उषा प्रियंवदा, चित्रा मुद्गल एवं डॉ.ज्ञान चतुर्वेदी को ढींगरा फ़ाउण्डेशन साहित्य सम्मान

उत्तरी अमेरिका की प्रमुख त्रैमासिक साहित्यिक पत्रिका ‘हिन्दी चेतना’ के भारत समन्वयक तथा पत्रिका के सह सम्पादक पंकज सुबीर के मुताबिक ‘ढींगरा फ़ाउण्डेशन-अमेरिका’ तथा ‘हिन्दी चेतना-कैनेडा’ के साहित्य सम्मानों की घोषणा कर दी गई है। निर्णायक समिति के समन्‍वयक लेखक नीरज गोस्‍वामी के अनुसार सम्मान के लिए प्रसिद्ध साहित्यकार उषा प्रियंवदा, चित्रा मुद्गल एवं डॉ. ज्ञान चतुर्वेदी को चयनित किया गया है। सम्मान समारोह 30 अगस्त 2015 को मोर्रिस्विल, नार्थ कैरोलाइना, अमेरिका में आयोजित किया जाएगा। तीनों रचनाकारों को ‘ढींगरा फ़ाउण्डेशन-अमेरिका’ की ओर से पांच-पाँच सौ डॉलर (लगभग 31 हज़ार रुपये) प्रदान किए जाएंगे।

पंकज सुबीर ने बताया कि प्रेमचंद सम्मान तथा डॉ. मोटूरि सत्यनारायण पुरस्कार से सम्मानित उषा प्रियंवदा प्रवासी हिंदी साहित्यकार हैं। उनकी प्रमुख कृतियों में फिर वसंत आया, जिन्दग़ी और गुलाब के फूल, पचपन खंभे लाल दीवार, रुकोगी नहीं राधिका, शेष यात्रा आदि हैं। वरिष्ठ कहानीकार चित्रा मुद्गल के अभी तक तीन उपन्यास, ग्यारह लंबी कहानियाँ आ चुकी हैं। पद्मश्री डॉ. ज्ञान चतुर्वेदी भोपाल में चिकित्सक के रूप में सेवारत हैं। उल्लेखनीय है कि 2014 से प्रारंभ किये गए ढींगरा फ़ाउण्डेशन-हिन्दी चेतना अंतर्राष्ट्रीय साहित्य सम्मान पिछले वर्ष साहित्यकारों महेश कटारे, सुदर्शन प्रियदर्शिनी तथा हरिशंकर आदेश को कैनेडा के टोरेण्टो में प्रदान किये गए थे। उत्तरी अमेरिका की त्रैमासिक साहित्यिक पत्रिका ‘हिन्दी चेतना’  को गत 16 वर्षों से हिन्दी प्रचारिणी सभा प्रकाशित कर रही है। उसके सम्पादक मंडल में श्याम त्रिपाठी संरक्षक, डॉ. सुधा ओम ढींगरा सम्पादक एवं रामेश्वर काम्बोज ‘हिमांशु’, पंकज सुबीर और अभिनव शुक्ल सह सम्पादक हैं। 

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