सहारा मीडिया के कर्मचारी पूरा वेतन न मिलने सहित कई मांगों को लेकर 6 अक्टूबर 2015 से हड़ताल करने जा रहे हैं। यह हड़ताल फिलहाल सहारा कामगार संगठना के नेतृत्व में होने जा रही है। इस हड़ताल का समर्थन करते हुए उत्तर प्रदेश की यनिट हेड गीता रावत ने सुप्रीम कोर्ट के प्रधान न्यायाधीश, प्रधानमंत्री, यूपी के सीएम सहित तमाम लोगों का ध्यान इस ओर आकृष्ट करते हुए पत्र भेजा है।
इस हड़ताल के समर्थन में राष्ट्रीय सहारा उप्र की विभिन्न यूनिटों सहित उत्तराखंड के ढेर सारे मीडियाकर्मी भी शामिल होने जा रहे हैं। गौरतलब है कि सात अक्टूबर 2015 को सहारा सुप्रीमो सुब्रत राय के बुलावे पर मुंबई के विशाल मोरे के नेतृत्व में एक प्रतिनिधि मंडल मिलने जा रहा है। नियमित पूरा वेतन देने, बकाया देने, हड़ताल पर रहे कर्मचारियों को परेशान न करने और उनका तबादला न करने आदि की मांगें इसमें शामिल हैं।


7 Comments
Leave a Reply
Cancel reply
Leave a Reply
भड़ास लीगल टीम : Bhadas Legal Team
भड़ास मेल: [email protected]
Latest 100 भड़ास
- वरिष्ठ पत्रकार इंद्रजीत राय द्वारा स्थापित फोरेंसिक लैब को मिली सरकारी मान्यता
- MIB की सख्ती; मंत्रालय से अगली अनुमति मिलने तक किसी भी चैनल की रेटिंग जारी न करे BARC
- हिन्दुस्तान टाइम्स में राधिका भिरानी बनी संपादक (लाइफस्टाइल)
- एबीपी न्यूज़ की कवरेज से बिलबिला गए विहिप वाले!
- विस्तार न्यूज़ को बड़ा झटका, सीनियर एंकर विवेक शुक्ला ने दिया इस्तीफ़ा!
- ‘द सूत्र’ के 5 वर्ष : बड़े मीडिया संस्थानों की नौकरी छोड़कर दो भाइयों की मेहनत और संघर्ष की दास्तान!
- दैनिक भास्कर में अनमोल शर्मा का प्रमोशन, अमर उजाला से कार्तिकेय दिवाकर की नई पारी
- अमृतलाल एंड गन्नाकरी कंपनी को इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता कि जनता इथेनॉल वाले तेल से बहुत गुस्से में है!
- दैनिक जागरण की संपादकीय बैठक में नरेंद्र मोहन की एक टिप्पणी पर मेरा फौरी जवाब उन्हें नागवार गुजरा, उन्होंने माफी मांगने का संदेश भेजा तो मैंने डाक से इस्तीफे की सूचना भेज दी!
- आज के अखबार : सरकार के खुलते कारनामे, ढंकने की कोशिशों के बीच ‘चौकीदार चोर है’ जैसा सच भी है!
- राघव चड्ढा को दिल्ली हाई कोर्ट से पाँच सोशल मीडिया पोस्ट हटाने का आदेश!
- लंबी चुप्पी के बाद फिर शुरू हो गए अमिताभ ठाकुर!
- दैनिक भास्कर छोड़ तहलका मैगजीन से जुड़े वरिष्ठ पत्रकार सुजीत ठाकुर!
- राम मंदिर चढ़ावा विवाद: एनडीटीवी और आजतक की कवरेज में इतना फर्क क्यों?
- हरदोई में 21 विभूतियों को मिला अरुणेश बाजपेयी स्मृति सम्मान
- जी मीडिया से पंकज श्रीवास्तव और टाइम्स नेटवर्क से अफजल खान के बारे में सूचनाएं!
