ड्यूटी के दौरान दिव्यांग हुए मीडियाकर्मी पर भी रहम नहीं खा रहा ईटीवी प्रबंधन, पीएम को लिखा पत्र

बृजेश कुमार अंबानी की कंपनी news 18 ग्रुप के ETV न्यूज़ चैनल में सीनियर कॉपी एडिटर हैं. वे कई महीनों से भटक रहे हैं. इनका प्रबंधन ने लखनऊ से हैदराबाद ट्रांसफर कर दिया था. ये लखनऊ में ही रहकर काम करना चाहते हैं क्योंकि ये दिव्यांग हैं और उनकी पत्नी भी विकलांग हैं. जबसे ट्रांसफर हुआ है, तबसे उनकी सैलरी बंद है.

कोई सुनने वाला नहीं है. इस विकलांग पत्रकार का परिवार भुखमरी के कगार पर है. प्रधानमंत्री कार्यालय से भी कोई हल नहीं निकल रहा है. इनके बच्चे की पढ़ाई रुक गई है. पत्नी भी फाईलेरिया की वजह से विकलांग हैं. आर्थिके तंगी चरम पर है.

कहा जा रहा है कि उन्हें ट्रांसफर के बहाने निकालने की साज़िश की गई है. दिसम्बर में etv लखनऊ ऑफिस से 10 लोगों का हैदराबाद ट्रांसफर किया गया. अब तक 5 लोग ट्रांसफर की वजह से रिजाइन कर चुके हैं. ईटीवी की पालिसी है कि दूर ट्रांसफर कर दो, आदमी खुद ही काम छोड़ देगा.. रिलायंस का अधिपत्य होने के बाद यह संकट आया है… बताया जाता है कि रामोजी राव के जमाने इम्प्लाइज का हमेशा ख्याल रखा जाता था..

फिलहाल ईटीवी का HR यही बार बार कहता है कि दिव्यांग बृजेश के मामले में विचार हो रहा है. एचआर वाले 5 महीने से अब तक विचार ही कर रहे हैं… बृजेश जब तक स्वस्थ थे, तब तक ज़रूरत के हिसाब से ईटीवी वाले उन्हें हर शिफ्ट में बुलाते थे. कभी सुबह तो कभी दोपह , कभी रात. ड्यूटी के दौरान एक्सीडेंट में बृजेश विकलांग हो गए तो अब ईटीवी वाले उन्हें ट्रांसफर के बहाने निकालना चाहते हैं… देखिए बृजेश ने जो पीएम को पत्र लिखा है, उसमें क्या कहा है….

सेवा में
माननीय श्री नरेन्द्र मोदी जी
प्रधानमंत्री, भारत सरकार।

विषय:-ड्यूटी आते वक्त एक्सीडेंट में दिव्यांग हुए कर्मी का ट्रांसफर रोकने के संबंध में

महोदय,अवगत कराना है कि प्रार्थी (बृजेश कुमार) पैनोरमा टेलीविज़न प्रा.लि. रामोजी फ़िल्म सिटी हैदराबाद-501512 के ETV (news18 ग्रुप) न्यूज़ चैंनल में लखनऊ स्थित ऑफिस में सीनियर कॉपी एडिटर के पद पर विगत 9 वर्षों से तैनात है।

19 दिसम्बर 2017 को मेरा ट्रांसफर लखनऊ से हैदराबाद कर दिया गया।जिसको लेकर मैंने अपनी समस्या शीर्ष अधिकारियों को 20-12-2017, 23 और 26-12-20217 समेत कई बार मेल करके अवगत कराया। साथ ही इलाज़ सम्बन्धी पर्चे सहित प्रार्थनापत्र रजिस्टर्ड डाक से भी दो बार भेजा। अधिकारियों को फोन से भी अपनी समस्या बताई तो पता चला मामले में विचार हो रहा है। 4 महीने बीत जाने के बाद भी प्रार्थनापत्र और मेल का कोइ जवाब नहीं दिया गया। और ना ही कोई निर्णय लिया गया।

22 दिसम्बर 2013 को घर से ऑफिस आते वक़्त मेरा एक्सीडेंट हो गया था।जिसमें दाहिना पैर बुरी तरह फ्रैक्चर हो गया। KGMU के डॉक्टरों न कहा पैर काटना पड़ेगा।फिर किसी तरह प्लेट और 10 स्क्रू लगाकर पैर को बचाया। लेकिन घुटने का कुछ हिस्सा निकाल दिया गया। जिसमें शारीरिक रूप से 60 प्रतिशत विकलांग हो गया हूँ। पैर 2 इंच छोटा हो गया है। पैर मुड़ता नहीं और सीधा रहता है। चलने फिरने में प्लेट के स्क्रू ढ़ीले हो जाने की वज़ह से 1 वर्ष बाद दोबारा ऑपरेशन कराना पड़ा। जिससे प्रार्थी का जीवन बहुत ही कष्टकारी हो गया है। दर्द बना रहता है।चलने फिरने पर सूजन बढ़ जाती है। 4 वर्षों से लगातार इलाज़ चल रहा है।

यह भी अवगत कराना है कि मेरी पत्नी (बीना) को बायें पैर में फाईलेरिया (पैर बहुत मोटा हो गया) और शुगर समेत कई बीमारी से पीड़ित है। इन्फेक्शन के कारण पैर का दो बार ऑपरेशन भी हो चुका है। इलाज़ चल रहा है। 4 साल का बेटा है जिसका स्कूल में एडमिशन कराया है। 15 साल पहले माता पिता का देहांत हो गया था।ऐसी स्थिति में पत्नी और बेटे की देखभाल करने वाला भी कोई नहीं है।
अतः आप से करबद्ध प्रार्थना है कि आर्थिक तंगी से परेशान दिव्यांग कर्मी को परिवार का पालन पोषण करना मुश्किल हो गया है।मेरा ट्रांसफर रोकते हुए लखनऊ आफिस में ही कार्य करने की अनुमति प्रदान की जाए।परिवार समेत आजीवन आभारी रहूंगा।

(बृजेश कुमार)
सीनियर कॉपी एडिटर
ETV न्यूज़ चैंनल (news 18 ग्रुप)
EMP Code- 3068556
Mob.09305372778
WhatsApp no. 09807635193

पता:-544C/1104 विजयपुरम राजा बिहार, बालागंज, लखनऊ।
डाकघर-चौक 226003 (UP)

मूल निवासी-नैमिषारण्य तीर्थ मोहल्ला-दक्षिण वार्ड
जिला-सीतापुर
पिनकोड 261402 (UP)

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One comment on “ड्यूटी के दौरान दिव्यांग हुए मीडियाकर्मी पर भी रहम नहीं खा रहा ईटीवी प्रबंधन, पीएम को लिखा पत्र”

  • अक्षत सक्सेना says:

    बहुत दुखद हैं, इतनी परेशानी के बावजूद भी कोई इनकी सुनने को तैयार नही हैं, ऐसे समय पर लखनऊ मे कार्यरत शीर्ष अधिकारी को इनकी समस्या का निस्तारण अपने स्तर पर करना चाहिए, अन्यथा बड़ी बड़ी बातें करने से कुछ नही होगा।
    मानवता और सम्वेदनाए तो लगता हैं अब ख़त्म सी हो गयी हैं।

    Reply

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