अमित शाह ने इस चुनाव में कई पत्रकारों को दिखाई उनकी औकात, देखें एबीपी न्यूज के पंकज झा का हाल

अमित शाह इस देश के सबसे ताकतवर शख्स हैं. वे कुछ भी कर सकते हैं. वे कुछ भी कह सकते हैं. देश के पीएम की प्रेस कांफ्रेंस में पीएम से पूछे गए सवालों के जवाब खुद अमित शाह देते हैं. इससे उनकी ताकत का अंदाजा लगाया जा सकता है.

हाल में ही संपन्न लोकसभा चुनाव में अमित शाह ने कई पत्रकारों को उनकी औकात दिखा दी. गोरखपुर में रोड शो के दौरान के अमित शाह ने पंकज झा से लेकर अतुल अग्रवाल तक को बेइज्जत किया. पंकज झा एबीपी न्यूज में वरिष्ठ पद पर हैं.

पंकज झा ने कोई ग़ल्ती नहीं की. उन्होंने वही किया जो एक पत्रकार को करना चाहिए. उन्होंने एक मौजू सवाल पूछ लिया. पूछ लिया कि आप यहां गोरखपुर में रोड शो कर रहे हैं पर पूरे देश में चर्चा पश्चिम बंगाल के बवाल की है. बस, इस सवाल पर अमित शाह ऐसे भड़के कि पूछो नहीं.

ये अहंकार है. ये सत्ता का नशा है. वे चीजों को प्रेम से, पोलाइटली, इग्नोर करके भी हैंडल कर सकते थे. लेकिन अमित शाह जैसे महाताकतवर शख्स ने अब एक नया रास्ता पकड़ लिया है जहां उनके रास्ते में किसी इंस्टीट्यूशन की कोई औकात नहीं है.

देखें संबंधित वीडियो….

https://twitter.com/roflgandhi_/status/1130048508252188672?s=12
कृपया हमें अनुसरण करें और हमें पसंद करें:

Comments on “अमित शाह ने इस चुनाव में कई पत्रकारों को दिखाई उनकी औकात, देखें एबीपी न्यूज के पंकज झा का हाल

  • Arvind Sharma says:

    मैं किसी गलत व्यवहार का समर्थन नहीं करता। लेकिन पत्रकारों को भी प्रसांगिकता का ध्यान रखना चाहिए। आपलोगों ने ममता बनर्जी से ये प्रश्न क्यों नहीं पूछा। आप लोग किसी भी मुद्दे को बन्दर का घाव बना देते हैं। थोड़ा ठीक नहीं हुआ कि कुरेद कर देखेंगे कि कितना भरा है। १९८४ हो, गोधरा हो या दादरी हो, नाथूराम गोडसे या इस जैसी कोई और घटना हो, आप लोग इन मुद्दों को वक्त बेवक्त उठाने और इन पर प्रश्न करने से चूकते नहीं। आखिरकार आप लोगों की कोई जिम्मेदारी किसी के प्रति है या केवल अपनी रोजी-रोटी ही चमकाते रहेंगे।
    देश में सैकड़ों लोग सड़क दुघर्टना के शिकार होते हैं। क्या आपलोगों ने कभी यातायात नियमों के पालन के लिए कोई मुहिम किया या फिर गलत तरीके से ड्राइविंग लाइसेंस लेने वालों और गलत तरीके से ड्राइविंग करने वालों, फुटपाथ होने के बाद भी गलत दिशा में सड़क पर चलने वालों खिलाफ कभी कुछ लिखा। नहीं, क्योंकि इससे आपका टीआरपी नहीं बढ़ेगा।

    Reply
  • vivek kumar says:

    अमित शाह ने पत्रकार को उसकी औक़ात नहीं बताई बल्कि अपने अहंकार में चूर घमंड की और अपने ओछेपन की औक़ात बतायी। न्यूज़ की हेड्लायन देते समय सावधानी बरतें। अमित शाह महा शक्ति शाली नहीं है, महा शक्ति शाली भारत की जनता है, हम भारत के लोग हैं।

    Reply
  • shambhu choudhary says:

    गुजरात का एक गुंडा बंगाल आता है साथ में भाड़े के कुछ भगवाधारी युवकों को साथ लाता है। कुछ किराये के स्वंग कलाकारों को अपनी रैली में साथ रखता है और पैसे के बल पर बंगाल की धरती पर गुंडागर्दी कर के व ईश्वरचंद विद्यासागर कर प्रतिमा को तहस-नहस कर के चला जाता है । उसे पता है कि मीडिया उसकी गुलाम है सब उसका साथ देगें और उसकी गुंडगर्दी को इस प्रकार दिखाएगें कि ममता के राज्य में लोकतंत्र को खतरा हो चुका है। हुआ भी तमाम सत्य के होने के बावजूद मीडिया दो दिन तक बंगाल को लेकर ऐसे हला मचा रही थी जैसे उसके श्राद्ध कार्यक्रम चल रहा हो। उसी अहंकार में चूर है अमित शाह। एक जमाने में श्रीमती इन्दिरा गांधी का अहंकार चकानाचूर हो गया तो अमित शाह तो किस खेत की मूली है।

    Reply

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *