दस दिनों में बिहार-झारखंड के दर्जनों पत्रकार काल कवलित हो चुके हैं!

डॉक्टर चंदन शर्मा-

पत्रकार साथी सबसे ज्यादा जरूरी है पहले दिन से इलाज कराएं। हल्के में न लें, यह स्ट्रेन बहुत खतरनाक है। कोविड प्रोन एरिया में न जाएं। जिंदा रहेंगे तो पत्रकारिता जीवनभर चलती रहेगी।

फोटो जर्नलिस्ट अतिरिक्त सावधानी बरतें। अब भी कुछ साथी मास्क नहीं लगा रहे, जो बिल्कुल गलत कर रहे। सेनिटाइजर का इस्तेमाल बढ़ा दें। घर आ कर अपना सामान अलग रखिए और सबसे पहले स्नान कल लें। साबून के इस्तेमाल में कोताही न करें।

डायट सही रखिए, इम्यूनिटी पर बहुत ज्यादा ध्यान देने की जरूरत है। स्वस्थ रहिए, प्रसन्न रहिए। खुद को मजबूत रखेंगे, तभी समाज का भी भला कर पाएंगे और स्वजन का भी। पिछले 10 दिनों में बिहार-झारखंड के दर्जनों पत्रकार काल कलवित हो चुके हैं। कलम पर पकड़ मजबूत रखनी है, पर खुद को बचा कर।

टीका जरूर लगवाएं, इसके अलावा कोई विकल्प नहीं। दबाव बनाना चाहिए कि केंद्र सरकार जर्नलिस्ट को फ्रंट वारियर माने। राज्य सरकारों को कोरोना योद्धा की तरह न्यूनतम 50 लाख के बीमे का प्राविधान करना चाहिए।



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