बेटी सृष्टि रत्न समारोह में हुआ थार की बेटियों का सम्मान

बाड़मेर। गुरूवार को स्थानीय महावीर टाउन हॉल में हजारों आंखें बाड़मेर की उन बेटियों के सम्मान समारोह से रूबरू हुईं, जिन्होंने अपनी प्रतिभा के बल पर न केवल अपने परिवार बल्कि जिले का नाम जहां-भर में रोशन किया है। जिले की 18 बेटियों का सम्मान समारोह में ख्यातनाम गायक राजा हसन ने अपनी रंगारंग प्रस्तुतियां दी, वहीं मौजूदा अतिथियों ने इस कार्यक्रम को एक नई शुरूआत बताया। सरस्वती विकास एवं सेवा संस्थान, बाड़मेर की ओर से आयोजित ‘बेटी सृष्टि रत्न’ सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। इस आयोजन में बतौर मुख्य अतिथि रावत त्रिभुवन सिंह, विशिष्ट अतिथि वरिष्ठ दर्शन शास्त्री ललिता मेहता व किसान कन्या छात्रावास की व्यवस्थापिका अमृता कौर मौजूद थीं। अध्यक्षता केयर्न इंडिया सीएसआर की प्रबंधक रितु झिंगोन ने की।

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कार्यक्रम की शुरूआत टचवुड गु्रप की ओर से गणेश वंदना के साथ हुई। स्वागत गीत जामत खान ने प्रस्तुत किया। जिले की प्रतिभा प्रमिला शर्मा ने तुझसे नाराज नहीं जिंदगी, हैरान हूं मैं …गीत गाकर माहौल रंगारंग कर दिया। वहीं शीतल तंवर ने बेटियों को समर्पित कविता सुनाकर बेटियों की पीड़ा व्यक्त की। नन्हीं बालिका प्रेरणा ने शानदार नृत्य कर तालियां बटोरी। इस दौरान संतोष कंवर धांधू, हवा मंगलिया, सोनू राठौड़, प्रमिला शर्मा, प्रेरणा, जैनब बानो, स्नेहा राजपुरोहित, यशोदा देवी, जया चैधरी, विमला बिश्नोई, दरिया खत्री, सुष्मिता जैन, चांदनी सुथार, सुशीला नारायण दहिया, मुमताज खान, आशा राजपुरोहित, गीता खत्री और शीतल तंवर को सम्मानित किया गया। इस दौरान पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष रघुवीर सिंह तामलोर, जिला आईईसी समन्वयक विनोद बिश्नोई, पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष जगदीश राजपुरोहित, जिला आईईसी कंस्लटेंट अशोक राजपुरोहित, भगवान आकोड़ा, स्वरूपसिंह भाटी, स्वरूपसिंह लंगेरा, सिद्वार्थ परमार, जसवंत सिंह ताणु, प्रवीण बोथरा, कुलदीप अवस्थी, फिरोज खान, डॉ. अनिल झा, राकेश भाटी, मनोज दवे एवं आईदान का प्रतीक चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया। मंच खेमीचंद सोलंकी ने किया।

बेटी और संस्कृति बचाना आज की जरूरत

सम्मान समारोह में गायक राजा हसन ने उद्बोधन में कहा कि जिस जमीं पर बेटियों की देवियों के रूप में पूजा हुआ करती थीं, उसी धरा पर बेटियों के हत्या के मामले दुखद है। आज जरूरत है कि सबको सामूहिक प्रयास कर बेटियों को बचाना होगा। उसी तरह मान्यता के लिए संघर्ष कर रही राजस्थानी और बदहाल हो हरे राजस्थानी सिनेमा को बचाना भी बेहद जरूरी है। इस मौके पर रावत त्रिभुवनसिंह ने कहा कि बाड़मेर की बेटियों की प्रतिभाएं दबकर रह जाती हैं, जबकि उन्हें उचित मार्गदर्शन और प्रेरणा मिले तो वे राजस्थान ही नहीं देश का नाम भी रोशन कर सकती हैं। इस थार में काबलियित में कहीं कोई कमी नहीं है, बस जरूरत है बेटी के कांधे पर प्रोत्साहन के हाथ रखने की। इस मौके पर केयर्न इंडिया के रितु झिंगान ने कहा कि आज हर तरह बदलाव है और हर कोई उसी बदलाव के दौर में खुद को शामिल कर रहा है, ऐसे में हमें भी बेटी के प्रति सोच की जरूरत है। इस अवसर पर कॉलेज व्याख्याता ललिता मेहता ने कहा कि बेटियों को पालने के लिए कभी किसी तरह के अलग कार्य या पैसे की जरूरत नहीं होती, बावजूद उसे बोझ माना जाता है जो कि गलत है।

फिल्म का हुआ प्रमोशन, 26 को होगी रिलीज

राजस्थानी भाषा में पहली मर्तबा सर्वाधिक बजट वाली मरूधर म्हारो घर के जरिए राजस्थानी भाषा और राजस्थानी संस्कृति के सम्मान की बात कही गई है। प्रख्यात गायक राजा हसन ने इस आयोजन में इस फिल्म के जरिए लोगों से मायड़ भाषा के लिए एकजुट होकर कदम बढ़ाने की अपील की। हसन ने टाउन हॉल में मौजूद लोगों को अपनी प्रस्तुतियों के बाद अपनी भाषा के लिए कदम बढ़ाने की मार्मिक अपील की, जिसे सैंकड़ों लोगों ने जोरदार तालियों के साथ समर्थन किया। कार्यक्रम में राजा हसन ने फिल्म मरूधर म्हारो घर, फिल्म दे ताली के कुछ गीत भी गाये।

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