क्या मोदी सरकार दो हजार रुपये के नोट चलन से बाहर करने की तैयारी में है

Ajit Singh : मैंने एक बैंकर मित्र से ये ATM में Cash Crunch की समस्या जानने की कोशिश की है। उन्होंने बताया कि हर साल 31 March की closing के बाद April महीने में RBI अपनी सभी Currency Chests का Audit करती है। ये एक routine Exercise है। आम तौर पे इसमे एक सप्ताह लगता है। पर पिछले साल नोटबन्दी की आपा धापी में और व्यवस्था परिवर्तन में ऑडिट पूरा नही हो पाया था। इस बार वो ऑडिट नए सिरे से हो रहा है। जो काम आम तौर पे एक हफ्ते में हो जाता है इस बार उसमे 3 हफ्ते लगने हैं। इसलिए थोड़ा बहुत Cash Crunch होना लाजमी है।

इसके अलावा ATMs से 2000 के Note की casette हटा के 200 रु के नोट की casette लगाई जा रही है । सरकार की मंशा है कि बड़ी denomination के Notes यानी 2000 का नोट धीरे धीरे चलन से बाहर हो जाये और छोटे notes चलन में रहें। जितने छोटे notes होंगे, लेनदेन उतना ही cashless होगा। सरकार बड़े सुनियोजित तरीके से देश को cashless बना रही है। 2000 और 500 के Notes को सरकार 200 और 100 के नोट से replace कर रही है।

पर ये प्रक्रिया लंबी चलेगी और इसमे 3 से 5 साल लगेंगे। इस साल के अंत तक देश भर में Optical Fibre Cable बिछाने का काम पूरा हो जाएगा । इसके बाद देश के अंदरूनी इलाकों तक High Speed Internet से कनेक्टिविटी बेहतर हो जाएगी । इस से कस्बाई शहरी क्षेत्र में Cashless लेनदेन आसानी से हो पायेगा। मोदी सरकार भ्रष्टाचार के रास्ते एक एक कर बंद कर रही है। 15 April से E Way Bill लागू हो गए हैं। अब tax चुराना बेहद मुश्किल हो जाएगा।

प्रत्येक विकास कार्य और निर्माण कार्य यहाँ तक कि नरेगा मनरेगा में भी Geo Tagging अनिवार्य कर दी गयी है। देश में जो शौचालय और प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 1 लाख 35 हज़ार रुपये वाले घर बनाये जा रहे हैं उनकी निगरानी Geo Tagging से हो रही है।

तकरीबन सभी सरकारी योजनाओं में लाभार्थियों को आधार कार्ड देना अनिवार्य हो गया है। सब्सिडी सीधे लाभार्थी के खाते में जा रही है। सरकारी कर्मचारी की उपस्थिति अब Bio Metric हो गयी है। अब आपको हर हाल में सुबह 9:30 पे कार्यालय पहुंचना ही है वरना Salary नहीं मिलेगी।

2014 में जब मोदी जी PM बने तो सिर्फ सत्ता परिवर्तन ही नही हुआ बल्कि व्यवस्था परिवर्तन की शुरुआत हुई। नोटबन्दी और GST उस व्यवस्था परिवर्तन की दिशा में उठाये गये सबसे किरान्तिकारी कदम हैं। नोटबन्दी पहला कदम था। अभी इस क्रम में और बहुत कुछ होना बाकी है।

जब घर मे Renovation या रंगाई पुताई होती है तो कुछ दिन की दिक्कत तो होती है , थोड़ी अव्यवस्था भी होती है। पर उसके बाद सब सही हो जाता है। Cash Crunch वैसे शहरों में कोई खास नहीं है। ग्रामीण क्षेत्रों में कुछ समस्या जरूर है। पर इस Season में ये अक्सर पहले भी होती रही है क्योंकि देहात में ये शादियों की खरीदारी का Peak Season है। इसके अलावा Cash Crunch की अफवाहों के कारण कुछ hoarding भी हुई होगी।

वैसे भी हमारा देश Panic Buying में माहिर है और 300 रु किलो तक नमक खरीद के घर भर लेता है। ATMs में Cash Crunch अभी डेढ़ दो हफ्ते और चल सकता है। बेहतर होगा कि Cashless Transactions करें।

लेखक अजित सिंह यूपी के गाजीपुर जिले के निवासी हैं. पंजाब में बतौर टीचर सेवारत हैं. वे मोदी सरकार के हर काम को जायज ठहराने हेतु लगातार सोशल मीडिया पर लिखते-पढ़ते रहते हैं.


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