- भाजपा अपनी छवि के मामले में पिछले 14 साल के न्यूनतम पर है!
- नायरा ने पेट्रोल-डीजल का दाम जितना बढ़ाया उतना ही कम किया, सरकारी कंपनियों से उम्मीद न रखें!
- सांध्य दैनिक ‘गांडीव’ की मालकिन ने रक्षा मंत्रालय की संपत्ति को अपना बताकर किया था 3 करोड़ का फ्रॉड!
- राम मंदिर लूट कांड: सवालों में दिल्ली की खामोशी, टीवी-अखबार चिल्ला रहे हैं!
- प्राइम न्यूज़ से एंकर श्रुति अंगद ने ली विदाई, अब इस चैनल से करेंगी नई शुरुआत
- शब्दचर्चा 93 : स्मृति मलहोत्रा शादी के बाद क्या हुईं – ईरानी या इरानी?
- मिशन शक्ति: DIG वैभव कृष्ण की पहल पर 40 आदिवासी महिलाओं ने पहली बार देखी काशी!
- चेहरे पर नरेंद्र मोदी का मुखौटा लगाकर हो रही चोरी, देखें वीडियो
- चित्रा जी, पत्रकार का काम सत्ता से सवाल करना है न कि सत्ता के लिए सवालों को ब्लॉक करना!
- इंडिया टीवी और टाइम्स इंटरनेट से दो युवा महिला पत्रकारों की नई पारी
- पीटीआई में अकांक्षा शर्मा की तरक्की, जागरण समूह से जुड़े साहिल बहल
- कोकिलाबेन अस्पताल में शिफ्ट किए गये वरिष्ठ फिल्म पत्रकार सुमंत मिश्र
- आज के अखबार : ऑपरेशन सिन्दूर के शहीदों पर घिरी सरकार, राजनाथ सिंह के इस्तीफे की मांग पर कुछ नहीं
- पूर्व चुनाव आयुक्त राजीव कुमार को मोदी भक्ति का मिला बड़ा इनाम!
- ठगी प्रकरण में सांध्य दैनिक ‘गाण्डीव’ की मालकिन रचना अरोड़ा, मीरा अरोड़ा और राजकुमार बाजपेयी जेल भेजे गए!
- AAP सांसद संजय सिंह ने अंधभक्तों के लिए जारी किए एक दर्जन से ज्यादा पत्र; कहा- 2021 में की थी शिकायत, नहीं हुई सुनवाई!
- सूचना प्रसारण मंत्रालय ने रोका था, फिर BARC ने इस न्यूज़ चैनल की TRP कैसे जारी कर दी?
- घोटाले का दिल्ली मॉडल : ORS से एक्स-रे मशीन तक पूरे 650 करोड़ रुपये का स्कैम, एंटी करप्शन ब्रांच की एफआईआर में कई चौंकाने वाले खुलासे!
- स्वतंत्र पत्रकार सार्थक गोस्वामी ने नितिन गडकरी के इथेनॉल ब्लेंडिंग की पूरी कलई खोलकर रख दी!
- करप्शन का गुजरात मॉडल : राजकोट में बुलडोजर अभियान पर तीन करोड़ रुपये खर्च हुए!
- ठगी में बनारस के गांडीव अखबार का पूरा प्रबंधन गिरफ्तार
- 4PM मीडिया हाउस को उत्तर प्रदेश के कई जिलों में चाहिए तेजतर्रार मीडियाकर्मी
- 1 जुलाई से पेट्रोल-डीजल पर 200 लीटर की सीमा खत्म
- आज के अखबार (दो) : चढ़ावा घोटाले पर योगी के सख्त रुख और चोरी के खिलाफ मुहिम से संघ में बेचैनी
- धीरेंद्र शास्त्री से बृजभूषण सिंह तक; चोर शिरोमणि का नाम लेने में डर क्यों लग रहा?
