुषोत्तम रुपाला को गुजरात का सीएम बना डाला! (देखें वीडियो)

नवनीत मिश्र
लगता है दूरदर्शन वाले आजकल भांग खाकर काम कर रहे हैं। खासकर एंकर और प्रोड्यूसर। सरकार कांग्रेस की हो या भाजपा की। जब योग्यता नहीं जोड़-जुगाड़ से भर्तियां होती हैं तब यही हाल होता है। यूं तो मैं दूरदर्शन देखता नहीं। मगर, मंगलवार को दिल ने कहा-चलो, खैर खबर लेते हैं। तीन बजे का बुलेटिन चल रहा था। अचानक एंकर साहिबा के मुंह से निकली गुजरात की एक खबर ने चौंका दिया। पुरुषोत्तम रुपाला को कई बार गुजरात का सीएम बता डाला। दिमाग ठनक गया कि जुलाई में केंद्रीय मंत्री बने रूपाला कब सीएम बने। हमें लगा कि शायद हमीं अज्ञानी हैं। कई बार गूगल चेक किया। जब आश्वस्त हो गए तो खबर लिखना बनता था।  

खबरों के प्रसारण में ऐसी लापरवाहियां कई चीजें दर्शातीं हैं। मसलन, प्रोड्यूसर और एंकर पढ़ते-लिखते भी नहीं क्या? सामान्य ज्ञान इतना कमजोर है कि राज्यों के मुख्यमंत्री का नाम भी नहीं जानते?  कभी चीन के राष्ट्रपति XI जिनपिंग के नाम का अलेवन जिनपिंग उच्चारण कर दूरदर्शन की एंकर ने इस सरकारी चैनल को हंसी का पात्र बना दिया था। लगा कि इसके बाद दूरदर्शन के अफसर ठीक से स्टाफ की निगरानी करेंगे। उन्हें जागरूक रहने की नसीहत देंगे।  मगर, इस बार तो लापरवाही की हद पार हो गई। मंगलवार को दूरदर्शन पर तीन बजे के न्यूज बुलेटिन पर एक खबर ने सुधी दर्शकों को चौंका दिया।

केंद्रीय मंत्री को बना दिया मुख्यमंत्री : एंकर जब न्यूज पढ़ रहीं थीं तो पुरुषोत्तम रुपाला को गुजरात का मुख्यमंत्री बताया। यह सुनकर मुझ जैसे तमाम दर्शक चौंक पड़े होंगे। पहले तो लगा कि शायद एंकर के मुंह से गलती से निकल गया। मगर बाद में जब रुपाला का वीडियो चलने लगा, उसके नीचे भी उनके परिचय में मुख्यमंत्री लिखा गया। इससे साफ पता चला कि जिस भी प्रोड्यूसर ने बुलेटिन तैयार किया, उसे यह तक पता नहीं कि गुजरात का मुख्यमंत्री विजय रुपानी हैं न कि पुरुषोत्तम रुपाला।  यहां बता दें कि जिस पुरुषोत्तम को गुजरात का मुख्यमंत्री बताया गया, वे गुजरात से राज्यसभा सांसद हैं। जुलाई में उन्हें कैबिनेट विस्तार के दौरान मोदी ने अपनी टीम में बतौर मंत्री शामिल किया। संबंधित वीडियो देखने के लिए नीचे क्लिक करें :

लेखक नवनीत मिश्र इंडिया संवाद से जुड़े हैं. संपर्क : navneetreporter007@gmail.com

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मैं आपको भारत के लोक सेवा प्रसारक ‘दूरदर्शन’ की हकीकत बताता हूं

दूरदर्शन केंद्र जयपुर में कैजुअल स्टाफ के हितों की रक्षार्थ… यूं तो हम सभी जानते हैं कि अधिकतर प्राइवेट कम्पनियों में कार्यरत मजदूरों का शोषण होता ही है परन्तु अगर सरकार के किसी संस्थान, विभाग में ऐसा हो तो बात खटकने की है। स्थिति बदतर तब होती है कि जब आर्थिक व सामाजिक  शोषण के साथ साथ संविधान विरूध्द कार्य शुरू हो जायें। मैं आपको भारत के लोक सेवा प्रसारक “दूरदर्शन” की हकीकत बताता हूं।

दूरदर्शन केंद्रों में कार्य करने के लिए एक तो व्यवस्था है प्रशासनिक अधिकारियों व कर्मचारियों की। इसी तरह अभियांत्रिकी में भी अधिकारी व कर्मचारी कार्यरत हैं। इनके सहयोग या सीधे अर्थों में यू कहें कि इनका पूरा काम करने के लिए अनियमित कर्मचारियों की व्यवस्था भी है। अब अनियमित कर्मचारी को ऱखने की जो व्यवस्था है उसमें आते है आकस्मिक कलाकार जो कि असाइनमेंट आधार पर बुक किये जाते हैं। दूरदर्शन के जयपुर केन्द्र की हम बात करते हैं। दूरदर्शन केंद्र जयपुर में भी ऐसे ही अनियमित कर्मचारी, आकस्मिक कलाकार काम करते हैं।

उल्लेखनीय है कि प्राइवेट कम्पनियों में भी अगर कोई कैसे भी काम करता है तो उसकी हाजिरी, उपस्थिति जरूर होती है जबकि दूरदर्शन केंद्र जयपुर में इनकी कोई उपस्थिति नही की जाती और ना ही कोई हस्ताक्षर रहीं करने दिये जाते हैं। ये निम्न पदों पर निम्न काम करते हैं –

1. पोस्ट प्रोडक्शन असिसंटेंट – इन्हें किसी कार्यक्रम के पोस्ट प्रोडक्शन के लिये बुक किया जाता है परन्तु इनके कार्य की प्रकृति वीडियो एडिटर की है, इन्हें प्रति असाइनमेंट 1980 रुपये दिये जाते हैं तथा एक कलैण्डर माह में अधिकतम 7 असाइनमेंट्स दिए जाते हैं।

2. वीडियो असिसंटेंट – इन्हें किसी कार्यक्रम में रिकोर्डिंग के लिए कैमरा सहयोग के लिये बुक किया जाता है इनके कार्य की प्रकृति कैमरामेन  की है, इन्हें प्रति असाइनमेंट 3300 रुपये दिये जाते हैं तथा एक कलैण्डर माह में अधिकतम 7 असाइनमेंट्स दिए जाते हैं।

3. ग्राफिक असिस्टेंट  – इन्हें किसी कार्यक्रम के ग्राफिक पार्ट में सहयोग के लिये बुक किया जाता है लेकिन इनसे न्यूज व प्रोग्राम में स्क्रोल लिखने, नाम सूपर करने आदि कार्य करवाये जाते है, इन्हें प्रति असाइनमेंट 1650 रुपये दिये जाते हैं तथा एक कलैण्डर माह में अधिकतम 7 असाइनमेंट्स दिए जाते हैं।

4. रिसोर्स पर्सन – इन्हें किसी कार्यक्रम हेतु रिसोर्सेज जुटाने व सहयोग के लिए बुक किया जाता है परन्तु इनके कार्य की प्रकृति चपरासी के समान है, इन्हें प्रति असाइनमेंट 1650 रुपये दिये जाते हैं तथा एक कलैण्डर माह में अधिकतम 7 असाइनमेंट्स दिए जाते हैं।

अब बात करते हैं पोस्ट प्रोडक्शन असिस्टेंट पद की। यूं तो इन आकस्मिक कलाकारों को एक कलैण्डर माह में अधिकतम 7 असाइनमेंट्स दिए जाते हैं। माह मार्च 2015 तक इनके रिकोर्ड में कार्य करने की अवधि 7 दिन दिखाई जाती थी और माह अप्रैल 2015 से इनके कार्य करने की अवधि 7 असाइनमेंट दिखाई जाती है जबकि इन लोग से पूरे माह 30 दिन कार्य करवाया जाता है। यहां ध्यान देने वाली बात ये है कि अवधि का मतलब समय में आना चाहिये। 7 असाइनमेंट से अवधि साबित ही नही होती है। अब अगर कोई  इसके विरुध्द कुछ भी बोलता है या माँग करता है तो चूंकि आकस्मिक नियुक्ति होने के कारण उसे हटा दिया जाता है।

अब एक तो उनसे सात दिन का पैसा देकर पूरे महीने काम लिया जाता है जो कि आर्थिक शोषण है। उसके पश्चात भी उन लोगों को चार महीने पाँच महीने तक पेमेंट नही दिया जाता यह कहकर कि बजट नही है। या अन्य कोई कारण बताकर जिससे कार्मिक दबाव में बने रहें। इस संदर्भ में दो लोगों ने आवाज उठाई और जयपुर केन्द्र का प्रतिनिधित्व करते हुए पीएमओ, मंत्री, महानिदेशालय को इस बारे में सबने मिलकर पत्र लिखा व दिल्ली में महानिदेशक, दूरदर्शन से मिलकर आये।

इससे जयपुर केंद्र के उच्चाधिकारी बौखलाकर उन्हें तरह तरह की धमकी देने लगे व दोनों को अकस्मात् निकाल दिया गया। तथा नवम्बर 2016 से फरवरी 2017 तक का उनका मानदेय भी नही दिया गया है। यह सब न्यायसंगत नहीं है तथा संविधान की प्रस्तावना में उल्लेखित आर्थिक न्याय व व्यक्ति की गरिमा का सम्मान करने ( जो कि व्यक्ति के मूल अधिकारों में भी शामिल है) के प्रावधान को भी प्रभावित करता है। इसी क्रम में समान कार्य समान वेतन की अवधारणा भी प्रभावित हो रही है एवं इन सभी लोगों को विकट वित्तीय संकट का सामना करना पड़ रहा है।

उन दो लोगों के लिए जब बाकी के साथी खड़े हुए तो उन सभी से उच्चाधिकारियों ने जबरन नौकरी से हटाने की धमकी देते हुए एक पेपर पर यह लिखवा लिया गया कि हम यहां सीखने के लिए आते है और हमें दूरदर्शन केंद्र जयपुर में कार्य करते हुए कोई समस्या नही है पूर्व में लिखित पत्र भी झूठें हैं तथा हमें भ्रमित कर पत्र लिखवा लिया गया। इसके विरोध में व सच्चाई का साथ देने के लिए जब पोस्ट प्रोडक्शन असिस्टेंट्स ने पत्र पर हस्ताक्षर नहीं किए तो उन्हें नौकरी से हटा दिया गया।

उनका इस तरह से हटाना औद्योगिक विवाद अधिनियम 1947 सेक्शन 25 (F) व औद्योगिक विवाद अधिनियम 1947 सेक्शन 25 (G) के प्रावधान को भी प्रभावित करता है। आप सोच सकते हैं कि ये सरकारी विभाग भी कैसे काम करते हैं। क्या ये मज़दूर इस देश के लोग नहीं हैं? क्या मज़दूर कोई गलत माँग कर रहे हैं? आप गंभीरता से सोचेंगे तो पता चलेगा कि भारत का लोक सेवा प्रसारक “दूरदर्शन” जो कि लोक कलाकारों व लोक सेवा के लिये काम करने हेतु बना है अगर वह इसी तरह कार्य करता रहा तो उसका इस देश और यहाँ की गरीब जनता से कुछ भी लेना-देना नहीं है।  उसका  लोकहित में कार्य करना सिर्फ ढ़ोल पीटना है। वास्तव में वह गरीबों और मजदूरों के शोषण का एक केंद्र है। वर्तमान में वे असहाय आकस्मिक कलाकार पोस्ट प्रोडक्शन असिस्टेंट्स – आठ लोग बेरोजगारी के इस समय में दर दर की ठोकरें खाने पर विवश हैं।

गिरीश शास्त्री व समस्त पोस्ट प्रोडक्शन असिस्टेंट्स (कैजुअल स्टाफ)
दूरदर्शन केंद्र, जयपुर
मोबाइल- 9461858766
ईमेल- girishshastri1@gmail.com

मूल खबर…

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HD (High Definition) Makeup Training Workshop in Doordarshan

Doordarshan organises a professional HD make up workshop for its make up artists from across the country. Twenty five make-up artists from the regional kendras of Doordarshan would participate in the five day residential training from 24th April to 28th April 2017, to learn the advanced techniques in professional makeup.

National Academy of Broadcasting & Multimedia (NABM), Delhi the apex training institute of Prasar Bharati has taken up the responsibility to train the staff of Doordarshan on the specific discipline. At the first instance the make up artists of Doordarshan have been invited to attend the five day workshop in HD make up technique which is commencing from 24th April,2017 to 28th April, 17 from 10 A.M. onwards at Doordarshan Bhawan, Copernicus Marg, New Delhi. 

Lakme Academy Ltd, will conduct the workshop and train DD Make-up artists with industry based professional skills by utilising world class cosmetic products and techniques. The topics covered in this workshop will be on High-Definition make-up, Media makeup, Portfolio makeup, sculpting, corrective makeup Hygiene & Makeup Sanity, Personal Grooming, Skin Tone, Color Theory, Color applications, Facial anatomy, effect of lightening etc.

This step is intended to enhance the professional skills of Doordarshan make up artists. Doordarshan has been taking several initiatives to improve quality of production, likewise one of the regional Kendras workshop was held in New Delhi, other was held at Pondicherry and shortly a workshop will be scheduled in North East.

PRESS RELEASE

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Doordarshan celebrates International Women’s Day by deploying women officers as Operational Head

New Delhi : Doordarshan celebrates International Women’s Day by deploying women officers as Operational Head. Director General, Doordarshan plans to make this International Women’s Day memorable by deploying women officers as Operational Heads at thirty-three Doordarshan Kendras in five zones across India.

Hence all Doordarshan broadcast Engineering activities i.e. transmission and recording will be exclusively headed by women officers/staff posted at the stations mentioned below.

  1. DDK Delhi
  2. DDK Bhubaneshwar
  3. DDK Bhopal
  4. DD News
  5. DDK Kolkatta
  6. DDK Rajkot
  7. CPC Delhi
  8. DDK Patna
  9. DDK Mumbai
  10. DTH E/S Todapur
  11. DMC Balasore
  12. DDK Pune
  13. DD Jaipur
  14. DMC Burdhman
  15. DDK Raipur
  16. DDK Lucknow
  17. DMC Rourkela
  18. DDK Ahmadabad
  19. HPT Pitampura
  20. DMC Dhenkanal
  21. DDK Shimla
  22. DDK Ranchi
  23. DDK Jallandhar
  24. HPT Cuttack
  25. DDK Chennai
  26. DDK Guwahati
  27. DDK Vijaywada
  28. DDK Gangtok
  29. DDK Hyderabad
  30. DDK Shillong
  31. DDK Bangalore
  32. DDK Agartala
  33. DDK Thiruvanathapuram

News Release
Media Publicity Division
Doordarshan

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Doordarshan has implemented the BATS

BROADCAST AIR TIME TRAFFIC SCHEDULER (BATS)

New Delhi : Doordarshan has implemented the Broadcast Air Time Traffic Scheduler (BATS) for online commercial scheduling & billing as well as for payment through SBI gateway. This is a major initiative for bringing transparency and credibility in Doordarshan operations. In Phase-I BATS has been made operational for DD National channel and DD Kisan channel.

In Phase-II BATS is ready and live for DD News, DD Urdu, DD Bharati and DD Sports. It would be operational by March 2017. In Phase-III BATS will be implemented in 16 Major Regional Kendras by July 2017.

BATS has many advantages as the entire commercial billing and scheduling can be done online through user friendly and well protected software.

The delay in preparation of bills, issue of telecast certificate, co-ordination in preparation of FPC & Inserting Commercials is no more. Keeping record of all the documents is now easier. This has resulted in faster communication among Programme Wing, Marketing Divisions and DCS apart from minimising scope of error.

Apart from having a provision to generate commercial bill cum telecast certificate it has the provision to pay the bill online through SBI gateway thus it is very useful for Advertising Agencies/ Accredited Agencies too for online verification of bills and payments. With minimum human intervention and cross check it would be a step further towards efficient management practices by the public broadcasters.

This also is a step forward for enhancing transparency and credibility.

Press Release

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पीएम का नोटबंदी ऐलान लाइव नहीं बल्कि रिकार्डेड था!

दिल्ली के रायसीना रोड स्थित भारतीय प्रेस क्लब में पत्रकार एवं रिसर्चर सत्येन्द्र मुरली ने आज प्रेस कांफ्रेंस कर विस्तार से पूरे मामले की जानकारी दी.

दूरदर्शन के पत्रकार और रिसर्चर सत्येन्द्र मुरली का आरोप है कि नोटबंदी का एकतरफा निर्णय लेने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश की जनता को बरगलाने के लिए अचानक 8 नवंबर को रात 8 बजे घोषणा वाला नाटक किया. पत्रकार की मानें तो 8 नवंबर 2016 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का ‘राष्ट्र के नाम संदेश’ लाइव नहीं था, बल्कि पूर्व रिकॉर्डेड और एडिट किया हुआ था. इस भाषण को लाइव कहकर चलाया जाना न सिर्फ अनैतिक था, बल्कि देश की जनता के साथ धोखा भी था.

दूरदर्शन में पत्रकार मुरली का दावा है कि 8 नवंबर 2016 को शाम 6 बजे आरबीआई का प्रस्ताव और शाम 7 बजे कैबिनेट को ब्रीफ किए जाने से कई दिनों पहले ही पीएम का ‘राष्ट्र के नाम संदेश’ लिखा जा चुका था. उनका आरोप है कि मुद्रा के मामले में निर्णय लेने के रिजर्व बैंक के अधिकार का इस मामले में स्पष्ट तौर पर उल्लंघन किया गया है. वहीं सत्येन्द्र मुरली का आरोप है कि इस बारे में RTI के जरिए पूछे जाने पर प्रधानमंत्री कार्यालय ने जवाब देने की जगह टालमटोल कर दिया और आवेदन को आर्थिक मामलों के विभाग और सूचना और प्रसारण मंत्रालय को भेज दिया. पत्रकार का कहना है कि यह रिकॉर्डिंग पीएमओ में हुई थी, लिहाजा इस बारे में जवाब देने का दायित्व पीएमओ का है.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘राष्ट्र के नाम संदेश’ देते हुए कहा था कि आज मध्य रात्रि यानी 8 नवंबर 2016 की रात्रि 12 बजे से वर्तमान में जारी 500 रुपये और 1,000 रुपये के करेंसी नोट लीगल टेंडर नहीं रहेंगे यानी ये मुद्राएं कानूनन अमान्य होंगी. केंद्र सरकार की तरफ से दावा किया गया कि यह निर्णय पूरी तरह गोपनीय था और इस निर्णय की घोषणा से पूर्व इसके बारे में सिर्फ प्रधानमंत्री, वित्तमंत्री समेत भारतीय रिजर्व बैंक और वित्त मंत्रालय के कुछ ही अधिकारियों को मालूम था. वित्त मंत्री अरुण जेटली ने मीडिया को बताया कि 8 नवंबर को शाम 6 बजे आरबीआई का प्रस्ताव आया, शाम 7 बजे कैबिनेट की बैठक बुलाई गई, जिसमें मोदी ने मंत्रियों को ब्रीफ किया और रात 8 बजे प्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्र को संबोधित करते हुए घोषणा कर दी.

पत्रकार का कहना है कि पीएम मोदी ने ‘राष्ट्र के नाम संदेश’ को मीडिया में लाइव बैंड के साथ प्रसारित करने को कहा था, जिसे देश के तमाम चैनलों ने लाइव बैंड के साथ ही प्रसारित किया. पीएम मोदी ने देश की जनता को बरगलाने के लिए ऐसा दिखावा किया कि मानो उन्होंने अचानक ही रात 8 बजे राष्ट्र को संबोधित किया हो. यह अचानक घोषणा वाला नाटक इसलिए किया गया, ताकि देश की जनता को भरोसा हो जाए कि प्रधानमंत्री मोदी ने मामले को बेहद गोपनीय रखा है, लेकिन ऐसा हरगिज नहीं था.

