वेज बोर्ड मांगने वाले मीडियाकर्मियों को भास्कर ने दूर फेंका तो कोर्ट से मिला सहारा!

लेबर कोर्ट शिमला ने दैनिक भास्कर, सोलन के तीन मीडियाकर्मियों के ट्रांसफर पर स्टे लगा दिया है। इन मीडियाकर्मियों ने अपने हक के लिए आवाज उठाई थी और मजीठिया वेज बोर्ड के तहत सेलरी व ड्यूज की मांग की थी। इसी ‘गुस्ताखी’ के लिए भास्कर प्रबंधन ने इनका तबादला बहुत दूर कर दिया था। लेबर कोर्ट के आज के फैसले से इन मजीठिया क्रांतिकारियों को बड़ी राहत मिली है।

मार्च महीने की 23 तारीख को सोलन से सब एडिटर यशपाल कपूर और रिपोर्टर मोहन चौहान का ट्रांसफर गुजरात के सूरत कर दिया गया था। डिजाइनर जयचंद शर्मा को 23 मार्च को ही बिहार के भागलपुर ट्रांसफर कर दिया गया था। 18 जून को लेबर कोर्ट के माननीय न्यायाधीश ने इनकी ट्रांसफर को गलत मानते हुए इस पर स्टे लगाया और कोर्ट ने इन्हें पहले की तरह सोलन में ही ज्वाइन करने के आदेश दिए। इन तीनों ने मजीठिया वेज बोर्ड के तहत अपने बकाये को पाने के लिये दैनिक भास्कर की प्रबंधन कंपनी डी बी कार्प के खिलाफ केस किया हुआ है।

लगभग तीन माह तक चले ट्रांसफर के इस केस में आखिर जीत कर्मचारियों की ही हुई। इससे अन्य कर्मियों का भी हौसला बढ़ा है क्यूंकि आजकल भास्कर में तबादलों और छंटनी की बाढ़ आई हुई है। हाल में ही चंडीगढ़ सहित कई एडिशनों में कंपनी द्वारा कर्मचारियों का ट्रांसफर किया जा रहा है। कोर्ट के इन आदेशों से भास्कर को करारा झटका लगा है। कर्मचारियों के पक्ष में यह फैसला न्यायाधीश चिराग भानू सिंह ने दिया और कर्मचारियों की तरफ से उनका पक्ष अधिवक्ता रामरतन ठाकुर ने रखा।

पत्रकार और मजीठिया क्रांतिकारी शशिकांत सिंह की रिपोर्ट. संपर्क- ९३२२४११३३५

  • भड़ास की पत्रकारिता को जिंदा रखने के लिए आपसे सहयोग अपेक्षित है- SUPPORT

 

 

  • भड़ास तक खबरें-सूचनाएं इस मेल के जरिए पहुंचाएं- bhadas4media@gmail.com

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *