देश में करीब पैंतीस हज़ार कंपनियां अवैध रूप से सामूहिक निवेश योजनाएं चला रही हैं

देश में वित्तीय करोबार जितनी तेजी से फल-फूल रहा है, वित्तीय हेरा फेरी में भी उतनी ही तेजी आई है। सारदा, सहारा, पीएसीएल, कल्पतरू जैसे चिटफंडी घोटालों की झड़ी लगी हुई है। गरीब जनता को ठगने में कई नामचीन कंपनियां भी पीछे नहीं हैं। जनता को दोगुने लाभ का झांसा देकर ठगई का व्यापार धड़ल्ले से चल रहा है। कर्पोरेट राज्य मंत्री निर्मला सीतारमन ने राज्य सभा को बताया है कि देश में अवैध तरीके से सामूहिक निवेश योजनाएं चलाने वाली 34,754 कंपनियां हैं जो रिज़र्व बैंक की अनुमति के बिना धन उगाही कर रही हैं। कल्पतरू बायोटेक कॉरपोरेशन लिमिटेड (केबीसीएल) एक ऐसी ही कंपनी है जिसेके बारे में सीबीआई ने अपनी प्रारंभिक छानबीन में पाया है कि ये कंपनी गैर कानूनी तरीके से सामूहिक निवेश योजना चला रही है। इसका कारोबार उत्तर प्रदेश, राजस्तान और मध्य प्रदेश समेत पांच राज्यों में फैला हुआ है। केबीसीएल के माध्यम से इस पूरे कारोबार को समझिए, पढ़िए ये रिपोर्ट:

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