- आज के अखबार : चढ़ावा चोरी का मामला ‘चौकीदार चोर है’ वाला ही लेकिन मीडिया बहला रहा है
- दिल्ली का तापमान लगातार दूसरे दिन 50°C रहा, हीटस्ट्रोक का खतरा बढ़ा!
- अयोध्या कांड : मिश्राजी की खबर का इंतजार कीजिए, एक बड़ी गिरफ्तारी होने वाली है!
- मेरठ में हादसे का शिकार होने पर पत्रकारों को मिलेगा एक लाख रुपये का सहयोग!
- ऋचा अनिरुद्ध ने डिजिटल प्लेटफार्म ‘कड़क’ से किया किनारा
- सेशेल्स को एम्बुलेंस देंगे मोदी; भारत में खाट पर अस्पताल जा रही प्रसूता! देखें वीडियो
- राम मंदिर की मीडिया कवरेज पर पाबंदी; दिल्ली दरबार से था मामला रफा-दफा करने का निर्देश!
- लल्लूराम में सतीश सिंह की नई पारी, ITV नेटवर्क से वंशिका आहुजा अलग हुईं!
- फाइनेंशियल एक्सप्रेस से जुड़े विपुल दास, सुहैब चौधरी ने इंडिया न्यूज छोड़ा
- अमरनाथ झा : पत्रकारिता से नदी-पानी के जनसरोकार तक की अविस्मरणीय यात्रा
- अमर उजाला के पूर्व पत्रकार समेत चार पर FIR, पिस्टल सटाकर धमकाने का आरोप!
- पेट के कीड़े मारने की एल्बेंडाजोल-400 नामक दवा आपको ही निपटा सकती है!
- 137 करोड़ का मौसम मशीन स्कैम : क्या तत्कालीन OSD डॉ. मनोज कुमार थे पूरी ‘डील’ के सूत्रधार? दस्तावेज़ों से उठे कई सवाल!
- ‘सूचना विभाग’ का पावरफुल बाबू ‘आपदा प्रबंधन’ में मचाये है आतंक, किसी की हिम्मत नहीं उसे हिला सके!
- आज के अखबार : महाराष्ट्र में पेपर लीक की खबर जैसे तैसे निपटा दी, ‘खुशी’ चढ़ावा चोरों के ‘इस्तीफे’ की!
- प्रसार भारती में संवाददाताओं की भर्ती, 1.25 लाख रुपये तक वेतन; आवेदन करें
- स्कूलों में पत्रकारों की एंट्री को लेकर सिंगरौली DEO कविता त्रिपाठी के आदेश पर विवाद!
- पीटीआई के पूर्व ब्यूरो चीफ (ओडिशा) शरत चंद्र दास का निधन!
- भारत को हसीन झटका; बांग्लादेश ने चीन को सौंपा मोंगला पोर्ट, मीडिया में सन्नाटा!
- कभी मैं एडिटर था, आज मैं वोट विहीन, पासपोर्ट विहीन हूँ -आर. राजगोपाल
- ऑफ एयर हुआ कोलकाता का ये दो दशक पुराना रीजनल न्यूज़ चैनल!
- मध्य प्रदेश की पत्रकारिता और साँप-साधु संवाद!
- राम मंदिर डकैती कांड : कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरि का क्या होगा?
- DD News उत्तर प्रदेश से प्रशांत तिवारी का इस्तीफा!
- प्रभात ख़बर से बतौर विशेष संवाददाता जुड़े वरिष्ठ पत्रकार पंकज त्रिपाठी!
- आज के अखबार : हिन्दी में सूत्रों का ‘इस्तीफा’ और अंग्रेजी में गिरफ्तारी व न्यायिक हिरासत महत्वपूर्ण है
- खनन कारोबारी ने बच्चे की मौत की खबर चलाए जाने से नाराज होकर जी न्यूज चित्रकूट के रिपोर्टर ओंकार सिंह चंदेल पर रंगदारी का मुकदमा दर्ज करा दिया!
- मीडिया संस्थानों को जिलों में तैनात अपने प्रतिनिधियों की शिक्षा चेक करनी चाहिए!
