अर्णब गोस्वामी ने फिर मांगी माफी! पढ़ें माफीनामा

विजय शंकर सिंह-

पूछता है भारत और माफी मांगता है अर्णब. अर्णब गोस्वामी और रिपब्लिक टीवी के नाम माफी मांगने का भी एक रिकॉर्ड है ! रिपब्लिक भारत के दर्शकों, और सरकार समर्थकों के चहेते और सुप्रीम कोर्ट द्वारा बार बार लिस्टिंग में प्राथमिकता प्राप्त अर्णब गोस्वामी ने 44 दिनों में 280 बार माफी मांगकर, माफी मांगने का एक नया रिकॉर्ड बनाया है। फिलहाल, इस समय वे ब्रिटेन की ऑफकाम संचार रेगुलेटरी अथॉरिटी द्वारा लगाये गए बीस लाख जुर्माना भरने में बिज़ी है।

आर रिपब्लिक चैनल और उसके एंकर अर्णब गोस्वामी के कार्यक्रम पूछता है भारत, के दिनांक 6 सितंबर 2019 को प्रसारित एक कार्यक्रम पर इंग्लैंड की ब्रॉडकास्टिंग रेगुलेटरी संस्था ऑफकॉन ने आपत्ति जताई और रिपब्लिक टीवी से यह जवाब तलब किया कि, उन्होंने ऐसा कार्यक्रम जो धर्म और जाति के बीच वैमनस्यता फैलाता है को क्यों प्रसारित किया ?

रिपब्लिक टीवी ने इसे अपनी गलती मानते हुये यह कहा कि यह, ब्रॉडकास्टिंग लाइसेंस कोड के सेक्शन 3, के अंतर्गत की गयी पहली गलती है और यह गैरइरादतन यानी अनइंटेशनल की गयी है।

रिपब्लिक टीवी ने यह भी ऑफकॉम को सूचित किया है कि, उसने इस गलती पर माफी भी मांगी है और 26 फरवरी 2020 से 9 अप्रैल 2020 तक, प्रतिदिन, हर घँटे की माफी अंग्रेजी और हिंदी में प्रसारित की है, यानी कुल 28012 बार खेद व्यक्त करने की सूचना जनता में प्रसारित की गयी है।

अब माफीनामा पढ़ लीजिए।

माफीनामा-

संचार विभाग का संचार नियंत्रक ( रेगुलेटर ) ऑक्सफॉम ने 6 सितंबर 2019 की पूछता है भारत कार्यक्रम में प्रसारित एक एपीसोड में, कुछ शब्दों, जो उक्त कार्यक्रम में प्रयोग किये गए थे को आक्रामक ( ऑफेंसिव ) और उससे कुछ दर्शकों की भावनायें आहत हो सकती हैं, पाया। यदि उन शब्दों से किसी धर्म या किसी व्यक्ति विशेष की भावनाये आहत हुयी हों तो रिपब्लिक मीडिया टीवी नेटवर्क माफी मांगता है।

यूरोपियन कन्वेंशन ऑफ ह्यूमन राइट्स ( ईसीएचआर ) के अनुच्छेद 10 में, ब्रॉडकास्टर और दर्शकों के लिये अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का उल्लेख है पर यह यदि किसी की भावना को चोट पहुंचाती है तो, ऑफकॉम, जो संचार रेगुलेटरी अथॉरटी है वह इस पर नज़र रखती है। इस अनुच्छेद को लागू करते समय यह ऑफकॉम की यह जिम्मेदारी है कि वह अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और दर्शकों की भावनाओ के आहत होने के बीच एक संतुलन बनाये रखे। यह उसका कर्तव्य है कि वह दोनो ही दायित्व ( अभिव्यक्ति की आज़ादी, और किसी की भावना को आहत न होने देने ) का निर्वहन कुशलता पूर्वक करे।

  1. The Licensee said that this is its first breach of Section Three of the Code, apologised to Ofcom for any offence caused to viewers, and said that the breach was unintentional.
  2. The Licensee also informed Ofcom that it broadcast an apology to “redress the breaches” and “convey our regret to all our viewers”. It said that the apology was broadcast a total of 28012 times between 26 February 2020 and 9 April 2020, at all hours of the day. The apology, broadcast in Hindi and English, said:

“APOLOGY

The communications regulator, the Office of Communications, post-viewing the September 6, 2019 episode of Poochta Hai Bharat, found out some offensive words were used in that program which may have disturbed the viewers. Republic Media Network apologizes if those words hurt any religion or particular person.”

Serious nature of the breaches

  1. Ofcom’s reasons for finding the breaches were set out in full in our Breach Decision.
  2. As stated in the Breach Decision, Ofcom took account of the audience’s and broadcaster’s right to freedom of expression set out in Article 10 of the European Convention on Human Rights, (“ECHR”). In applying the Code, Ofcom must seek to balance broadcasters’ rights, including freedom of expression, against our duties as regards the protection of audiences.

अफसोस ऑफकॉम ने यह तर्क नहीं दिया कि आप की भावनायें यदि आहत हो रही हैं या आप को यह प्रोग्राम पसंद नहीं है तो न देखें!

लेखक विजय शंकर सिंह पुलिस अधिकारी रह चुके हैं। इन दिनों मीडिया विश्लेषक के बतौर बेबाक लेखन करते हैं।

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