ट्रांसफर होने के बावजूद बरेली में जमे हैं पीपीएस अफसर जगदीश!

उत्तर प्रदेश सरकार के एक पुलिस अधिकारी का ट्रांसफर ऑर्डर आए तीन माह बीत गया लेकिन जनाब अभी भी अपने पुराने तैनाती स्थल बरेली में डेरा जमाए हुए हैं।

पीपीएस अफसर पिता जगदीश सिंह पाटनी का तीन माह पहले योगी सरकार ने बरेली से पीलीभीत स्थानांतरण किया था लेकिन अब तक ना तो उनका स्थानांतरण आदेश रद्द हुआ है और ना ही उन्होंने पीलीभीत में आकर जॉइनिंग दी है जबकि पीलीभीत जनपद में पहले से ही पीपीएस पुलिस अफसरों की कमी चल रही है।

वजह चाहे जो भी हो, बहरहाल पुलिस महकमे में इस अफसर का रसूख बड़े-बड़े अफसरों पर भारी पड़ रहा है।

पीलीभीत जनपद में पुलिस विभाग में एक एसपी, एक एएसपी व चार सीओ के पद शासन से स्वीकृत है लेकिन कई महीनों से तीन सीओ के सहारे ही जिला संचालित हो रहा है। इसके चलते जहां फरियादी व आम आदमी परेशान हैं तो वहीं कानून व्यवस्था भी प्रभावित हो रही है।

पीलीभीत जनपद में बीसलपुर, पूरनपुर, सिटी व सदर चार सर्किल है लेकिन सदर सर्किल खाली पड़ा है। वजह यह है कि 18 नवम्बर 2019 को शासन ने सीओ जगदीश सिंह पाटनी को बरेली से पीलीभीत स्थानांतरित किया था।

यूपी पुलिस की वेवसाइट पर भी तैनाती तो उनकी पीलीभीत में है लेकिन वह आज भी बरेली में ही नौकरी कर रहे है यानि यह ट्रांसफर केवल कागजो में ही किया गया। एसपी से शुक्रवार को जब मीडिया ने इस बारे में पूछा तो वह जल्द समस्या के समधान की बात कह रहे हैं।

जिले के एसपी केवल तीन सीओ से काम चला रहे हैं। अभी तक पूरनपुर सर्किल में किसी सीओ की तैनाती नहीं थी। कुछ दिन पहले ही एसपी ने सदर सीओ योगेन्द्र सिंह को पूरनपुर का प्रभार सौपा तो सदर सर्किल सीओ विहीन हो गया। यह सिलसिला जगदीश सिंह पाटनी के ज्वाइन नहीं करने के चलते तीन माह से चल रहा है।

आखिर जगदीश सिंह पाटनी को क्यो रिलीव नही किया जा रहा है? सरकार व अधिकारी अपने आदेश का पालन क्यों नही करवा पा रहे है? यह सवाल बराबर उठ रहा है।

ज्ञात हो कि जगदीश सिंह पाटनी की पुत्री दिशा पाटनी वालीबुड की बड़ी अभिनेत्री हैं। इसी माह उनकी नई फिल्म मलंग भी रिलीज हुई है। पुलिस महकमे में चर्चा है कि ऊंची पहुंच के चलते ही जगदीश सिंह पाटनी पीलीभीत में पोस्टिंग होने के बावजूद आज भी बरेली नौकरी कर रहे हैं।

गौरतलब है कि पीलीभीत जनपद की सीमाएं नेपाल व उत्तराखण्ड से सटी हुई है, इसलिए जनपद हमेशा सुरक्षा की दृष्टि से अति संवेदनशील रहता है।

बरेली से पत्रकार निर्मलकांत शुक्ला की रिपोर्ट.



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