हाई कोर्ट में भारत सरकार ने कहा- ‘सहारा इंडिया परिवार’ कोई कम्पनी नहीं है!

भारत सरकार सहारा इंडिया परिवार तथा सुब्रत राय द्वारा 17 मार्च 2013 को समाचारपत्रों में प्रकाशित पूरे पृष्ठ के विज्ञापन में भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) और पूर्व सुप्रीम कोर्ट जज बीएन अग्रवाल के सम्बन्ध में की गयी आपत्तिजनक बातों की जांच नहीं कराएगा.

इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ बेंच में सामाजिक कार्यकर्ता अमिताभ और नूतन ठाकुर की याचिका में कॉर्पोरेट मामलों के मंत्रालय द्वारा दायर हलफनामे में कहा गया है कि विज्ञापन में कही बातें सेबी की सुप्रीम कोर्ट में कार्यवाही से सम्बंधित हैं, भारत सरकार से नहीं. फिर सहारा इंडिया परिवार कोई कंपनी नहीं है और कंपनी अधिनियम में किसी व्यक्ति या संस्था द्वारा किये गए विज्ञापन के खिलाफ कार्यवाही करने की व्यवस्था नहीं है. अतः इस मामले में अब किसी कार्यवाही की जरुरत नहीं जान पड़ती है.

 



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