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पैराडाइज पेपर्स में अमिताभ बच्चन, आरके सिन्हा, जयंत सिन्हा समेत 714 भारतीयों के नाम

Priyabhanshu Ranjan : दि इंडियन एक्‍सप्रेस ने रविवार रात 12.30 बजे से पैराडाइज़ पेपर्स पर 40 किस्‍तों पर अपनी स्‍टोरी की श्रृंखला शुरू की है लेकिन इंटरनेशनल कंसोर्शियम ऑफ इनवेस्टिगेटिव जर्नलिस्‍ट्स की वेबसाइट से पता चलता है कि ऑफशोर कंपनियों में पैसा लगाने वाले दो बड़े नेताओं का नाम कुल 714 लोगों की सूची में शामिल है। ये दोनों नेता सत्‍ताधारी पार्टी बीजेपी से हैं- सांसद आरके सिन्‍हा और नागरिक उड्डयन मंत्री जयन्‍त सिन्‍हा।

Priyabhanshu Ranjan : दि इंडियन एक्‍सप्रेस ने रविवार रात 12.30 बजे से पैराडाइज़ पेपर्स पर 40 किस्‍तों पर अपनी स्‍टोरी की श्रृंखला शुरू की है लेकिन इंटरनेशनल कंसोर्शियम ऑफ इनवेस्टिगेटिव जर्नलिस्‍ट्स की वेबसाइट से पता चलता है कि ऑफशोर कंपनियों में पैसा लगाने वाले दो बड़े नेताओं का नाम कुल 714 लोगों की सूची में शामिल है। ये दोनों नेता सत्‍ताधारी पार्टी बीजेपी से हैं- सांसद आरके सिन्‍हा और नागरिक उड्डयन मंत्री जयन्‍त सिन्‍हा।

आप तो जानते ही हैं कि मोदी जी भ्रष्टाचार से लड़ने के लिए ही धरती पर अवतरित हुए हैं। तभी #PanamaPapers का मामला उन्होंने जादू से छू मंतर कर दिया। कुछ याद है आपको? अब #ParadisePapers के मामले को भी अपने प्रभावी सड़क छाप भाषणों से फ़ना कर देंगे। ये भ्रष्टाचार से लड़ने का Gujarat Model है! वैसे, पैराडाइज पेपर्स में जयंत सिन्हा… रवीन्द्र किशोर सिन्हा… अमिताभ बच्चन… के नाम हैं… हां, मैंने इनकी जाति ढूंढ ली है 😉 ये कहीं कायस्थों को बदनाम करने की साज़िश तो नहीं 🙂

Narendra Nath : आज हुए खुलासे के अनुसार पूरे विश्व में भारत “Ease Of Hiding Tax and Making Black Money” में 19 वें नंबर पर हैं। जिस तरह के नाम इसमें हैं, उससे मेरा दावा है कि सरकार और विपक्ष “सब मिले हुए हैं जी” के फार्मूले के साथ चुप ही रहेंगे। और, हर खुलासे के बाद अमिताभ बच्चन के प्रति धारणा और मजबूत होती है। मंगल ग्रह पर भी ब्लैक मनी की बात होगी तो अगर एक शख्स का नाम आएगा तो शायद इनका आए। वही बच्चन जी जो आजकल लोगों को टैक्स देने और बेहतर नागरिक बनने के सरकार से फीस लेकर विज्ञापन कर रहे हैं।

Anil Jain : अमिताभ बच्चन ने अपनी कामयाबी के झंडे अभिनय और विज्ञापन के क्षेत्र में ही नहीं गाडे हैं, बल्कि एक निवेशक के तौर पर भी वे लगातार अपने कौशल का प्रदर्शन कर रहे हैं। पनामा पेपर्स के बाद पैराडाइज पेपर्स में भी उनका नाम अपनी जगह बनाने में कामयाब रहा है।

Satyendra PS : एक साल पहले जब पनामा पेपर्स में टैक्स हैवन्स देशों में कंपनियां बना कर टैक्स चोरी करने वालों नाम आया तो बड़ी उम्मीद जगी थी कि काला धन खत्म करने के नाम पर बड़ी-बड़ी बातें करने वाली मोदी सरकार अब इन्हें धर दबोचेगी। जिस सरकार के मंत्री पाकिस्तान को नरक कहते थे वहां पनामा पेपर्स के नाम पर पीएम नवाज शरीफ की गद्दी चली गई। लेकिन खोजी पत्रकारों की स्टोरी में बॉलीवुड से लेकर बिजनेस वर्ल्ड के नामी-गिरामी लोगों के नाम आने के बाद भी अपने यहां किसी का भी बाल बांका नहीं हुआ।

पत्रकार प्रियभांशु रंजन, नरेंद्र नाथ, अनिल जैन और सत्येंद्र पी सिंह की एफबी वॉल से.

 पूरे मामले को समझने के लिए नीचे दिए शीर्षकों पर एक एक कर क्लिक करें :

हिन्दी के पाठकों को आज का अंग्रेज़ी वाला इंडियन एक्सप्रेस ख़रीद कर रख लेना चाहिए

साल 2017 की‌ सबसे बड़ी ख़बर… पैराडाइज़ पेपर्स के मार्फ़त कर चोरी और काले धन पर ख़ुलासा…

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