सपा विधायक के प्रभाव में पुलिस ने पीड़ित मीडियाकर्मी के विरुद्ध ही दर्ज कर ली लूट व डकैती की एफआईआर

औरैया जिले के चैनेल वन के रिपोर्टर आशीष कुशवाहा के घर कुछ दबंगों ने हमला कर परिजनों के साथ मारपीट की है। दबंगों ने उनकी गर्भवती पत्नी को भी नहीं छोड़, उसे इतना पीटा गया कि गर्भ में ही बच्चे की मौत हो गयी। मीडिया के दबाव में पुलिस ने मुक़दमा तो दर्ज कर लिया लेकिन आरोपियों की गिरफ़्तारी नहीं की जा रही है। सपा विधायक के दबाब में उलटे वादी मुकदमा और गवाह के विरुद्ध लूट व डकैती जैसी संगीन धाराओं में केस दर्ज कर लिया गया है।

हमलावरों की गिरफ्तारी न होने और वादी मुकदमा व गवाह के विरुद्ध ही मुक़दमा कायम होने से औरैया जिले के इलेक्ट्रानिक चैनलों से जुड़े मीडियाकर्मियों में जबरदस्त आक्रोश है। मीडियाकर्मी कभी भी सड़कों पर उतर सकते है। पढ़ें आशीष द्वारा भेजा गया ईमेलः

सर, मैं आशीष कुशवाहा पुत्र श्री राजाराम कुशवाहा जो की औरैया में एक टीवी चैनल (चैनल वन) का रिपोर्टर हूं और क़स्बा कंचौसी बाजार महिपलपुरवा थाना दिबियापुर जिला औरैया का निवासी हूं। 24 अगस्त को मेरे यहाँ पर कुछ लोग आए और उन्होने मेरे घर वालो से मारपीट की। हमलावरों ने मेरी गर्भवती पत्नी आरती देवी को भी नहीं छोड़ा और उसे गिरा कर उस के पेट में लात मारीं जिससे उसकी हालत बिगड़ गई।

इसकी सूचना मैंने दिबियापुर थाने में दी पर थाना इंचार्ज ने कहा की पहले अपनी पत्नी का इलाज कराओ। जब यह जानकारी मैंने पुलिस अधीक्षक औरैया को दी तो उन्होंने भी जांच का आश्वासन दिया। मेरी पत्नी की हालत बिगड़ती जा रही थी इसी कारण मैंने 102 नं. पर एम्बुलेंस को कॉल की और उससे अपनी पत्नी को लेकर सरकारी समुदायक केंद्र दिबियापुर पंहुचा। वहां मेरी पत्नी को मृत बच्चा पैदा हुआ जब यह सूचना थाना दिबियापुर को दी तो पुलिस ने तहरीर लेकर कार्यवाही का अश्वासन दिया और आरोपियों को गिरफ्तार करने की बात कह कर हमें घर जाने को बोला।

पर चौथे दिन मुझे पता चला की उसी आरोपी ने मेरे ऊपर लूट का मुकदमा दर्ज करा दिया है। जब मैंने जानकारी की कि मेरे ऊपर यह मुकदमा कैसे लिख गया और मेरी तहरीर पर मुकदमा क्यों नहीं दर्ज हुआ, तो पता चला कि आरोपियों के रिश्तेदार सपा के विधूना विधायक प्रमोद गुप्ता उर्फ़ एलएस हैं। उन्हीं के कहने पर हमारे ऊपर लूट का मुक़दमा लिखा गया है। पुलिस ने मुझसे साफ कहा कि तुम्हारा मुकदमा दर्ज नहीं होगा। मैंने जब यह जानकारी पुलिस अधीक्षक औरैया को दी तो उन्होंने भी प्रार्थना पत्र लेकर मामले को जाँच के लिए लिख दिया।

मैंने कई आला अधिकारीयों से गुहार लगाई पर अभी तक कोई कार्यवाही नहीं हुई। एफआईआर तो दर्ज की पर अभी तक कोई और कार्यवाही नहीं की है। आरोपी खुले आम घूम रहे है और आए दिन मुझे व मेरे गवाहों को जान से मारने की धमकी देते रहते हैं। मुझ पर मुकदमा वापस लेने का दबाव बनाया जा रहा है लेकिन पुलिस कोई कार्यवाही नहीं कर रही। शनिवार रात मेरे गवाह पंकज भदौरिया जो की सपा का समर्थक है उस के ऊपर थाना मंगलपुर कानपुर देहात में डकैती का मुकदमा दर्ज करा दिया गया।

अब मुझे सपा सरकार में अपनी जान का ख़तरा नज़र आ रहा है। मैं आप सब के माध्यम से सपा के मुखिया व मुख्यमंत्री अखलेश जी को बताना चाहता हूं की अगर मुझे कुछ भी होता है तो सपा व सपा के विधूना विधायक प्रमोद गुप्ता उर्फ़ एलएस व औरैया पुलिस जिम्मेदार होगी। सरकार से प्रार्थना है की मुझे न्याय दिलाये क्योकि पुलिस विधयक जी के दबाव में एफआईआर को एक्सपंज करने में लगी है। (साभार आईसीएन)



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