- दैनिक जागरण में तबादलों की नई पारी: रविरंजन आसनसोल, रामजी यादव मुख्यालय तलब
- वरिष्ठ पत्रकार देवकी नंदन मिश्रा बने ‘Nation 27’ के मैनेजिंग एडिटर और सीओओ
- चंपत राय और अनिल मिश्रा को लेकर “आज की ख़बर” न्यूज़ चैनल के दावे पर लगी मुहर!
- दिग्विजय ने यशवंत से पूछा- “आगे क्या करेंगे?”, सुनिए जवाब
- एक नया फेंकू : रक्षामंत्री राजनाथ सिंह को एक साल पहले भरी संसद में झूठ बोलते देखिए!
- टीवी9 भारतवर्ष के इस पत्रकार ने चंदा चोरों के अड्डे में घुसकर पूरी बहादुरी के साथ पूछा सवाल, देखें वीडियो
- NDTV बोर्ड में सेंथिल चेंगलवरायण की दोबारा नियुक्ति, एजीएम में राहुल कंवल ने क्या कहा, पढ़िये-सुनिए!
- मोदी जी के नगीने : अपने ही मंत्रालय से खुद को 99 लाख की सब्सिडी देने वाले केंद्रीय मंत्री भागीरथ चौधरी को “खीरा रत्न अवार्ड” मिलना चाहिए!
- वरिष्ठ पत्रकार आदर्श प्रकाश सिंह ने ‘पत्रकारिता के टेढ़े मेढ़े रास्ते’ से निकलकर किताब लिख दी!
- यूपी बीजेपी के मीडिया संयोजक मनीष दीक्षित पर पत्रकारों से दुर्व्यवहार का आरोप!
- पत्रकार यतेंद्र शर्मा को भाजपा के पक्ष में बैटिंग करने का इनाम मिला है क्या?
- इस बार SGPGI लखनऊ इलाज के लिए गईं मेरी माँ वापस नहीं लौटीं; माँ के साथ अंतिम क्षणों में हुआ क्या था, अस्पताल ने पोर्टल से मरीज की डिटेल गायब क्यों कर दी?
- आज के अखबार (दो) : डिजिटल अरेस्ट पर सुप्रीम कोर्ट का स्वतः संज्ञान लेना और अब सीबीआई की जांच, छापे
- आज के अखबार : चढ़ावा चोरी मामले में FIR की खबर छापनी ही पड़ी, TOI में सिंगल कॉलम हिन्दू में अंदर
- दैनिक भास्कर और जागरण न्यू मीडिया में विभिन्न पदों पर वैकेंसी!
- द इंडियन एक्सप्रेस (हिंदी) से जुड़े वरिष्ठ पत्रकार निखिल दुबे!
- दीपेश जी ने टी-20 मैच देखने की योजना बनाई थी, लेकिन उससे पहले नियति ने अंतिम पटकथा लिख दी!
- न्यूज़18 के पॉलिटिकल एडिटर यतेंद्र शर्मा को भाजपा ने यूपी का प्रदेश मंत्री बनाया!
- यूपी में राम मंदिर दान चोरी, एमपी में मोहन यादव जमीन कांड के बाद हरियाणा में शिक्षा घोटाले का बड़ा खुलासा!
- पत्रकारों ने किया बहिष्कार तो बैकफुट पर आए गालीबाज सांसद संजय दीना पाटिल, माफी मांगने का वीडियो देखें
- देश में बढ़े निजी FM रेडियो स्टेशन, पर विज्ञापनों की कमाई घटी, कई स्टेशन धड़ाधड़ बंद भी हो रहे!
- रेडियो मिर्ची दूसरी कंपनी को सौंपेगी कानपुर, लखनऊ और नागपुर के FM स्टेशनों का संचालन
- न्यूज़ एंकर पद्मजा जोशी की किताब और ZEE मुखिया डॉ सुभाष चंद्रा का शो : कुछ सूचनाएँ
- दु:ख किसी को नहीं छोड़ता, सलमान ख़ान को भी नहीं, अलका याज्ञनिक को भी नहीं!
