जनसंदेश के जीएम ने 15 कर्मचारियों को निकाला, अखबार बंद होने के कगार पर

मध्यप्रदेश जनसंदेश में मनमानी का आलम यह है कि बिना बताए 15 कर्मचारियों को नौकरी से निकाल दिया गया। अब अखबार बंदी की कगार पर है। सेलरी लेने के लिए लोगों को चक्कर काटने पड़ रहे हैं। जीएम की मनमानी चल रही है, जिसे चाहे सेलरी दे या नहीं। कई पूर्व कर्मचारियों को सेलरी नहीं दी गई। पीड़ित कर्मियों का कहना है कि जीएम अजय सिंह से जब सेलरी की बात की जाए तो उनका जवाब होता है, आप को तो नोटिस नहीं दिया। जिन 15 लोगों को नौकरी से निकाला गया है, क्या उन्हें नोटिस दिया गया है, नहीं, ये मनमानी ही है। 

अखबार के कर्मचारियों को सैलरी देने के लिए कंपनी के पास पैसा नहीं है लेकिन मजेदार बात है कि अधिकारियों को  घूमने के लिए कई तरह के फंड मालिकों ने दे रखे हैं। एचआर हेड रहे रवि तिवारी भी किनारे लगाए जा चुके हैं। ताजा हालात ये हैं कि लोगों को कम सैलरी पर काम करने को मजबूर किया गया है। जिन्होंने कम सैलरी पर काम करने से मना कर दिया उन्हें बाहर का रास्ता दिखा दिया गया। कुछ लोग हैं, जिन्हें कहीं नौकरी नहीं मिल रही, वे वहीं पड़े हैं। 

कहने को तो जीएम बहुत अनुभवी है लेकिन वो कार्यालय के चपरासी से भी उलझ जाता है। उसका सारा दिमाग संपादकीय में लगा रहता है। बाकी कंपनी जाए भाड़ में। अपनी नौकरी बचाने के लिए वह कास्ट कटिंग के बहाने सबको किनारे लगाये चला जा रहा है।  

एक पत्रकार द्वारा भेजे गए पत्र पर आधारित

भड़ास के माध्यम से अपने मीडिया ब्रांड को प्रमोट करें. वेबसाइट / एप्प लिंक सहित आल पेज विज्ञापन अब मात्र दस हजार रुपये में, पूरे महीने भर के लिए. संपर्क करें- Whatsapp 7678515849 >>>जैसे ये विज्ञापन देखें, नए लांच हुए अंग्रेजी अखबार Sprouts का... (Ad Size 456x78)

भड़ास की खबरें व्हाट्सअप पर पाएं, क्लिक करें- Bhadas WhatsApp News Alert Service

 

Comments on “जनसंदेश के जीएम ने 15 कर्मचारियों को निकाला, अखबार बंद होने के कगार पर

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *