भविष्य के मीडिया की चुनौतियों पर आलोक तोमर स्मृति-विमर्श 20 मार्च को

दिल्ली : हिंदी पत्रकारिता के आधुनिक स्तंभ माने जाने वाले वरिष्ठ पत्रकार स्व. आलोक तोमर के चतुर्थ स्मृति दिवस पर शुक्रवार, 20 मार्च, 2015 को ‘भविष्य के मीडिया की चुनौतियां’ विषय पर एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया है। रफी मार्ग, नई दिल्ली स्थित कांस्टीट्यूशन क्लब के स्पीकर हॉल में कार्यक्रम का समय अपराह्न 4:00 बजे से सायं 7:00 बजे तक है। 

‘यादो में आलोक’ संदर्भित इस कार्यक्रम को केंद्रीय इस्पात एवं खनन मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर, पूर्व केंद्रीय मंत्री मनीष तिवारी, सांसद के.सी.त्यागी एवं प्रभात झा, वरिष्ठ पत्रकार विनोद दुआ, डॉ.शकुंतला मिश्रा विश्वविद्यालय के कुलपति निशीथ राय, मुख्य संपादक इंडिया न्यूज दीपक चौरसिया, बीबीसी संपादक निधीश त्यागी, तकनीकविद् एवं संपादक प्रभासाक्षी बालेंदु दधीच मुख्य रूप से सम्बोधित करेंगे। भारतीय जन संचार संस्थान, दिल्ली के आचार्य डॉ.आनंद प्रधान विमर्श-संयमन करेंगे। 

प्रसंगवश, उल्लेखनीय है कि मध्य प्रदेश के मुरैना जिले में 27 दि‍सम्‍बर, 1960 में जन्मे वरिष्ठ पत्रकार आलोक तोमर हिंदी पत्रकारिता में संवेदनशील रिपोर्टिंग के लि‍ए जाने जाते हैं। सत्रह साल की उम्र में एक छोटे शहर के बड़े अखबार से उन्होंने जिंदगी शुरू की और जल्दी ही मुंबई आदि में धक्के खाने के बाद दिल्ली पहुंच गए। यूनीवार्ता, जनसत्ता बीबीसी हिंदी, रीडिफ समाचार सेवा, पायनियर, आजतक, जी टीवी, स्टार प्लस, एनडीटीवी, होम टीवी, जैन टीवी और दैनिक भास्कर के अलावा कई देशी-विदेशी अखबारों के लिए अंदर और बाहर रह कर उन्होंने काम कि‍या। उन्होंने 1993 में फीचर सेवा शब्दार्थ की स्थापना की। बाद में उसे उन्होंने समाचार सेवा ‘डेटलाइन इंडिया’ बनाया। फि‍र ‘डेटलाइन इंडिया’ नाम से उनकी वेबसाइट हिंदी पाठक वर्ग की सुर्खियां बनती रही। लंबी बीमारी के बाद पचास वर्ष की आयु में उनका 20 मार्च 2011 को निधन हो गया था। तभी से उनकी याद में प्रतिवर्ष मीडिया-विमर्श का आयोजन किया जाता है। 



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