- एसोसिएटेड प्रेस से जुड़ीं अंजलि कृष्णन, जागरण डिजिटल से साक्षी शुक्ला की निकासी!
- मुंबई टीवी जर्नलिस्ट संघटन TVJA चुनाव विवाद: चैरिटी कमिश्नर का नोटिस पढ़ें!
- NDTV से कार्यमुक्त हुए वरिष्ठ पत्रकार प्रियदर्शन को मिला नया ठिकाना!
- शिवसेना के गालीबाज सांसद संजय पाटील का मुंबई के पत्रकारों ने किया बहिष्कार
- ‘आज की खबर’ न्यूज़ चैनल एक्सक्लूसिव : राम मंदिर ट्रस्ट में मचा भूचाल, चंपत राय और अनिल मिश्रा का इस्तीफा
- व्हाट्सएप पर प्रश्नपत्र की तस्वीर भेजना प्राइवेसी उल्लंघन का केस नहीं बनता: गुजरात हाईकोर्ट
- मुख्यमंत्री मोहन यादव की जमीनों का खुलासा करने वाले रिपोर्टर के लिए अनंत गोयनका ने क्या लिखा? पढ़िए




दादा
October 3, 2015 at 11:11 am
मीडिया हेड राजेश कुमार पूरी तरह फ्लॉप हो गए हैं. उन्हें मालूम होना चाहिए मारुती और हौंडा में आक्रोश फैलने पर क्या हुवा था. किसी भी कर्मचारी का भला नहीं हुआ. सचेत हो जाये. शरीफ अभी शांत है. संसथान के साथ है. उनके धैर्य की भी परीक्षा समाप्त होने वाली है.
Ajay kaushik
October 3, 2015 at 11:48 am
अपना हक न लेने वाले कायर होते हैं। इस बार आग को न बुझने देना मित्रों। हक और अधिकार की लड़ाई में ही पुरुषार्थ निहित है। मैनेजमेंट के लोग कई तरीकों से आंदोलन को बदनाम करने और तोड़ने की कोशिश करेंगे, ऐसे लोगों से बचना सबसे बड़ी चुनौती होगी। बिहार चुनाव को लेकर विग्यापन के नाम पर इससे जुड़े अधिकारी अपना पॉकेट भर रहें हैं। वे भरसक कोशिश करेंगे कि हड़ताल न हो, उनकी पोल भी जरुर खोलें क्योंकि पत्रकारिता के दुश्मन हैं।
kalpana rai
October 3, 2015 at 8:06 pm
दो महीने पहले भी सहारा कर्मियों ने सैलरी के लिए आंदोलन किया था लेकिन मैनेजमेंट ने जबरन हड़ताल तुड़वा दिया था। अगर बिना बकाया सैलरी लिए किसी ने भी हड़ताल तोड़ी या तोड़वाने की कोशिश की तो उसका अंजाम बहुत बुरा होगा। मारूति और होंडा जैसी घटना से भी भयंकर अंजाम भुगतने के लिए मैनेजमेंट तैयार कहे। जो आंदोलनकारी 6 अक्टूबर को तिहाड़ जेल में सुब्रत राय से मिलने जा रहें हैं वो इस बात को समझ लें कि वे भी किसी भी झांसे में न आएँ. सुब्रत राय से दो टूक बात करें । इस आश्वासन पर न मान जाएं कि जल्द बकाया मिल जाएगा बल्कि जब तक अकाउंट में बकाया न आ जाए तब तक हड़ताल जारी रहनी चाहिए। हड़ताल करनेवाले नेताओं के लिए ये चेतावनी भी है और सुझाव भी। अगर ये ताला बंद कर देते हैं तब भी डरने की जरूरत नहीं क्योंकि लेबर लॉ के मुताबिक ये ताला नहीं लगा सकते। इसलिए साथियों इसबार बिना पूरा बकाया लिए पीछे नहीं हटें, नहीं तो आपका जमीर आपको कभी माफ नहीं करेगा।
Insaf
October 3, 2015 at 8:10 pm
पटना यूनिट को एक खास जाति ने हाईजैक कर लिया है. जिस तरह ब्रिटिश धीरे धीरे कॉलोनी बनाकर भारत को गुलाम बना लिए थे उसी तरह पटना को एक जाति ने गुलाम बना लिया है. यूनिट हेड , रेसिडेंट एडिटर, प्रादेशिक , मार्केटिंग, ब्यूरो, विज्ञापन सभी पर उस जाती विशेष ने कब्ज़ा कर लिया है. ऐसे लोगों से छुटकारा के लिए अलग क्रांति की जरुरत है. तिहाड़ में बैठे सहाराश्री को जब मालुम होगा तो वह भी चुलू भर पानी खोजेंगे. बेशर्मी की हद है. अरे आँख खोलो सहारा के नमक खानेवालों. पता करो यह बात सत्य है की नहीं. आखिर पटना में जांच किससे करावोगे. यूनिट हेड और संपादक जब एक ही रंग में रंगा है तो जांच रिपोर्ट कैसी होगी. पटना यूनिट गुलाम हो चूका है. इक्के दुक्के गंदगी को उठा रहे है . वह भी एक दिन रँगे सियार का शिकार हो जायेंगे.
दुर्गा
October 4, 2015 at 11:29 pm
गुलामी व जलालत भरी जिन्दगी से अच्छा है सारे यूनिट को बंद कर करमचारियों को पाई पाई का हिसाब कर दिया जाये. अब सपने दिखाने के दिन गए. सभी यूनिट को समय पर वेतन तो मीडिया को क्यों नहीं. मीडिया के बल पर ही सहारा का साम्राज्य खड़ा है. भरभराकर गिरते ज्यादा देर नहीं लगेगी. होस में आओ.
द्रोणाचार्य
October 5, 2015 at 1:10 am
सहारा श्री को अब निर्णय कर लेना चाहिए कि लगातार कर्मचारियों को दिए जाने वाले अस्वासन ठीक थे या गलत. और अब उन्हें आश्वासन के बदले कर्मचारियों को सैलरी दे देनी चाहिए। कम से कम झूठा आश्वासन तो नहीं देना चाहिए। पहले ४ माह फिर २ माह फिर सितम्बर इस प्रकार पूरा साल से ज्यादा हो गया है. हाल ही में मालूम हुआ की सहारा श्री ने एक पत्र लिखा है की आपको जल्द से जल्द पूरा वेतन मिलने लगेगा। … सहारा श्री से विनती करूँगा की ये सपने बेचने वाली थीम अब काम नहीं करेगी। । जागरूक लोगों को सपने बेचे नहीं जाते उन्हें जागते हुए सपने देखने की आदत होती है
द्रोणाचार्य
October 7, 2015 at 1:11 am
सहारा श्री ने आज दिनाक ७ को तिहाड़ में कुछ कर्मचारियों को बुलाया है इन सभी से विनम्र अपील है कि सहारा श्री से यह बात जानने की कोशिस करें की आखिर वे बहार क्यों नहीं आना चाहते हैं और आपके इस प्रकार के व्यवहार से आपके हितेषी भी आप पर प्रश्न चिन्ह लगाने लगे हैं, की क्यों सहारा श्री अपने ही वादों को पूरा नहीं कर पा रहे हैं कभी वे कहते हैं की मैं भारत भर्मण पर जाऊंगा, कभी कहते हैं मैं मीडिया को लीज़ पर दे रहा हूँ पर जब सैलरी की बात आती है तो कहते हैं लीज़ कैंसिल हो गई, इससे आप अपने ही सहारा इंडिया परिवार के बीच झूठे साबित हो रहे हैं, कृपया करके सहारा श्री जी आप भारत भर्मण करे या न करे आपको अपने कंपनी के लोगों को सैलरी तो टाइम पर देनी ही होगी