सत्येन्द्र मुरली दावा कर रहे हैं कि 8 नवंबर 2016 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का ‘राष्ट्र के नाम संदेश’ लाइव नहीं था, बल्कि पूर्व रिकॉर्डेड और एडिट किया हुआ था. 8 नवंबर 2016 को शाम 6 बजे आरबीआई का प्रस्ताव और शाम 7 बजे कैबिनेट को ब्रीफ किए जाने से कई दिनों पहले ही पीएम का ‘राष्ट्र के नाम संदेश’ लिखा जा चुका था. और इतना ही नहीं मोदी ने इस भाषण को पढ़कर पहले ही रिकॉर्ड करवा लिया था. उन्होंने सवाल उठाया है कि 8 नवंबर 2016 को शाम 6 बजे आरबीआई से प्रस्ताव मंगवा लेने के बाद, शाम 7 बजे मात्र दिखावे के लिए कैबिनेट की बैठक बुलाई गई, जिसे मोदी ने ब्रीफ किया. किसी मसले को ब्रीफ करना और उस पर गहन चर्चा करना, दोनों में स्पष्ट अंतर होता है. मोदी ने कैबिनेट बैठक में बिना किसी से चर्चा किए ही अपना एक तरफा निर्णय सुना दिया. यह वही निर्णय था जिसे पीएम मोदी पहले ही ले चुके थे और कैमरे में रिकॉर्ड भी करवा चुके थे. ऐसे में केंद्र सरकार द्वारा THE GOVERNMENT OF INDIA (TRANSACTION OF BUSINESS) RULES, 1961 एवं RBI Act 1934 की अनुपालना किस प्रकार की गई होगी? क्या इस मामले में राष्ट्रपति महोदय को सूचना दी गई? सत्येन्द्र मुरली का आरोप है कि मोदी ने संविधान व नियम-कानूनों को ताक पर रखकर देश की जनता को गुमराह किया है और अपना एक तरफा निर्णय थोपते हुए, देश में आर्थिक आपातकाल जैसे हालात पैदा कर दिए हैं.

भारतीय रिजर्व बैंक का कहना है कि भारत की इकॉनोमी कैश आधारित है. देश में लोग कैश में ही लेन-देन करते हैं, केंद्र सरकार नकद लेन-देन के खिलाफ है और नोटबंदी के बाद बैंको से नकदी निकासी पर शिकंजा कसते हुए लोगों से चेक, एटीएम, मोबाइल वॉलेट, इंटरनेट बैंकिंग इत्यादि द्वारा लेन-देन करने को कहा जा रहा है. आज देश की जनता खुद को ठगा सा महसूस कर रही है. मेरा मानना है कि मोदी द्वारा लिए गए एकतरफा, पक्षपाती, विरोधाभासी और संदेहास्पद मकसद वाले इस तानाशाही निर्णय की वैधानिकता को माननीय न्यायालय के समक्ष कानूनन चुनौती दी जा सकती है. पीएमओ को चाहिए कि वह RTI के सवालों का सीधा जवाब देकर RTI एक्ट, 2005 की अनुपालना करे.

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दूरदर्शन के डिबेट शो ‘ओपेनकोर्ट’ की दिल्ली में हुई लांचिंग

समसामयिक विषयों पर राष्ट्रवादी पत्रकारिता और जनकेन्द्रित विचारधारा के साथ जिंदगी के तमाम जरूरी मगर अनछुए पहलुओं को रोचक तरीके से प्रस्तुत करने की वचनबद्धता के साथ हम टॉक, डिबेट और डिस्कशन शो ‘ओपेनकोर्ट’ 26 दिसंबर से दूरदर्शन के साथ मिलकर शुरू करने जा रहे हें। हमारी कोशिश है कि यह शो अनेक इवेंट और बड़े कार्यक्रमों को भी कवर करेगा और डी डी इंडिया और डी डी वन को एक नयी संजीवनी देगा। समाजसेवा, लोकसेवा, राजनीति, रंगमंच, फिल्मों, खेल, मीडिया, कानून आदि सभी क्षेत्रो से जुडी ऐसी सभी हस्तियों से हम डायलॉग करेंगे और आप रूबरू होंगे जो किसी न किसी रूप में भारत की भारतीयता, पुनर्निर्माण और मौलिक स्वरुप को पुनर्स्थापित करने के लिए लगे हैं।

एंकर नवनीत चतुर्वेदी और अन्य साथी दिन रात एक अभूतपूर्व प्रस्तुति के लिए लगे हुए हैं। आज हमारी लांचिंग और मीडिया टॉक में प्रख्यात राजनेता सुब्रमण्यम स्वामी जी के साथ ही बलूचिस्तान मुक्ति के संघर्ष की नेता प्रोफेसर नाएला क़ादरी बलोच – मौलाना सैयद अतहर हुसैन देहलवी – अजीत दुबे – लेखक /सोशल एक्टिविस्ट – रंजन मुख़र्जी -एडीजी दूरदर्शन ने भाग लिया। साथ ही शो के पार्टनर डायलॉग इंडिया के संपादक अनुज अग्रवाल और एक और पार्टनर स्ट्रीम लाइन के मैनेजिंग डायरेक्टर पुनीत शर्मा भी उपस्थित थे।

Navneet Chaturvedi
85619-50520

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NEW CONTENT ACQUISITION SCHEME : DOORDARSHAN INVITES FRESH AND INNOVATIVE PROGRAMME IDEAS

Doordarshan has been exploring new ways of procuring best quality content for its channels. Towards this a “New Content Acquisition Scheme” through bidding process for DD Channels has been approved by Prasar Bharati Board. DD has floated a RFP document with several flexible eligibility conditions to invite fresh and good quality content on its DD National as a pilot.

Producers/production houses who have produced at least 200 hours of general entertainment programming including Feature Film production in any Indian language in the last three years and with a turnover of minimum Rs.3 crores per annum in the field of TV and Film production in the last three financial years are eligible to apply. Applicants for weekend slots in the genres of Reality, Game, Quiz, should have produced 100 hrs of such content in the last 3 yrs.

Successful bidder(s) will produce fresh programmes in various genres of general entertainment programme for Doordarshan adhering to the programming/broadcasting codes of Prasar Bharati. The last date for submission of qualification and financial bids is 22.11.2016. REQUEST FOR PROPOSAL (RFP) of the “NEW CONTENT ACQUISITION SCHEME” can be downloaded from the website www.ddindia.gov.in

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MOU signed between DD and IGNOU for transmission of Gyan Darshan channels

A Memorandum of Understanding was today signed between Doordarshan & IGNOU regarding the transmission of Four Gyan Darshan Educational channels. The Gyan Darshan Bouquet of Educational TV Channels is an educational media initiative of MHRD in collaboration with the Ministry of Information and Broadcasting (MIB), Prasar Bharati & ISRO with IGNOU as the nodal agency. It consists of  four TV Channels namely GD-I &II (by IGNOU) GD-III- Eklava (by IIT, Delhi) GD-IV- Vyas Channel (by UGC, CEC). It was initially launched on 26th January, 2000 as a solitary 24×7 hour satellite channel under the banner of Doordarshan which provided a Transponder on INSAT 2B satellite, free of cost.

Gyan Darshan ran successfully till 2nd June 2014 as a must carry channel for educational programmes. GD was shut down by ISRO to facilitate its migration from INSAT 3C to GSAT-10. IGNOU now needs to apply for a fresh License to start the up-linking of its Channels for GSAT-10 Satellite. Under the Up-linking & Down-linking Guidelines of the Ministry of Information & Broadcasting, IGNOU is not eligible for the grant of a License. IGNOU requested Doordarshan to apply for the necessary License and permissions for the Gyan Darshan channels.  Through this MoU, Doordarshan has acceded to the request of IGNOU and agreed to apply for and obtain the necessary License and permissions as are required for the telecast of Gyan Darshan channels from IGNOU Earth Station, Delhi to operate in C-band from GSAT-10.

Speaking on the occasion, Ms. Supriya Sahu, Director General, Doordarshan said, “ I am happy that we have signed this MOU with IGNOU and joined hands with a premier institution like IGNOU. This partnership would ensure that the educational channels of IGNOU reach and benefit millions of students across the country. I think this is one of the most outstanding initiatives in the field of Public Broadcasting”.

Prof. Ravindra Kumar, Vice-Chancellor, IGNOU said, “Gyandarshan has always been a flagship programme for IGNOU and educational community. Today we (IGNOU & DD) are both happy and enormously excited that Gyandarshan has once again become a reality. Our grateful thanks to Ms. Supriya Sahu, DG, DD for her kind support in reviving Gyandarshan”.

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Upgradation of DD Free Dish Platform and Roll Out of MPEG 4 set top boxes

Doordarshan’s DD Free Dish is a Free-To-Air Direct to Home (DTH) service. This service was launched with a modest bouquet of 33 channels in December 2004. DD Free Dish has been upgraded time to time and at present Doordarshan’s DTH platform has grown significantly and now has 80 SDTV channels and 32 Radio channels. DD Free Dish is a complete ‘Free To Air’ DTH Platform and viewers are not required to pay any monthly or annual charges for viewing channels of this platform.

The platform has rich bouquet of channels consisting of 22 Doordarshan Channels, 2 parliamentary channels,  7 GEC , 18 Movie Channels, 13 News Channel, 7 Music Channels, 3 Religious channels and 8 channels of other genre. Slots on DD Free Dish are allocated to private channels through transparent mechanism of e-auction. DD  has earned Rs 98 Cr in 2014-15, Rs 180 Cr in 2015-16 and Rs 104 Cr till September  in 2016-17.

Doordarshan has planned  for major expansion plan for DD Free Dish platform. Doordarshan has already upgraded its platform to 104 channels and is in the process of upgrading it further to 250 channels. In line with the ‘Digital India’ and ‘Make in India’, Doordarshan has decided to implement Indian CAS (iCAS), on DD Free Dish Platform. iCAS(which is an initiative of Govt of India)  will initially be introduced in 24 MPEG-4 Channels which are in addition to the existing 80 channels.

The introduction of iCAS will provide enhanced viewing experience to the viewers. These additional 24 MPEG-4 SDTV channels will be available to viewers in ‘free to view’ mode. The existing viewers will continue to get 80 SDTV channels, however for accessing all 104 channels, viewers will require iCAS  enabled authorised STBs. Viewers  will have to register with DD Free Dish  on getting the new STB from the Doordarshan authorised STB dealer however the DD Free Dish platform will remain  ‘Free to Air’ and  viewer will not be required to pay monthly or annual subscription.

Implementation of iCAS and authorisation of STB OEMs by Doordarshan will give a major thrust  to ‘Make in India’ and ‘Digital India’ a mission of Government of India. Presently most of  STBs are imported and are not locally manufactured. However, the introduction of iCAS will  help in standardization of STBs and encourage quality STB manufacturing in India . For authorisation of STB OEMs, series of meetings were conducted by DG, Doordarshan Ms. Supriya Sahu with her team with the Indian STB manufacturers, DeitY, CDAC, Chip set manufacturers and other stake holders.

After active consultation with all the stake holders, Doordarshan has started the process for rolling out MPEG-4 STBs for its DD Free Dish with iCAS. Doordarshan has invited E-Application for authorisation / empanelment of STB OEMs to sell / distribute DD approved CAS enabled DD Free Dish Set Top Boxes (STB) in India. In this regard a pre bid meeting with the Indian STB manufacturers is also scheduled for 3rd October 2016. Once the Indian STB OEMs are authorised by Doordarshan, they will start manufacturing quality STBs in India. They will set up their distribution network all over India for selling Indian STBs and providing services to Doordarshan Free Dish viewers. Doordarshan DTH  has also  planned to set up customer care service for “DD Free Dish”  viewers and has planned extensive complaint redressal mechanism.

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Doordarshan to partner Ziro Festival of Music (ZFM)

22nd Sept to 25th Sept, 2016

New Delhi, 22 September 2016: Doordarshan will be the media partner of Ziro Festival of Music (ZFM) which starts from today at the remote Ziro valley of Arunachal Pradesh. ZFM is a four day festival organised by a cultural organisation with the support of Tourism Department of Arunachal Pradesh and Ministry of Development of North East region (DoNER), Govt of India. The festival will close on 25th September.

Director General, Doordarshan Ms Supriya Sahu has informed that this is the first time that DD is associating with this unique festival and this is part of strengthening the activities of DD in the North East region. 

Doordarshan Kendra, Itanagar (Arunachal) and PPC (NE),Doordarshan, Guwahati will provide intensive coverage of  the entire festival and the same  will be telecast on DD-National, DD-Bharati, DD-India, DD-North East and Doordarshan Kendra Itanagar. DD-News will also provide the news coverage to the festival.

DG said that as public service broadcaster Doordarshan hopes that this will promote local tourism at Ziro Valley of Arunachal Pradesh through its national telecast.  The festival which began in 2012 attracts a large numbers of tourists to Arunachal Pradesh.

ZFM is one of the most popular outdoor festival attracting local artists of the region as well as internationally renowned artists and travellers from across the world. Ziro valley is a world heritage site and is a home of the Apatani tribe – an agrarian tribe, whose relationship with nature is tender and loving.

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किसान चैनल से नरेश सिरोही का अलग होना वाकई एक दुखद घटना है

Arvind K Singh : किसान चैनल के सलाहकार श्री नरेश सिरोही का उससे अलग होना वाकई एक दुखद घटना है। प्रधानमंत्री इसे जिस स्तर का बनाना चाहते थे और उसका जो नतीजा आना था वह नहीं आ पाया। लेकिन इसके पीछे जिस तरह की शक्तियां किसान चैनल को शक्तिहीन करने में लगी थीं, वह कोई छिपी बात नहीं रह गयी है। रही बात राजनीति करने की तो तमाम पैदल लोगों की जमात के बीच नरेश सिरोही को इससे बड़ा पद मिला हुआ था। किसान चैनल में आकर वे बंध से गए थे।

उनको मैं 1988 से जानता हूं और एक सजग किसान नेता के रूप में खेती बाड़ी से जुड़े तमाम सवालों पर लगातार मुखर रहे। लेकिन दूरदर्शन की नौकरशाही से जूझते हुए एक बेहतर चैनल खड़ा करने की उनकी कोशिश को जमीन पर उतारने के राह में तमाम रोड़े थे। चाहे वह स्टाफ का चयन हो या दूसरे मसले कई मोरचे लगातार खुले रहे। और प्रसार भारती के अध्यक्ष को भी एक दौर में ऐसा लगने लगा कि अगर सिरोहीजी के नेतृत्व में यह चैनल चल निकला तो फिर उनकी कद काठी मोदीजी की निगाह में और ऊंची हो जाएगी। इस बात का अंदाज चैनल के उद्घाटन के दौरान ही लग गया था।

जिला स्तर पर निगरानी और सलाह के लिए एक तंत्र खड़ा करना अच्छी बात थी। अगर जिलों में रेलवे स्टेशन से लेकर जिला दूरभाष समितियां हैं तो ऐसी समिति से किसी को आपत्ति का क्या औचित्य है। दूसरी सरकारी समितियों में तो सरकारी सदस्यों को कुछ लाभ भी मिलता है लेकिन इसमें सदस्यों को कुछ मिल भी नहीं रहा था। ऐसे आरोपों को लगाने का औचित्य समझ से परे है। सिरोहीजी के पास खेती बा़डी से जु़डे सवालों पर एक मजबूत दृष्टि रही है। उसे जमीन पर उतारने का तंत्र उनको मिल गया होता तो मुझे भरोसा था कि यह एक बेहतरीन और गांव गिरांव की आवाज बनता। लेकिन शायद इसकी नियति ही कुछ और है। फिर भी सिरोही जी ने अपने कार्यकाल में जितना बेहतरीन काम काज करने की कोशिश की और चैनल को जैसी दिशा दी है उसके लिए वे बधाई के पात्र हैं।

राज्यसभा टीवी में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार अरविंद कुमार सिंह की एफबी वॉल से.

मूल खबर….

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Doordarshan Documentary- ‘Whispers of Warming’ on Climate change wins First Prize

New Delhi : Climate Change is an issue which is affecting every aspect of human life from food, water, energy security, health and global economy.  It is manifesting in more unpredictable weather patterns and frequent and intensive natural hazards such as typhoons, sea level surges, flooding, landslides, drought and glacial lake outbursts. India is a major stake holder in the Paris declaration on climate change and IPCC.

A one hour documentary film on climate change directed by Anoop Khajuria, Asstt Director of Programme, Doordarshan attempted to tell the story of people in the western Himalayas who are being impacted by the climate change due to global warming. India’s Public Service Broadcaster, Doordarshan has won coveted best Documentary Film Award in Asia-Pacific Broadcasting Union TV Award competition held in Krabi, Thailand for its documentary film “Whispers of Warming” based on the theme of climate change in Ladakh division of western Himalayas.  It competed with 40 films from 20 countries across the world.  This Documentary was produced towards fulfilling Prasar Bharati’s mandate of Public Service Broadcasting. Mr Jawhar Sircar CEO Prasar Bharati congratulated the team. 

Whispers of Warming- A Brief synopsis

An extraordinary journey onto pinnacles and gorges of Kashmir Himalayas. Travelling through its geographical textures, seasonal hues, endemic communities, languages and cultures, we document phenomenon of climate change through people’s perceptions and their struggle to adapt to changing weather conditions following stories and characters in Jammu & Kashmir State.

January 2015. The silence and wilderness of Zanskar is shattered by a massive landslide in River Phugtal blocking river at 4000 meters asl in minus 35 degree Celsius. A 14- kilometer long frozen lake threatens to wash away people and villages below. 

Gujjars – the nomadic sheep herder felt extreme and critical low temperatures in September 2014 at Zojila pass of  Pir Panjal range while  Kashmir valley was inundated with heavy and excessive rains marooning millions and killing two hundred. Met explained the phenomenon as rare condition.

Heavy rains coupled with warming are receding Glaciers faster than normal. Rongdum, a village in Zanaskar valley reels under shortage of green fodder. Plant Species are vanishing when their life cycles are broken by dry spells.  Drass- the second coldest inhabited place in the world after Siberia is living under  threat of flash floods. . Aryans, a hymn singing community believed to be of Mediterranean origin is experiencing agriculture bonanza amidst changing weather patterns. But Shilikchay Kargil is hard hit with curly moth disease hitting fruiting plants and less snow fall decreasing crucial moistures for seed germination.

Cold and arid Ladakh has put adversaries of climate change to its advantage. A resilient community fights back. Religion and science together   find solutions to climate challenges adapting to altered conditions and mitigating its effects.

We all are immersed in the effulgence of scintillating energy the mother earth  the womb of all creations. She can evolve. Aren’t we?

Title : Whisper’s of Warming – A film on Himalayan Climate Change

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DOORDARSHAN TO RAMP UP CONTENT & MARKETING BY ROLL OUT OF ROBUST POLICY OF SLOT SALE

Doordarshan has unveiled a policy to attract high quality content on its National & Regional Channels through an offer of sale of slots. The policy encourages private entrepreneurs to Make for India’s National Public Service Broadcaster, cutting edge programming with a commitment for providing wholesome family entertainment. The key features of this outsourcing is to attract bids in the genre of ‘General Entertainment’ from eligible Producers as pertechnical & financial criteria to be notified separately.

Highlights of the Slot Sale Policy:

The Slot Policy invites eligible offerers to create and market fresh content on the channel for a fixed tenure extendingupto 3 years.

Sale of slots to be auctioned through e-auction mode.

The roll out of the Slot Sale Policy to commence with DD’s flagship channel – ‘DD National’ on its prime time slots and to be progressively extended to other slots and channels.

The Base price for DD National Prime Time is designed, keeping in view the content environment and market economics, to attract bidders.

The inventory for sale in a 30mins  slot will be 4 minutes.

Slot price increase is to be based on half yearly reviews through a transparent mechanism linked to the ratings achieved in the slot.

Slots available for bidding would be for a sequence of slots for daily strips on weekdays/weekends.

Those interested can visit our website www.ddindia.gov.in for detailed information.

Press Release
Media Publicity Division
Doordarshan
Dated 17.05.2016

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प्रसार भारती के चेयरमैन सूर्य प्रकाश ने सीईओ जवाहर सरकार को नोटिस भेजा

प्रसार भारती के चेयरमैन ए. सूर्यप्रकाश ने मुख्य कार्यकारी अधिकारी जवाहर सरकार को शो कॉज नोटिस जारी किया है. वजह है सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय की संसदीय स्थायी समिति की एक बैठक में वरिष्ठ अधिकारी की जगह कनिष्ठ अधिकारी को भेजना. प्रसार भारती के चेयरमैन द्वारा सीईओ को नोटिस दिए जाने के औचित्य पर सवाल उठ रहे हैं कि वे नोटिस दे सकते हैं या नहीं. सीईओ का पद संवैधानिक होता है.

इस नोटिस के नेपथ्य में कर्नाटक से सांसद डीके सुरेश की एक चिट्ठी बताई जाती है, जो उन्होंने केंद्रीय मंत्री अरुण जेटली को लिखी. डीके सुरेश ने आरोप लगाया है कि सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय की संसदीय स्थायी समिति की बैठक में प्रसार भारती के वरिष्ठ अधिकारी महेश जोशी (एडीजी, दक्षिण) की जगह जूनियर रैंक के एक अधिकारी को भेज दिया गया. वह अधिकारी उस दिन की बैठक में किसी सवाल का सटीक जवाब नहीं दे सका. डीके सुरेश का आरोप है कि दरअसल, प्रसार भारतीय के सीईओ ने उस बैठक को महत्व ही नहीं दिया. इसलिए जूनियर अधिकारी को भेजा गया. सांसद सुरेश के इसी पत्र के आधार पर जवाहर सरकार को कारण बताओ नोटिस दिया गया.

ज्ञात हो कि दूरदर्शन के धारावाहिकों की मंजूरी में घूसखोरी के आरोपों की जांच सीबीआई को सौंप कर जवाहर सरकार एक लॉबी के निशाने पर पहले से ही थे. प्रसार भारती में कई और मामलों को लेकर संघ की घनिष्ठ लॉबी के साथ जवाहर सरकार की टकराव की स्थिति है. प्रसार भारती चेयरमैन सूर्य प्रकाश वरिष्ठ पत्रकार रहे हैं और उन्हें राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का घनिष्ठ माना जाता है. कहा जा रहा है कि जवाहर सरकार को शो-कॉज नोटिस से उठे विवाद के मामले में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने संज्ञान लिया है. उनके निर्देश पर मंत्री अरुण जेटली निजी तौर पर इस मामले को देख रहे हैं.

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स्मार्टफोन यूजर्स बिना इंटरनेट ही डीडी के दर्जन भर से ज्यादा चैनल देख सकेंगे

अब आप अपने मोबाइल फोन पर बिना इंटरनेट खर्च किए फ्री में टीवी देख सकेंगे। यह सुविधा दूरदर्शन ने स्मार्टफोन के बढ़ते क्रेज और यूजर्स की बढ़ती संख्या को देखते हुए देने का फैसला किया है। दूरदर्शन की ये सर्विस निशुल्क होगी। स्मार्ट फ़ोन यूज़र्स के लिए शुरू की गई यह सर्विस दिल्ली, मुबंई, कोलकाता, चेन्नई, लखनऊ, पटना, रांची, गुवाहाटी, जालंधर, रायपुर, इंदौर, भोपाल, औरंगाबाद, बेंगलुरु, अहमदाबाद आदि शहरों के लिए है।

दूरदर्शन द्वारा दी जा रही इस सर्विस के चलते डीडी के लगभग सारे प्रसिद्ध चैनल जैसे डीडी नैशनल, डीडी न्यूज, डीडी भारती, डीडी स्पोर्टस, डीडी क्षेत्रीय और डीडी किसान आदि चैनल देखे जा सकेंगे। उम्मीद लगाई जा रही है कि जल्द ही दूरदर्शन इसमें और भी चैनल्स की संख्या बढ़ा सकता है। इस सर्विस का लाभ उठाने के लिए एक डीवीबी-टी2 डोंगल की ज़रुरत पड़ेगी। डीवीबी-टी2 डोंगल द्वारा आप ओटीजी केबल वाले मोबाइल फोन या टैबलट पर टीवी देख सकते हैं। इस सर्विस को यूज करने के लिए डोंगल में एक एंड्रॉयड एप डाउनलोड करनी होगा। उसके बाद गूगल प्ले स्टोर से टीवी-ऑन-गो (ओटीजी) दूरदर्शन एप डाउनलोड करना होगा। बता दें प्रसार भारती ने बिना इंटरनेट टीवी दिखाने के लिए ऑन-द-गो सर्विस के साथ ही डिजिटल विडियो ब्रॉडकास्टिंग डिवाइस (डीवीबी टी2) को भी लॉन्च किया है। इस डिवाइस की क्षमता 40 एमबीपीएस तक है।

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Doordarshan started Mobile TV in India

New Delhi, 4.4.2016: Digital Terrestrial Television services of Doordarshan started its operation from 25 February 2016 at 16 cities, thereby providing mobile TV to the users. The sixteen cities are- Delhi, Mumbai, Kolkata, Chennai, Guwahati, Patna, Ranchi, Cuttack, Lucknow, Jallandhar, Raipur, Indore, Aurangabad, Bhopal, Bangalore and Ahmadabad.  Mobile TV can be received in and around these cities using DVB-T2 Dongles in OTG enabled smart phones and tablets, Wi-Fi dongles for moving vehicles, besides the TV sets having built in DVB-T2 Tuner which are called as integrated digital TV (iDTV).

While iDTV are available in plenty like Sony, LG, Panasonic, Samsung etc., the dongles are also available in online Shopping sites like FLIPKART, Ebay, Snapdeal etc. It requires the user to download the softwares and plug these dongles in the smartphones and tablets to receive DD Signals. There will be no charges for watching the DD Channels. Also, no internet is required after installation of the software. The Public and private transportation vehicles and public places are potential environments for Mobile Television. Currently DD National, DD News, DD Bharati, DD Sports, DD Regional/DD Kisan are being relayed. Only one time investment of Dongle will be required by viewers and no extra expenditure unlike streaming with internet. The TV pictures are free from “ghosting” and “snowing”.

Digital Terrestrial Television (DTT) secures greater plurality in Platform ownership, ensuring that no single platform owner is so powerful that they can exert undue influence on public opinion or political agendas. The digital transition offers an opportunity to increase the production of local content. This in turn creates job opportunity and increase creativity and entrepreneurship. A strong DTT platform is critical for healthy competition in the TV market and to the realisation of a wide range of social benefits and most essentially an all weather reliable platform. There is no risk of catastrophic failure of total network. It provides alternative distribution platform.

Television has strongly shaped the lives of Indians for decades – from black & white TV of the late 50s, it has changed to colours and now in the latest stage with digital terrestrial TV DD channels can be received in smart Phones, tablets and in moving vehicles. The new audience on move are the key beneficiary of this technology. Currently, mobile TV can be received using a dongle for mobile and tablets. But the day is not far when it will be embedded inside the devices. Watching TV from a phone is interested in many situations. Public and private transportation vehicle in public places are potential environment for mobile TV services. In the DTT Transmission everybody watches the same content at the same time and it guarantees everybody the same high level of service, since they are all bathed in the same signal. So Tablets and smartphones and moving vehicles find new way of watching DD Channels in India in 16 cities, which are going to increase in near future.

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विशेष डोंगल के जरिए बिना इंटरनेट पांच चैनल मोबाइल पर देख सकेंगे

इंदौर। निजी चैनलों की तरह अब दूरदर्शन ने भी मोबाइल तक पहुंच बना ली है। उपभोक्ता अब टीवी ऑन गो एप्लीकेशन की मदद से बिना इंटरनेट का इस्तेमाल किए पांच चैनल मोबाइल पर देख सकेंगे। इसके लिए बाजारों में विशेष डोंगल आ गया है। इससे शहर से 20 किमी तक के दायरे में बिना रुकावट के ये चैनल देखे जा सकते हैं। दूरदर्शन इंदौर कार्यालय के प्रमुख वीरेंद्र पंडित ने बताया कि ओटीजी सपोर्ट एंड्रॉइड मोबाइल सेट पर टीवी ऑन गो एप्लीकेशन डाउनलोड करना होगा।

बाद में डोंगल को मोबाइल से जोड़ते ही इन चैनलों का प्रसारण शुरू हो जाएगा। इनमें डीडी नेशनल, डीडी न्यूज, डीडी भारती, डीडी स्पोर्ट्स और डीडी एमपी चैनल रखे गए हैं। पंडित ने बताया कि अत्याधुनिक तकनीक डीवीबीटी 2 पर आधारित ट्रांसमीटर से चैनलों की उच्च गुणवत्ता रहेगी। पंडित के मुताबिक एंटीना और सेटअप बॉक्स लगाकर इसका दायरा 100 किमी तक किया जा सकता है। इन उपकरणों से इन चैनलों को देखना संभव हो सकेगा। उन्होंने बताया कि जिन मोबाइल में ओटीजी सुविधा नहीं है, उनमें वाई-फाई एंटीना से प्रसारण देखा जा सकता है।

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दूरदर्शन भोपाल में उड़ रहीं प्रसार भारती से नियमों की धज्जियां

