ये हेडिंग छपने के बाद दैनिक जागरण में मचा बवाल

दैनिक जागरण के कानपुर संस्करण में छपी एक खबर में शीर्षक कुछ ऐसा दिया गया है कि अर्थ का अनर्थ हो रहा है। खबर के शीर्षक और इंट्रो में बताया गया है कि भाजपा भ्रष्टाचार से जुटाए धन से गरीबों का कल्याण कर रही है।

डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने दूसरी सरकारों पर निशाना साधा था, लेकिन दैनिक जागरण ने भाजपा पर ही आरोप लगा दिया। बताया जाता है कि यह खबर चित्रकूट के रिपोर्टर ने तो सही भेजी थी, लेकिन इसे डेस्क के लोगों ने संपादित किया और आगे बढ़ा दिया।

इस खबर को लेकर दैनिक जागरण में बवाल मचा हुआ है।



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Comments on “ये हेडिंग छपने के बाद दैनिक जागरण में मचा बवाल

  • विश्वराज says:

    दैनिक जागरण में राज्य संपादक आशुतोष शुक्ल जी किसी जमाने में हम जैसों के लिए आदर्श हुआ करते थे, उनके इर्द गिर्द बैठ रहे कुछ लोगों ने उनकी आंखों पर गजब पर्दा डाल रखा है। इतने कान के कच्चे हैं कि बस चले तो लोगों का हगना मूतना भी बंद करवा दे ये आदमी।

    ये हेडिंग तो उस खीझ को दिखाती है जो सबसे बड़ी डेस्क पर एक निहायत ही अयोग्य और चाटुकार व्यक्ति को बैठाने पर होती है। उसे आता ही क्या है दारू पीकर सड़क पर गिरने के अलावा।

    इनको महिला प्रपंच चाहिए, चाटुकारिता के ये महा हैं। ये आदमी ऐसी नीच पॉलिटिक्स करता है जो शायद किसी ने न की हो।

    दरअसल ये राजू मिश्र बनना चाहता है, जो बेचारा बन नहीं पाया, न बन पाएगा।

    सोचिए जिस व्यक्ति को जागरण प्रबंधन ने कभी छोटे से एडिशन का भी प्रभारी नहीं बनाया वो राजू मिश्र जैसे व्यास की कुर्सी पर बैठा है।

    इन्हें केवल चाटुकारिता चाहिए, खैर! दुख इस बात का है अपने विदायिकाल से पूर्व आशुतोष शुक्ल जैसे व्यक्ति का ऐसा पतन।

    बेहद शर्मनाक है। ये इशारेबाजी में लोगों को निकलते हैं, हिसाब इनका भी होगा कभी न कभी। वैसे भी कुर्सी गई, रुतबा गया।

    और चाटुकार अपने बाप को नहीं होते।

    खैर!
    राजा भरत और मृग की कहानी पढ़िए। ये भी किसी कोने में मिलेंगे। क्योंकि जो लोग काबिल हैं उनको तो ये अपने चाटुकारों की सलाह पर ठिकाने लगा देते हैं।

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    • चटकारो से तो पूरी पत्रकारिता भरी हुई है। जबलपुर पत्रिका में इतनी घटिया पत्रकारिता की जा रही है की सामान्य ढंग से काम करने वाले पागल हो जाएंगे।

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  • चटकारो से तो पूरी पत्रकारिता भरी हुई है। जबलपुर पत्रिका में इतनी घटिया पत्रकारिता की जा रही है की सामान्य ढंग से काम करने वाले पागल हो जाएंगे।

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