पिछले कुछ दिनों से विवादों में चल रहे दूरदर्शन भोपाल के समाचार एकांश में एक उपनिदेशक समाचार की जबरदस्त मनमानी चल रही है। मनमानी के चलते अधिकारी प्रसार भारती के नियमों को भी ताक पर रखे है। आलम यह है कि अधिकांश लोग जिस काम के लिए भर्ती किए गए थे उनसे उनका काम कम करवाकर जिस काम के लिए उनका चयन हुआ ही नहीं वह काम करवाए जा रहे हैं। प्रसार भारती ने मार्च-अप्रैल 2014 में 2 कॉपी एडिटर, 2 कॉरसपॉन्डेंट, 2 ब्रॉडकास्ट एक्जीक्यूटिव, 1 एंकर कम कॉरस्पॉन्डेंट, 2 वीडियो एडिटर, 1 लाईब्रेरी सहायक, 2 ट्रेनी पैकेजिंग समेत एक असाईन्मेंट कॉर्डिनेटर को भर्ती किया था। इन सबका चयन बाकायदा परीक्षा और इंटरव्यू लेकर किया गया था।

आज आलम यह है कि लाईब्रेरी सहायक को जहां लाईब्रेरी संभालना चाहिए उससे असाईन्मेंट पर काम करवाया जा रहा है जिसे खबरों की समझ तक नहीं है। ट्रेनी पैकेजिंग को जहां पैकेजिंग और स्क्रिपटिंग का काम करना चाहिए उससे भी कंप्यूटर से खबरे निकलवाने यानि असाईनमेंट के अलावा स्कॉल टाईप करवाए जा रहे हैं जो उसका काम है ही नहीं। रिपोर्टरों से कॉपी एडिटिंग और कॉपी एडिटर से रिपोर्टिंग करवाई जा रही है जिससे न्यूजरूम में बुलेटिन बनाने का काम प्रभावित हो रहा है हाल के दिनों में एक कॉपी एडिटर को 3-4 दिन के लिए रिपोर्टिंग करने इंदौर उज्जैन भी भेजा गया था। जिसे सबसे ज्यादा तन्ख्वाह दी जा रही है उस एक एंकर कम कॉरसपॉन्डेंट से बुलेटिन पढ़वाना और कॉपी एडिटिंग का काम (जो उसका नहीं है) करवाया जा रहा है।

केंद्र के लोग तो यह भी बता रहे हैं कि उन साहब को रिपोर्टिंग करने से भी मना कर दिया गया है। बात ब्रॉडकास्ट एक्जीक्यूटिव की करें तो इनके साथ तो और जुल्म हो रहे हैं उनसे बुलेटिन ब्रॉडकास्ट करवाने की बजाए वीडियो एडिटिंग करवाई जा रही है। सिर्फ 2 वीडियो एडिटर अब रह गए हैं जिनसे मूल काम नहीं छीना गया है। हालातों से लगता है कि उन्हे भी किसी दिन कॉपी एडिटर या रिपोर्टर का काम न करवाया जाने लगे। हद तो यह है कि समाचार एकांश के विशेष प्रोग्राम चर्चा में और आमने-सामने एक कॉपी एडिटर और एक रिपोर्टर से करवाए जा रहे हैं जिनका कभी ऑडिशन तक नहीं हुआ। जबकी दूरदर्शन के नियमों के मुताबिक बिना ऑडिशन पास किए किसी भी व्यक्ति को एंकर की कुर्सी पर नहीं बैठाया जा सकता। हाल ही के दिनों में नए एंकरों का पैनल बनाकर भर्ती किया गया है। पहले से ही 12 से 15 अनुभवी एंकर पैनल में शामिल हैं उनको महीने में सिर्फ एक य दो दिन ही बुलाया जा रहा है।

पिछले दिनों 18 फरवरी को प्रधानमंत्री ने सीहौर के शेरपुर में फसल बीमा योजना की शुरुआत की मोदी की शेरपुर यात्रा के दौरान विशेष बुलेटिन चलाने के प्रयास किए गए बुलेटिन में एक सबसे अनुभवी एंकर (जो प्रधानमंत्री के कार्यक्रमों और दूरदर्शन के राष्ट्रीय स्तर के कार्यक्रमों की लाईव कमेंट्री करता है) उसको स्टूडियो में चुप करवाकर एक रिपोर्टर को एंकर बनाकर बैठा दिया गया जिसे फसल बीमा योजना का क ख ग भी नहीं मालूम था। कई जिला संवाददाताओं का हुक्का पानी बंद कर दिया गया है तो कई को रेवड़ियां बांटी जा रही हैं। अंदरखाने से खबर यह है कि समाचारों की समझ कम रखने वाले यह अधिकारी न तो समाचार संपादक को कुछ समझते हैं न तो समाचार प्रमुख को। इनकी निगाह सिर्फ समाचार प्रमुख की कुर्सी पर है। वैसे इनके व्यवहार से समाचार कक्ष में काम करने वाले कर्मचारियों ने इन्हे समाचार प्रमुख मान लिया है। सूत्र तो यह भी बताते हैं कि इन दिनों समाचार कक्ष में काम कर रहे कर्मचारियों में एक दूसरे के प्रति अविशवास का माहौल बनने लगा है।

एक मीडियाकर्मी द्वारा भेजे गए पत्र पर आधारित.

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डीडी न्यूज़ पर आज रात 10:30 बजे से अशोक श्रीवास्तव के साथ देखिए ‘दो टूक’

आज सोमवार 7 मार्च से डीडी न्यूज़ पर रात 10:30 बजे “दो टूक” नामक एक नया प्रोग्राम लॉन्च हो रहा है। दो टूक समसामयिक और ज्वलंत मुद्दों पर बहस आधारित कार्यक्रम हैl  फिलहाल पांच राज्यों में विधानसभा चुनावों को देखते हुऐ अभी यह प्रोग्राम केवल सोमवार और बुधवार को ही प्रसारित होगा, लेकिन चुनाव के बाद यह हफ्ते में पांच दिनों तक प्रसारित होगा यानि हर हफ्ते सोमवार से शुक्रवार। यह क्रार्यक्रम राजनीतिक और सामाजिक समसामयिक विषयों की चर्चा वाला होगा।

कार्यक्रम “’दो टूक” के एंकर होंगे अशोक श्रीवास्तव। अशोक श्रीवास्तव डीडी न्यूज़ के वरिष्ठ प्राइम टाइम एंकर और स्पेशल कोरेस्पोंडेंट हैं और पिछले 13 साल से डीडी न्यूज़ से जुड़े हुऐ हैं। इससे पहले इन्होंने चैनल के लिए कई कार्यक्रम किऐ हैं। इनमें से चर्चित रहा ‘जानने का हक़’ जो कि सूचना के अधिकार क़ानून से जुड़ा हुआ प्रोग्राम है। अशोक श्रीवास्तव का यह कार्यक्रम टेलीविज़न मीडिया का अकेला ऐसा कार्यक्रम है जो पिछले नौ सालों से सूचना के अधिकार पर काम कर रहा है और ‘जानने का हक़’ के लिए अशोक श्रीवास्तव को नेशनल आरटीआई पुरस्कार से भी सम्मानित किया जा चुका हैl  इसके अलावा अशोक श्रीवास्तव को प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में पत्रकारिता में लम्बा अनुभव रहा है।

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Doordarshan to live telecast National Conference on ‘Women Legislators: Building of Resurgent India’.

New Delhi, 4th March 2016: Ahead of International Women’s Day, a National Conference of ‘Women Legislators: Building of Resurgent India’ is scheduled to be held on 5th and 6th March, 2016 at Vigyan Bhawan, New Delhi. The conference will deliberate on the ways in which women legislators can play a more meaningful and effective role in nation building.

It will be attended by women members of Lok Sabha, Rajya Sabha, Vidhan Parishads and the Vidhan Sabhas from across the country. Top dignitaries of the country are expected to attend the historic event. The Conference will focus on three broad themes during the two days- Social Development, Economic Development; and Good Governance and Legislation.

Doordarshan, the public broadcaster of India will telecast the event live on both the days. Hon’ble President of India and Lok Sabha Speaker will be the Chief Guest in the Inaugural Function to be held on 05.03.2016 (Saturday) at 11.00 am. DD National will telecast the event live from 11.00 am to 11.45 am (or till the end) on 05.03.2016 (Saturday). The valedictory session will be inaugurated by Hon’ble Prime Minister at 12.30 pm on 06.03.2016 (Sunday) at Central Hall, Parliament House. DD Bharati will telecast the event live on 06.03.2016 (Sunday) from 12.30 pm to 02.30 pm.

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चरित्रहनन के झूठे चक्रव्‍यूह से बाहर निकल आया दूरदर्शन का अभिमन्‍यु

दूरदर्शन के अपर महानिदेशक राजशेखर व्‍यास तीन साल की लम्‍बी लड़ाई के बाद सभी आरोपों से बेदाग बाईज्‍जत मुक्‍त हुए। एक कैसुएल डाटा एंट्री ऑपरेटर से झूठी शिकायत करवाई गई। इसे तीन अशिक्षित अंग्रेजी व हिन्‍दी से अनभिज्ञ चतुर्थ वर्ग के कर्मचारियों ने बढ़ावा दिया। ये लोग राजशेखर व्‍यास के कार्यालय में कार्य भी नहीं करते थे। राजशेखर व्‍यास को चक्रव्‍यूह में फंसाने के पीछे तत्‍कालीन महानिदेशक, तत्‍कालीन मंत्री, अनेक भ्रष्‍ट अफसरों व मुम्‍बई के भ्रष्‍ट प्रोड्यूसरों का हाथ था। 

प्रसार भारती ने भी अपने उच्‍च अधिकारी का साथ न देकर पहले तो लड़की को पुलिस थाने में पहुँचाया। पुलिस में लड़की ने कहा “मुझे श्री व्‍यास जी से कोई शिकायत नहीं है” लेकिन प्रसार भारती ने तीन साल एक झूठी इंक्‍वायरी चलाई। इइसमें अनेक नकली कागज बनवाए गए। झूठी शिकायतें लिखवा कर सरकारी कागजातों में छेड़छाड़ कर व्‍यास को मानसिक उत्‍पीड़न दिया गया। उक्‍त अवधि में उनका वेतन भी रोक दिया गया। फिर उन्‍हे गैर कानूनी व अवैधानिक तरीके से ऑल इण्‍डिया रेडियो में स्‍थानांतरण कर नार्थ ईस्‍ट का हेड बनाकर भेज दिया गया। व्‍यास ने इसका भी कानूनी विरोध किया।

श्री व्‍यास दूरदर्शन के प्रबंधन और कार्यक्रम के वरिष्‍ठतम अधिकारी रहे हैं। उन्‍होंने विगत ३५ वर्षों में दूरदर्शन को अपनी असंख्‍य अवार्ड विनिंग वृत्‍तचित्र, क्रांतिकारी फिल्‍मों से समृद्ध किया। जिस दूरदर्शन में एक ही परिवार का गुणगान होता था और क्रांतिकारियों का नाम लेना अपराध माना जाता था वहां भी व्‍यास जी ने सुभाष चन्‍द्र बोस, चन्‍द्रशेखर आज़ाद, सरदार भगत सिंह जैसे महान क्रांतिकारियों पर अनेक फिल्‍म बनायी। उनकी चर्चित फिल्‍मों में ‘आजाद की याद’, ‘इंकलाब’, ‘एक विचार की यात्रा’, ‘वंदेमातरम’, ‘एक गीत जो मंत्र बन गया’, ‘जयति जय उज्‍जयिनी’, ‘काल’, ‘द टाइम’(अंग्रेजी), ‘गणतंत्र गाथा’, ‘स्‍वतंत्रता पुकारती’ आदि हैं। सरदार भगत सिंह और सुभाष पर अपने कार्यों के लिए चर्चित राजशेखर व्‍यास की अब तक ६३ से ज्‍यादा पुस्‍तकें भारतीय ज्ञानपीठ, प्रभात प्रकाशन, किताब घर, प्रवीण प्रकाशन, सामयिक जैसे असंख्‍य लोकप्रिय प्रकाशकों से प्रकाशित है। लगभग १५,००० से अधिक लेख देश-विदेश के प्राय: सभी पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हैं।

बताया जाता है कि व्यास के खिलाफ सारा प्रपंच उनको महानिदेशक पद से रोकने और वंचित करने के लिए किया गया जिसके वे प्रबल उम्‍मीदवार थे। इस सारे षडयंत्र में दूरदर्शन और रेडियो में बिखरे पड़े अनेक मंदबुद्धि, प्रतिभाहीन अधिकारी और रिटायर्ड महानिदेशकों का भी हाथ था। तीन साल की इस लंबी लड़ाई व मानसिक उत्‍पीड़न के बाद अब उन्‍हें सवर्था निर्दोष व निरपराध पाया गया। इस सारे षडयंत्र की अलग से निष्‍पक्ष इंक्‍वायरी की जाएगी।

इन षडयंत्रकारियों के विरूद्ध कोई मानहानि केस लगाएंगे? इस पर श्री व्‍यास ने कहा कि पहले तो मुझे और मेरे महान परिवार को जानने वालों के हृदय में इस घटना से कोई मानभंग हुआ ही नहीं था। मेरे महान पिता के योगदान से सारा देश सुपरिचित है। उज्‍जैन का विक्रम विश्‍वविद्यालय, विक्रम कीर्ति मंदिर, अखिल भारतीय कालिदास समारोह, सिंधिया प्राच्‍य विद्या संस्‍थान, कालिदास एकेडमी उन्‍हीं की देन है। उस महान स्‍वतंत्रता सेनानी की स्‍मृति में खुद दूरदर्शन ने कई खण्‍डों में “स्‍वाभिमान के सूर्य” नाम से फिल्‍म बनाई है।

खुद ‘प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी’ ने अपने आवास पर जिन पर डाक टिकट जारी किया हो और जो भारत के आरम्‍भिक ‘पद्मभूषण’ रहे हो उस महान स्‍वतंत्रता सेनानी के परिवार पर कीचड़ उछालना सूर्य पर थूकने के समान है। लेकिन उन्‍होंने गहरे दुख से ये भी कहा कि मेरे निर्दोष और मासूम बच्‍चों ने तीन साल तक मानसिक उत्‍पीड़न, प्रताड़ना व भयावह आर्थिक परेशानी सही। अगर भविष्‍य में फिर कोई ऐसा षडयंत्र रचा तो निश्‍चय ही मुझे कानून का सहारा लेते हुए इन षडयंत्रकारियों के खिलाफ सख्‍़त कदम उठाना ही होगा और ऐसे षडयंत्रकारियों को बेनकाब करना ही होगा। सूत्रों के मुताबिक श्री व्‍यास जो महानिदेशक पद के सबसे योग्‍य व प्रबल उम्‍मीदवार थे, उन्‍हें आज भी इस दौड़ से बाहर रखने की वैसी ही साजिश पुन: रची जा रही है। बाइज्‍जत रिहा होने के बावजूद उन्‍हें अभी तक वेतन से वंचित रखा गया है।

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Doordarshan to live telecast the ceremony of Martyrdom Day of Mahatma Gandhi

New Delhi, 29th January 2016: Every year on January 30th, the nation pays homage to the martyrs who suffered and  died for the freedom, welfare, and progress of the country. It was on this very day in 1948, that Mahatma Gandhi was  assassinated a little before the sunset when he was on his way to attend his evening prayers. Since then on Martyr’s Day  the top officials of the country gather at the samadhi at Rag Ghat memorial and lay wreaths decorated with multi-colour flowers.

Doordarshan, the public broadcaster of India, through its national channels, namely, DD National, DD Bharati, DD Kisan and DD India has scheduled to live telecast the 68th anniversary of Martyrdom Day of Mahatma Gandhi on 30 January 2016 at Tees January Marg. ‘Sarva Dharma Prarthna Sabha’, a program on Gandhiji’s Martyrdom Day will be live telecast on DD National, DD Bharati, DD Kisan and DD India from 03.30 p.m. to 05.30 p.m. (or till the end) on 30 January’16, Saturday.

Post the live telecast, on 30th January, DD Bharati channel will air a biography on Mahatma Gandhi, titled ‘Mahatma- The Great Soul’ in evening. The biography will take the viewer to the time Gandhi ji spent in South Africa and subsequently his return to India as the Mahatma. The one hour biography is a gripping work highlighting how India became independent and viewers would also get to hear the actual voice of Mahatma Gandhi during the telecast.

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DD Bharati to live telecast the opening ceremony of MIFF 2016

Tune in at 4:30 pm on 28 January!

DD Bharati channel, touted as the cultural heritage of India, is a niche art and cultural television channel of Doordarshan. Since its modest beginning in 2002, the channel has made its way to the audiences’ heart as a one stop solution to whet their cinematic appetite.

The channel has readied plans to live telecast the opening ceremony of the 14th edition of the Mumbai International Festival for Documentary, Short and Animation Films, popularly known as MIFF on January 28th from 4:30 pm onwards. The opening ceremony will be telecast live on DD National channel as well. The biennial event will feature 30 films in the International segment, including 12 from India, and 27 films in National segment, competing for the Golden Conch Award. This year the festival will screen a total of 385 films over the six-day event.

Tune in DD Bharati to catch the live event tomorrow at 4:30 pm! DD Bharati is available on channel no. 5 on DD Free Dish platform, Tata Sky- channel no. 161, Videocon- channel no. 674, Sun Direct- channel no. 326, Dish TV- channel no. 826, Airtel Digital- channel no. 140 and Den Digital- channel no. 149.

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DD Bharati line up special programming during 67th Indian Republic Day

DD Bharati channel, touted as the cultural heritage of India, is a niche art and cultural television channel of Doordarshan. Since its modest beginning in 2002, the channel has made its way to the audiences’ heart as a one stop solution to whet their cinematic appetite.

Starting from the eve of 67th Republic Day, DD Bharati is set to telecast range of programs, depicting every possible facet of Freedom struggle till the time India became a sovereign, secular, and democratic republic. Noteworthy scheduled programs are as below:

1. Lagenge Har Baras Mele – a biography on Shaheed Bhagat Singh

A half an hour biographical snapshot on the life of Shaheed Bhagat Singh and his remarkable contribution in the freedom struggle, titled ‘Lagenge Har Baras Mele’ will be telecast on 25th January’ 16 on DD Bharati at 6:00 pm.

2. Freedom Struggle and Indian Poetry

A half an hour dedicated program under the slot Sahitya Bharati, titled ‘Freedom Struggle and Indian Poetry’ will be telecast on 25th, 26th and 27th January’16 at 8:00 pm. The program would enlighten the viewers on the motivational spirit of Indian poets during Indian Freedom Struggle.

3. Swaraj Ki Goonj

This special program, titled ‘Swaraj Ki Goonj’ depicts significant role cinema played during Freedom Struggle. The program will be aired on the channel on 25th and 26th January’16 at 10:30 pm.

Tune in DD Bharati channel to relive the spirit of Republic! Also, watch the launch of 24×7 classical music channel ‘Raagam’ live on DD Bharati and DD Chandana channel from 6:00 pm on 26 January 2016.

DD Bharati is available on channel no. 5 on DD Free Dish platform, Tata Sky- channel no. 161, Videocon- channel no. 674, Sun Direct- channel no. 326, Dish TV- channel no. 826, Airtel Digital- channel no. 140 and Den Digital- channel no. 149.

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Springing Tiger, a biographical work on Subhash Chandra Bose to telecast on DD Bharati

DD Bharati channel, touted as the cultural heritage of India, is a niche art and cultural television channel of Doordarshan. Since its modest beginning in 2002, the channel has made its way to the audiences’ heart as a one stop solution to whet their cinematic appetite.

On the eve of Subhash Chandra Bose birth anniversary, DD Bharati will telecast a biographical work on the legend, titled ‘Springing Tiger’ at 6:00 pm on 22nd January 2016. The half an hour biographical account would showcase the history of a lesser known side to the second World War and the significant role played by the legend during the war. The telecast would vividly describe the life, philosophy, idealism, nationalism and political astuteness of Subhash Chandra Bose.  The repeat telecast can be watched at 10:00 am on 23rd January 2016.

Since DD Bharati’s relaunch in 2012, the channel has focused on giving its viewers a magnificent view of art and cultural domain through its dedicated slots on Environment, Architectural Heritage, Biographies, Classical Dances& Songs and Literature titled, Sahitya Bharti.  A special chunk for woman, titled ‘Aadha Aakash Aapna’ is a hit among the audiences. A leader and pioneer, DD Bharati channel seeks to attract youngsters through its range of programs and is eyeing to increase its viewership manifold. Tune in today!

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मध्य प्रदेश दूरदर्शन का समाचार एकांश : जात ही पूछो साधू की…

मध्य प्रदेश दूरदर्शन के समाचार एकांश में जात और अर्थ (धन) को लेकर उठापटक मची हुई है. पुराने लोगों से काम लेना बन्द कर पैसा लेकर नये लोगों से काम लेना शुरु कर दिया गया है. वही जात के आधार पर लोगों को बाहर का रास्ता दिखाया जा रहा है. डेस्क पर काम करने वाले 5 लोगो को तो बाहर का रास्ता दिखा दिया गया है. गौरतलब है कि सत्ता सम्भलने के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने दूरदर्शन को सशक्त करने की पहल शुरु की थी. अपने विदेश दौर के समय वे सिर्फ दूरदर्शन की टीम को ही साथ लेकर गये थे. इतना ही उन्होनें अपने सरकार के साथियों और अधिकारियों को निर्देश भी दिया था कि कोई भी योजना या खबर पहले दूरदर्शन को दे उसके बाद निजी चेनल को.

इसके पीछे मंशा थी कि लम्बे समय से एक पुराने ढर्रे में चल रहे दूरदर्शन की छवि सुधरे. कुछ प्रदेशों में इसका असर भी दिखा. जिसमें मध्यप्रदेश भी एक था. समाचार एकांश में ऐसे अनुभवी अधिकारियों को भेज गया जिन्होनें रुटिन से हटकर काम किया और ग्राफ में इजाफा किया. लेकिन अधिकारी के बदलते ही जिनके हाथों में शाक्ति आई उन्होनें नया खेल करना शुरु कर दिया. 100 से ज्यादा स्ट्रींगरों में से कुछ को छोडकर अधिकांश पर जात के नाम पर काम लेना बन्द कर दिया गया. वही दूर दराज के स्ट्रींगरों को साफ शब्दों में खबर ना भेजने और अपनी सेवाएं समाप्त माने की दो टूक बात कहाकर उन्हें दरकिनार कर दिया गया.

समाचार एकांश में एक अधिकारी जिनकी नौकरी का समय कुछ माह ही बचे है उन्होनें तो पुराने स्ट्रींगरों के खिलाफ मोर्चा ही खोल दिया है. जो भी स्ट्रींगर उनसे मिलने गया उसे दुत्कार कर भाग दिया और साफ हिदायत दे दी कि आइन्दा यहाँ ना आये. उन्होनें तो प्रदेश में अपने लोगों को समाचार भेजने का आदेश दे कर उन्हें विश्वस्त कर दिया है कि नये इम्पैनल मेंट में आपको ले लिया जायेगा. उज्जैन में तो किसी मनोज पौराणिक का नाम समाने आया है.

वहीं इन्दौर, झाबुआ, धार, जबलपुर, ग्वालियर आदि स्थानों पर भी लोगों को खडा कर दिया गया है. सूत्रों का तो कहना है कि बकायदा एक निश्चित रकम भी नये लोगों से ली जा रही है. वही हाल में ही जूनियर अधिकारी से पदोन्नत होकर डिप्टी डायरेक्टर हुए अधिकारी नये खेल कर रहे है. उन्होनें तो दिल्ली एक पत्र भेजकर अपनी जात और लिंग का हवाला देते हुए फ्री हेन्ड देने की बात कही है.इन अधिकारी का मानना है कि अभी तक जो स्ट्रींगर है उनमें सवर्ण का वर्चस्व है. इसलिए अब उन्हें बाहर कर अपनी जात के लोगों को शामिल करेंगे.

जात और धन के इस खेल में सारे नियमों को ताक में रख दिया गया है. भोपाल की डेक्स में काम करने वाले पांच लोगों को जो सवर्ण वर्ग से उन्हें हटा दिया गया है. वही समाचार बनाने की जिम्मेदारी जिस व्यक्ति पर है उसे भी हटाने की कोशिश की जा रही है. अधिकारियों के इस खेल में समाचार एकांश में समाचार नदारद हो गया है. स्थिति यहाँ है कि बुलेटिन ड्राय चल रही है.

भोपाल से एक मीडियाकर्मी द्वारा भेजे गए पत्र पर आधारित.

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जेटली साहब ज़रा अपने दूरदर्शन को भी देखिए, वो सरकारी भोंपू बना हुआ है

Mukesh Kumar : अरूण जेटली ने सही फरमाया है कि चैनलों की चर्चाएं शोरगुल और उत्तेजना से भरी होती हैं। उन्होंने ये समझाइश भी ठीक ही दी है कि उन्हें इस पर विचार करना चाहिए यानी सुधारना चाहिए। भला कौन उसे असहमत होगा, क्योंकि सभी चैनलों की चर्चाओं से त्रस्त हैं। लेकिन जेटली साहब ज़रा अपने दूरदर्शन को भी देख लिया कीजिए। वो किस कदर एक पक्षीय और सरकारी भोंपू बना हुआ है। उसे तथ्यों-कथ्यों से कुछ लेना-देना नहीं होता, बस सरकार का अंधाधुंध प्रचार और विपक्षियों के खिलाफ़ निंदा अभियान। आखिर प्रसार भारती का गठन इसलिए तो नहीं किया गया था। अगर जेटली सचमुच में भारतीय मीडिया के चरित्र को लेकर चिंतित हैं और उसमें बदलाव चाहते हैं तो शुरूआत प्रसार भारती से ही करें। उसे मुक्त करें और समूचे मीडिया के लिए रोल मॉडल बनने दें। अगर नहीं कर सकते तो ये पाखंड उनको शोभा नहीं देता।

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खबर आई है कि प्रधानमंत्री मंत्रिमंडल में फेरबदल करना चाहते हैं, मगर उन्हें अच्छी प्रतिभाएं नहीं मिल रहीं। दुनिया की सबसे बड़ी पार्टी की ये दुर्दशा कि वह ऐसे ढंग के नेता भी उपलब्ध नहीं करवा पा रही कि प्रधानमंत्री काबिल मंत्री चुन सकें ताकि डेढ़ साल में ही फिसड्डी साबित हो रही सरकार की छवि बदली जा सके और उसे थोड़ा कामकाजी बनाया जा सके। वैसे जब सारे फैसले पीएमओ ले रहा है तो मंत्रियों में खोट निकालना कहां तक ठीक है। उन्हें तो काम करने की स्वतंत्रता ही नहीं दी गई। अगर दी जाती और वे नाकाम रहते तब उन्हें निकम्मा और नालायक कहना ठीक होता, मगर सही ढंग से आज़माए बिना उन्हें खारिज़ कर देना ठीक नहीं है। प्रधानमंत्री जी जब आप दूसरों पर उंगली उठा रहे हैं, तो ध्यान रहे कि बाक़ी की चार उंगलियाँ आपकी ओर हैं। देखा जाए तो प्रतिभाएं बिखरी पड़ी हैं। गजेंद्र चौहान में अपार क्षमताएं हैं, फिल्म संस्थान के बजाय उन्हें सरकार में आज़माया जाना चाहिए। इसी तरह और भी प्रतिभाएं जगह-जगह शोभायमान हैं, उन्हें भी अवसर की दरकार है।

वरिष्ठ पत्रकार मुकेश कुमार के फेसबुक वॉल से.

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Doordarshan expands programme horizon by increasing collaboration with DW

New Delhi : Prasar Bharati signed three Joint Understandings with Deutsche Welle (DW) for broadcasting and co-production for providing interesting and fresh content to Indian audiences on Doordashan network, today. DW’s Director General Peter Limbourg and Prasar Bharati CEO Jawhar Sircar signed three joint understandings for future programming under the existing MOU of 2011 with DW in an event held today in Prasar Bharati. The first represents a major step towards creating new programming, with a coproduction of DW’s award-winning show Euromaxx in Hindi. The second extends the rights to dub DW’s Hindi science program Manthan into other Indian languages. The third understanding is for telecast of Sports Programmes from Transtel.

“We believe that co-productions offer a fantastic opportunity to not only reach out to larger audiences, but to create a better bond with our premium partners,” says Mr Limbourg, DG DW. “Our work with Prasar Bharati and Doordarshan has been successful for both parties and we hope to continue that in the future.”

Mr. Jawhar Sircar, CEO Prasar Bharati said that this opens a new chapter in Indo-German relationship where public broadcasting is concerned and Indians would love to see programmes like Soccer, 50years of Bundesliga, The Olympic Sports, etc. as also, get to watch quality content on European Lifestyle. We have a special relationship with Deutche Welle and we hope it will lead to more mutually beneficial broadcasting collaborations.

Prasar Bharati is India’s Public Service Broadcaster that oversees the two major wings of Radio and Television broadcasting, i.e; All India Radio (AIR) and Doordarshan (DD). Prasar Bharati has partnered with DW in the past, most notably on the creation of Manthan – a science program produced in Hindi for Doordarshan. Manthan has been broadcast since 2012 on DD- National.

Deutsche Welle (DW) is Germany’s international broadcaster and a trusted source for reliable news and information with content in 30 languages with continuous news reports, special features and talk shows covering everything from business, science and politics to culture and sports. The flagship channel DW provides analysis and insights to viewers around the globe, reporting on important issues in English 24/7.

DG: Doordarshan, C Lalrosanga; Ms. Deepa Chandra, ADG; P.K. Subhash, ADG; Ms. Meena Sharma, ADG; P.Das, DDG and C.K. Jain, DDG were also present on the occasion.

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